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Paralympic : पैरा ओलंपिक में भी दम दिखाएंगे म्हारे 19 होनहार

पैरा ओलंपिक टोक्यो में हिस्सा ले रहे 54 सदस्यीय दल में भी एक तिहाई से ज्यादा यानि दो महिला समेत सर्वाधिक 19 पैरा खिलाड़ी हरियाणा के शामिल है। प्रदेश के इन पैरा खिलाड़ियों में भाला फेंक और निशानेबाजी में चार-चार, क्ल्ब थ्रो में तीन, डिस्कस थ्रो दो, तथा ऊंची कूद, पावरलिफ्टिंग, शॉटपुट, आर्चरी, ताईक्वांडो व बैडमिंटन में एक-एक खिलाड़ी शामिल हैं।

Paralympic : पैरा ओलंपिक में भी दम दिखाएंगे म्हारे 19 होनहार
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ओ.पी. पाल : रोहतक

टोक्यो ओलंपिक की तरह पैरालंपिक गेम्स में भी हरियाणा के खिलाड़ियों का दबदबा नजर आएगा। पैरा ओलंपिक टोक्यो में हिस्सा ले रहे 54 सदस्यीय दल में भी एक तिहाई से ज्यादा यानि दो महिला समेत सर्वाधिक 19 पैरा खिलाड़ी हरियाणा के शामिल है। प्रदेश के इन पैरा खिलाड़ियों में भाला फेंक और निशानेबाजी में चार-चार, क्ल्ब थ्रो में तीन, डिस्कस थ्रो दो, तथा ऊंची कूद, पावरलिफ्टिंग, शॉटपुट, आर्चरी, ताईक्वांडो व बैडमिंटन में एक-एक खिलाड़ी शामिल हैं।

टोक्यो ओलंपिक भारत का अब तक का सबसे सफल ओलंपिक रहा, जिसमें उन्होंने सात पदक जीते, जिसमें भाला फेंक में नीरज चोपड़ा का एक मात्र स्वर्ण पदक लेकर इतिहास रचा है। अब 24 अगस्त से 5 सितंबर तक टोक्यो में उस समय की उलटी गिनती चल रही है, जिसमें भारत के सबसे बड़े 54 दिव्यांग खिलाड़ियों के दल में शामिल सर्वाधिक 19 हरियाणा के पैरा खिलाड़ियों का दमखम देखने को मिलेगा। यानि भारत के लिए गौरव की एक नई गाथा लिखने में हरियाणा के दिव्यांग खिलाड़ी पूरे उत्साह और जुनून के बड़ी हिस्सेदारी करने को तैयार हैं। राज्य के कई एथलीट के नाम सर्वश्रेष्ठ रिकार्ड दर्ज हैं। प्रदेश के अमित सिरोहा तीसरी बार और सुमित अंतिल व रामपाल चाहर दूसरी बार पैरा ओलंपिक का सफर तय कर रहे हैं। प्रदेश के इस पैरा ओलंपिक में जितने खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं, उतने तो पिछले रियो पैरा ओलंपिक में पूरे देश से गये थे।

भाला फेंक : भारतीय क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी के जीवन पर आधारित फिल्म से प्रेरणा लेकर नौकरी छोड़ने वाले बल्लभगढ़ निवासी युवा पैरा खिलाड़ी रंजीत सिंह भाटी का भी टोक्यो पैरालंपिक में भाला फेंकेंगे। रंजीत ने वर्ष 2019 में मोरक्को ग्रांड प्रिक्स में चौथा स्थान प्राप्त किया था। राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर पहले पैरालंपिक ट्रायल के लिए क्वालीफाई किया, जिसमें उन्होंने 44.50 मीटर भाला फेंककर पैरा ओलंपिक का टिकट हासिल किया। सोनीपत के सुमित अंतिल ने भाला फेंक की एफ44 श्रेणी में अपने ही विश्व रिकॉर्ड 66.90 मीटर पर भाला फेंकते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। जबकि भारतीय एथलेटिक्स संघ द्वारा पटियाला में आयोजित इंडियन ग्रां प्रि में 66.43 मीटर का रिकॉर्ड बनाया था। इसी प्रदर्शन की बदौलत वह टोक्यों में पदक की उम्मीद कर रहे हैं। पानीपत के नवदीप ने भाला फेंक की एफ41 श्रेणी स्पर्धा में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीतकर विश्व रैंकिंग के शीर्ष तीन में जगह ही नहीं बनाई, बल्कि टोक्यो पैरालंपिक्स में भी स्थान पक्का कर लिया है। नवदीप का का लक्ष्य पैरा ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतना है। रेवाडी में बवाल निवासी टेकचंद ने एफ-54 वर्ग 2018 में जकार्ता में आयोजित एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीत चुके हैं तथा 2019 में दुबई में हुई विश्व चैंपियनशिप में छठा रैंक हासिल किया था। इसी साल राष्ट्रीय पैरा एथलेटिक चैंपियनशिप में भाला फेंक, डिस्कस और शाटपुट में भी एक-एक स्वर्ण पदक जीतकर भाला फेंक में ओलंपिक का टिकट पाया है।

चक्का फेंक : पैरा ओलंपिक में क्ल्ब थ्रो के खिलाड़ी भी हिस्सा लेंगे, लेकिन डिस्कस थ्रो के लिए रोहतक निवासी विनोद कुमार मलिक (एफ-56) ने उम्मीद जताई है कि वे पिछले 7 महीनों से वे बैंगलोर में प्रैक्टिस कर रहे थे। जिस प्रकार प्रदर्शन की बदौलत उनका पैरा ओलंपिक के लिए चयन हुआ है, वह पदक हासिल करने की उम्मीद पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। बहादुरगढ़ के योगेश कथूरिया तो चक्का फेंक में रिकार्डधारियों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्टार बन चुके हैं। अंतर्राष्ट्रीय डिस्कस थ्रोअर (एफ-56) योगेश कथूरिया ने ट्रायल में 45.58 मीटर दूर चक्का फेंककर पहला स्थान पाकर पैरा ओलंपिक का सपना पूरा किया।

ऊंची कूद : हरियाणा के झज्जर जिले में माछरौली गांव के 32 वर्षीय रामपाल चाहर किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। अब टोक्यो में होने वाले दिव्यांग खिलाड़ियों के ओलंपिक के लिए चयन होने के बाद उन पर सभी की निगाहें हैं। रामपाल चाहर का एक हाथ नहीं है और वे अपने एक हाथ के दम पर ही दुनिया जीतना चाहते हैं। चाहर ने 2011 में पैरा एथलेटिक्स शुरू की और लंदन पैरालंपिक को देखकर रियो में खेलने का सपना देखा, जिसे उन्होंने पूरा भी किया, लेकिन टोक्यो पैरा ओलंपिक में वे स्वर्ण पदक जीतकर अपने किसान पिता के सपने का पूरा करना चाहते हैं।

तीरंदाजी : टोक्यो पैरा ओलंपिक में तीरंदाजी यानि आर्चरी स्पर्धा के लिए चयनित कैथल जिले के गुहला कस्बा निवासी हरविंदर सिंह का पैरा ओलंपिक के लिए आर्चरी स्पर्धा के लिए चयन हुआ है। विश्व रैंकिंग प्रतियोगिता में हरविंदर ने टीम इवेंट में स्वर्ण पदक जीत चुके हरविंदर ने इससे पहले नीदरलैंड में हुई प्रतियोगिता में पैरालंपिक का कोटा जीता था। अब उनका लक्ष्य केवल पैरालंपिक में देश के लिए पदक हासिल करना है।

ताईक्वांडो : प्रदेश के भिवानी जिले में दिनोद गांव निवासी अरुणा तंवर टोक्यो पैरालंपिक में ताईक्वांडो 49 किलो भार वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। वर्ल्ड रैंकिंग में चार नंबर की खिलाड़ी अरुणा तंवर ने वर्ष 2016 से ताईक्वांडो खेल की शुरूआत की। ओलंपिक के लिए अरुणा तंवर ने रोहतक स्थित एमडीयू में जमकर अभ्यास कर पसीना बहाया है, जिसके देश के लिए पदक जीतने की उम्मीद है।

बैडमिंटन : प्रदेश के हिसार निवासी बैडमिंटन खिलाड़ी पुरुष एकल एसएल4 इवेंट के लिए टोक्यो ओलंपिक में चुने गये हैं। भारत के लिए तरुण ढिल्लों पैरालिंपिक में मजबूत उपस्थिति होना सुखद है। भारतीय पैरा शटलर एशियाई पैरा खेलों और विश्व चैंपियनशिप सहित अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और अब उसके सामने पैरालिंपिक में शानदार प्रदर्शन करने की दरकार होगी, जिनसे पदक की उम्मीद की जा रही है।

पावर लिफ्टिंग : पैरा ओलंपिक टोक्यों के लिए रोहतक निवासी पावरलिफ्टर जयदीप कुमार पर भी देश की निगाहें टिकी होंगी। अंतर्राष्ट्रीय पैरा पावरलिफ्टिंग ने जयदीप कुमार (65 किलो) वर्ग में हिस्सा लेंगे। जयदीप का मानना है कि दुबई में आखिरी क्वालीफिकेशन टूर्नामेंट में भाग नहीं ले पाने के कारण उन्हें इस बात का पता नहीं था कि पैरालम्पिक खेल सकेंगे या नहीं। लेकिन अब उनके चयन होने पर वे बेहतर प्रदर्शन करके देश के लिए पदक लाने का प्रयास करेंगे।

शॉट पुट : प्रदेश के हिसार निवासी अरविन्द मलिक का पैरा ओलंपिक में शॉटपुट एफ35 के लिए चयन हुआ है। हालांकि अरविंद मलिक रोहतक के रहने वाले हैं, जिन्होंने हिसार के राजकीय पीजी कालेज से उच्च शिक्षा हासिल की है। उन्होंने एशियन पैरा गेम्स दुबई में बेहतरीन प्रदर्शन करके अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जगह बनाई, जिन्हें टोक्यो पैरा ओलंपिक में पदक की उम्मीद है। इनका मुकाबला दो सितंबर को होना है।

क्लब थ्रो : हरियाणा के सोनीपत जिले के अंतरराष्ट्रीय क्लब थ्रोअर अमित सिरोहा ने टोक्यो पैरा ओलंपिक से पहले रियो और लंदन ओलंपिक में भी हिस्सा ले चुके हैं। तीसरी बार ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे अमित सिरोहा अब तक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 26 मेडल जीत चुके अमित सिरोहा को अर्जुन पुरस्कार भी मिल चुका है। अब टोक्यो में सिरोहा क्लब थ्रो व डिस्कस थ्रो यानि दो स्पर्धाओं में अपना दम दिखाने को तैयार हैं। सोनीपत के ही व्हीलचेयर एथलीट धर्मबीर का टोक्यो पैरा ओलंपिक में दूसरा सफर होगा। एथलीट की इस स्पर्धा में हरियाणा रोजगार विभाग में सहायक रोजगार अधिकारी के पद पर कार्यरत हिसार निवासी एकता भ्याण हरियाणा की एक मात्र महिला पैरा एथलीट है, जो क्लब थ्रो गैम की कैटेगरी एफ-51 में हिस्सा लेंगी।

निशानेबाजी : टोक्यो पैरा ओलंपिक में प्रदेश के चार दिग्गज निशाना साधेंगे। इनमें वल्लभगढ़ फरीदाबाद के भारतीय स्टार निशानेबाज बनकर उभरे 19 साल के मनीष नरवाल पी-4 मिश्रित 50 मीटर पिस्टल एसएच1 स्पर्धा में विश्व रिकॉर्ड तोड़ते हुए स्वर्ण पदक जीतने के बाद पैरा ओलंपिक में जगह बनाई। उन्होंने 16 साल की उम्र में विश्व कप में स्वर्ण पदक जीता। उनके नाम कई अंतर्राष्ट्रीय रिकार्ड है, जिनकी बदौलत पैरा ओलंपिक में 10 मीटर पिस्टल व व 50 मीटर मिश्रित में अपना जौहर दिखाने को तैयार है। बल्लभगढ़ के ही सिंह राज भी पैरा ओलंपिक में अपना सटीक निशाना साधने के इरादे से टोक्यो गए हैं। भारतीय निशानेबाज सिंहराज का अपने प्रदर्शन की बदौलत पैरा ओलंपिक में पदक हासिल करना है। करीब चौदह साल के बाद ओलंपिक खेलने का सपना साकार करने जा रहे अंबाला के निशानेबाज दीपक सैनी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कांस्य पदक जीत चुके हैं, जो पैरा ओलंपिक में पदक का रंग बदलने का प्रयास करेंगे। इनके अलावा चौथे निशानेबाज के रूप में पी3 मिश्रित 25 मीटर एयर पिस्टल एसएच1 में अपने शानदार प्रदर्शन की बदौलत पैरा ओलंपिक में देश के लिए पदक जीतना चाहते हैं।

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