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सरसों ने किया किसानों को मालामाल, इतना मिल रहा भाव

सरसों न्यूनतम समर्थन मूल्य से ऊपर बिक रही है। लाल सरसों का दाम अलग है तो पीली सरसों का अलग भाव किसानों को मिल रहा है।

सरसों ने किया किसानों को मालामाल, इतना मिल रहा भाव
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घरौंडा नई अनाज मंडी में सरसों को साफ करते मजदूर।

घरौंडा। सरसों की फसल ने किसानों के चेहरों पर रौनक ला दी है। नई अनाज मंडी में सरसों न्यूनतम समर्थन मूल्य से ऊपर बिक रही है। लाल सरसों का दाम अलग है तो पीली सरसों का अलग की भाव किसानों को मिल रहा है। सरसों का सरकारी रेट 4650 रुपए प्रति क्विंटल है, जबकि मंडी में किसानों की फसल 4700 से 5700 तक बिक रही है। यदि मार्किट कमेटी के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो एक सप्ताह के भीतर मंडी में लगभग 200 क्विंटल से ज्यादा सरसों की आवक हो चुकी है और जैसे-जैसे किसानों की फसल पकेगी, वैसे ही मंडी में आवक बढ़ेगी।

मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर घरौंडा क्षेत्र के 350 किसानों ने लगभग 1300 एकड़ में सरसों की फसल का पंजीकरण करवाया है। किसानों की फसल पककर तैयार हो चुकी है और किसान अपनी फसल को मंडी में लेकर पहुंच रहे है। मंडी में पहुंचते ही किसानों की फसलों को प्राइवेट एजेंसियों द्वारा खरीद लिया जाता है। किसानों को उनकी फसल के अच्छे भाव भी मिल रहे है। शनिवार को जहां सामान्य सरसों 4681 से लेकर 5100 रुपए तक बिकी, वहीं पीली सरसों की बोली 5700 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंची। वहीं किसानों का कहना है कि वे सरसों की फसल मंडी में लेकर पहुंच रहे है। सरकारी खरीद अभी शुरू नहीं हुई है लेकिन प्राइवेट एजेंसियों द्वारा उनकी फसल को खरीदा जा रहा है।

वहीं सरसों खरीददारों की माने तो सरसों की फसल मंडी में पहुंच रही है और फसल को खरीददारों द्वारा हाथों हाथ खरीद लिया जाता है। हेफेड के इंस्पेक्टर ईश्वर सिंह ने बताया कि हेफेड की तरह से सरसों खरीद की तैयारी पूरी है। फिलहाल सरकार की तरफ से सरसों खरीद को लेकर कोई आदेश नहीं आए है। उम्मीद है कि 25 मार्च के बाद खरीद को लेकर कोई आदेश आए।


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