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पर्वतारोही अनीता कुंडू ने उत्तराखंड की सबसे खतरनाक चोटी रुदूगैरा को फतेह किया

अनीता (Anita )इस अभियान के तहत पूरे देशभर से 25 पर्वतारोहियों के एक दल नेतृत्व कर रही थी। अनीता ने सेटेलाइट के माध्यम से बताया कि बहुत खतरनाक रास्तों से होते हुए उन्होंने छह दिन में इस अभियान को सफल बनाया है।

World renowned mountaineer Anita Kundu
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विश्व विख्यात पर्वतारोही अनीता कुंडू

विश्व विख्यात पर्वतारोही अनीता कुंडू (Mountaineer Anita Kundu) ने उत्तराखंड में स्थित रुदुगैरा को फतेह कर लिया है। उनका यह अभियान प्रधानमंत्री और खेल मंत्री (Prime minister and Sports minister) द्वारा चलाए गए अभियान फिट इंडिया मूवमेंट (Fit India Movement) को बढ़ावा देने के लिए था। इस दौरान अनीता अनेक तरह की आपदाओं से लड़ी। हर कदम पर विपरीत हालात थे, पर उसने हौसला बनाए रखा और शिखर को छू लिया। इस अभियान के लिए अनीता 25 सितम्बर को घर से निकली थी, 28 को सुबह 5 बजे गंगोत्री से चढ़ाई शुरू की थी।

अनीता इस अभियान के तहत पूरे देशभर से 25 पर्वतारोहियों के एक दल नेतृत्व कर रही थी। अनीता ने सेटेलाइट के माध्यम से बताया कि बहुत खतरनाक रास्तों से होते हुए उन्होंने छह दिन में इस अभियान को सफल बनाया है। बता दें कि अनिता हाल ही में राष्ट्रपति के हाथों एडवेंचर के सबसे बड़े अवॉर्ड तेनजिंग नोर्गे से भी सम्मानित हुई है। रुदुगैरा की ऊंचाई 5800 मीटर ऊंची है। परन्तु ये एक टेक्निकल माउंटेन है। इसकी अपनी भौगोलिक परिस्थितियां हैं।

मेरे पांव से लगता हुआ नीचे गया : कुंडू

पर्वतारोही अनीता कुंडू ने यह भी बताया कि अनेक जगह भयभीत करने वाली थी, पर मैंने अपने कदमों को जमाए रखा, और आखिर तीन अक्टूबर की सुबह शिखर में तिरंगा लहराने में कामयाब रही। जब मैं शिखर को छू कर के नीचे आ रही थी तो ऊपर से एक पत्थर घूमता हुआ आया और मेरे पांव से लगता हुआ नीचे गया। शुक्र है परमात्मा का जो सिर में लगने से मैं बाल- बाल बच गई। माउंटेन में हर कदम पर इस तरह की अनेक खतरनाक हालात बनती रहती है।

कामयाबी में मां और ताऊ का बड़ा योगदान

अनीता ने बताया कि मेरी इस कामयाबी में मेरी मां और मेरे ताऊ का अहम योगदान है। मेरी मां ने विपरीत परिस्थितियों में भी मुझ पर विश्वास किया और मेरे ताऊ ने हमेशा पढ़ने और खेलने के लिए प्रोत्साहन दिया। अनीता ने बताया कि मेरा सपना है कि हर बेटी पढ़े और खेले, अपने मां-बाप और देश प्रदेश का नाम रोशन करें। जिस प्रकार अपने हालातों से मैं लड़ी, वे सब भी ऐसे ही बहादुरी से अपने जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना करें और अपने जीवन में सफल हो।

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