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पीएचसी व एचडब्ल्यूसी में स्थापित होंगे आधुनिक 'हेल्थ वेलनेस सेंटर'

स्वास्थ्य विभाग ने नवंबर-2019 में 10 पीएचसी व सात उपस्वास्थ्य केंद्रों का चयन किया था। इसके बाद अब 80 उपस्वास्थ्य केंद्र की मंजूरी मिली है।

पीएचसी व एचडब्ल्यूसी में स्थापित होंगे आधुनिक हेल्थ वेलनेस सेंटर
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ग्रामीण क्षेत्र में बना हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर। 

सतीश सैनी : नारनौल

स्वास्थ्य विभाग पीएचसी व एचडब्ल्यूसी स्वास्थ्य केंद्रों को आधुनिक 'हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर' में तब्दील करेगा। इन भवनों का रूप रंग भी बदलेगा। स्वास्थ्य विभाग ने नवंबर-2019 में 10 पीएचसी व सात उपस्वास्थ्य केंद्रों का चयन किया था। इसके बाद अब 80 उपस्वास्थ्य केंद्र (एचडब्ल्यूसी) की मंजूरी मिली है। इनमें से 40 का एस्टीमेट 251.14 लाख पीडब्ल्यूडी विभाग ने तैयार किया है। जिनमें से 18 की राशि 130.81 लाख राशि मिल भी गई है। दूसरी तरफ, सात पीएचसी भी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में तब्दील होंगे। इसके लिए 70.85 लाख की राशि मंजूर हुई है। यहां आधुनिक मशीनें रखी जाएगी। स्वास्थ्य स्टाफ में भी बढ़ोतरी होगी। कुल मिलाकर ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को अब शहर की ओर रूख नहीं करना पड़ेगा।

7 और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में तब्दली होंगे पीएचसी, यह मिलेगी सुविधा

आयुष्मान भारत योजना के तहत साल-2019 के अंत में 10 पीएचसी को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में तब्दील किया गया था। इनमें पीएचसी बाछौद, सिहमा, मुंडिया खेड़ा, रामपुरा, बिगोपुर, छिल्लरो, मंढाणा, बायल व सिरोही बहाली है। अब सिरोही बहाली, आतंरी, पाली, ब्राह्मणवास, बायल, बहाला कलां, धनुंदा, माजरा बास का चयन हुआ है। माजरा बास में पहले ही नया भवन है। इस वजह से इन सात पीएचसी पर 70.85 लाख की राशि खर्च कर इन्हें हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का रूप दिया जाएगा। इसके बाद प्रत्येक सेंटर में एक चिकित्सक, तीन स्टाफ नर्स, एक डाटा ऑपरेटर, एक फार्मासिस्ट, एक एमपीएचडब्ल्यू मेल, एक एमपीएचडब्ल्यू फिमेल, एक एलटी, एक क्लास फॉर, एक सफाई कर्मी को रखा जाएगा। प्रत्येक सेंटर पर कैंसर डायबिटीज, शुगर टेस्ट, सर्वाइकल कैंसर जांच, ब्रेस्ट कैंसर जांच, मानसिक रोग की जांच, आंखों व कुपोषण की जांच और पानी की जांच की सुविधा होगी।

80 में से 40 एचडब्ल्यूसी का एस्टीमेट तैयार, 18 का पैसा भी मिला

साल-2019 में ही 7 स्वास्थ्य केंद्रों का चयन हुआ था। इनमें कुंजपुरा, बेवल रघुनाथपुरा, मौखूता, निजामपुर, मारोली व नीरपुर थी। अब जिला के 80 उपस्वास्थ्य केंद्र को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में बदला जाएगा। इसमें से 40 का एस्टीमेट 251.14 लाख पीडब्ल्यूडी विभाग ने तैयार भी कर दिया है। जिनमें भांखरी, गुवानीजाट, गोलवा, रामबास, बागोत, बैरावास, धनौंदा, कोथलकलां, जाटवास, बेरी, अगिहार, खैरोली, दोचाना, मोहनपुर, गुवानी, कुंजपुरा, पड़तल, गुजरवास, नीरपुर, तिगरा, उनिंदा, अटाली, सुंदरह, फतनी, भूषणकलां, पटीकरा, कुंजपुरा, सिरोही बहाली, गोद, आकोदा, सिरोही, पथरवा, देवास, बुचोली, खातोदरा, बारडा, बवाना, बुचावास, गुढ़ा व नांगलहरनाथ है। इनमें से 18 के लिए 130.81 लाख राशि मंजूर भी हो गई है। यहां पहले से ही तैनात स्टाफ के अलावा 1 स्टाफ नर्स की ड्यूटी लगाई जाएगी। सेंटर तैयार होने के बाद यहां पर हिमोग्लोबिन जांच, गर्भवती चेकअप, पेशाब की जांच, ब्लड ग्लूकोज मीटर, मलेरिया की स्लाइड तैयार होगी और टीबी के लिए मल जांच होगी।

40 का एस्टीमेट तैयार हुआ

स्वास्थ्य विभाग के डीपीएम संदीप यादव ने बताया कि साल-2019 में 10 पीएचसी व 7 उप स्वास्थ्य केंद्र को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में बदला गया था। जिला में 80 उप स्वास्थ्य केंद्र को इसमें तब्दील किया जाएगा। अभी इनमें से 40 का एस्टीमेट 251.14 लाख का तैयार हुआ है। इनमें से 18 की राशि 130.81 लाख मंजूर हो गई है। वहीं 7 पीएचसी को भी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बनाने के लिए 70.85 लाख की राशि मंजूर की गई है। अब जल्द ही 82 कम्यूनिटी हेल्थ आफिसर की नियुक्ति की जाएगी। जिसकी प्रक्रिया पंचकूला में मिशन डायरेक्टर एनएचएम द्वारा की जा रही है।

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