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अवैध खनन रोकने गई टीम को खनन माफिया की धमकी, जान प्यारी है तो भाग जाओ

जेरपुर के पहाड़ में 10-15 मजदूर पत्थर तोड़ने का कार्य कर रहे थे। ये लोग सरकारी वाहन को दूर से देखकर औजारों सहित पहाड़ पर चढ़ गए।

अवैध खनन रोकने गई टीम को खनन माफिया की धमकी, जान प्यारी है तो भाग जाओ
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खनन विभाग की टीम की ओर से ली गई तस्वीर।

हरिभूमि न्यूज : नारनौल

सतनाली क्षेत्र के गांव जैरपुर में गैर मुमकिन पहाड़ पर अवैध खनन जोरों पर है। जब इसकी सूचना खनन विभाग को लगी तो वह मौके पर पहुंचे। सरकारी गाड़ी को देख खनन करने वाले मजदूर औजार सहित पहाड़ पर चढ़ गए। यह टीम वापस लौटने लगी तो अचानक सरकारी गाड़ी के आगे बोलेरो गाड़ी खड़ी हो गई। यह गाड़ी सवार हाथापाई पर उतारु हो गए। इन लोगों ने खनन विभाग की इस टीम को धमकी दी कि अगर जान की सलामती चाहते हो तो यहां से भाग जाओ। अगर दोबारा पहाड़ की तरफ आए तो बुरा अंजाम होगा। अब इस मामले में सतनाली पुलिस ने आईपीसी 1860 की धारा 186,188,294,34,341,353,379,506 के तहत केस दर्ज किया है। इसमें सात नामजद विक्रम गुर्जर, राजेंद्र, विकास, जोगेंद्र, ढिल्लू, सुरेश , सुरेंद्र उर्फ सुंदर व बुलेरो गाड़ी सवार 7-8 अन्य को आरोपित बनाया गया है।

खनन एवं भू-विज्ञान विभाग ने सतनाली थाना में दी शिकायत में बताया कि मंगलवार को कार्यालय स्टाफ खनन निरीक्षक दीपक कुमार, खनन रक्षक पंकज कुमार और स्पेशल खनन रक्षक ईश्वरसिंह व सुरेंद्रसिंह के साथ दोपहर ढाई बजे गांव जैरपुर के गैर मुमकिन पहाड़ का निरीक्षण किया। गांव जेरपुर के पहाड़ में 10-15 मजदूर पत्थर तोड़ने का कार्य कर रहे थे। सरकारी वाहन को दूर से देखकर औजारों सहित पहाड़ पर चढ़ गए। यह पकड़े नहीं जा सके।

खनन टीम को देख पहाड़ पर चढ़े मजदूर

जब हम पहाड़ का निरीक्षण करके गांव जेरपुर में पहुंचे तो एक बुलेरो गाड़ी सरकारी गाड़ी के आगे तेज गति से आई और गाड़ी को रोक दिया। बुलेरो गाड़ी में 7-8 लोग सवार थे। इन लोगों द्वारा सरकारी कर्मचारियों के साथ गाली-गलौच करना शुरू कर दिया। हाथापाई पर उतारु हो गए। कार्यालय के स्पेशल खान रक्षकों द्वारा काफी जदोजहद करने उपरांत इन व्यक्तियों ने धमकी दी कि अगर जान की सलामती चाहते हो तो यहां से भाग जाओ। अगर दोबारा पहाड़ की तरफ आए तो बुरा अंजाम होगा। स्थानीय पूछताछ करने पर पता चला कि गांव जेरपुर के पहाड़ में विक्रम, राजेंद्र, विकास, जोगेंद्र, ढिल्लू, सुरेश, सुरेंद्र उर्फ सुंदर वासी जेरपुर अपने-अपने ट्रैक्टर-ट्रालियों से अवैध खनन किए गए पत्थरों की ढुलाई करते है और बाहरी मजदूरों द्वारा इस पहाड़ में अवैध खनन का कार्य करवाते है।

करीब तीन साल से बंद पड़ी क्रेशर, फिर भी स्टोन क्रेशर का संचालन

खनन विभाग ने आस-पास पूछताछ करने पर यह भी पता चला कि गैर मुमकिन पहाड़ से अवैध खनन किया गया पत्थर जेरपुर क्रेशर जोन में जाता है। इस बारे क्रेशर जोन का निरीक्षण किया गया तो मैसर्ज जय हनुमान स्टोन क्रेशर पर 30-40 ट्रालियां ताजा पत्थर पड़ा हुआ पाया गया। स्टोन क्रेशर का लाइसेंस 29 मार्च 2018 तक वैध था। इस स्टोन क्रेशर अवैध रूप से स्टोन क्रेशर का संचालन कर रहे है तथा अवैध खनन किए गए पत्थर की खरीद भी कर रहा है।

केस दर्ज करने की मांग

खनन एवं भू-विज्ञान विभाग के खनन अधिकारी अनिल कुमार खनन अधिकारी ने पुलिस से मांग की है कि गांव जेरपुर के गैरमुमकिन पहाड़ में पत्थर का अवैध खनन करने वाले व्यक्तियों, अवैध खनन किए गए पत्थरों की अपने ट्रैक्टर-ट्रालियों द्वारा अवैध ढुलाई करने वाले व्यक्तियों, सरकारी कार्य में बाधा डालने, हाथापाई करने व धमकी देने वाले व्यक्तियों एवं अवैध खनन किए गए पत्थरों की अवैध खरीद करने वाले मैसर्ज जय हनुमान स्टोन क्रेशर जेरपुर के खिलाफ केस दर्ज किया जाए।


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