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ऑनलाइन परीक्षा पर MDU की मुहर, अगले सप्ताह जारी होगी गाइडलाइन

कुछ शर्तें तय की हैं। इनमें विदेशी छात्र हो, दूसरे प्रदेश का हो, परीक्षार्थी कोविड-19 के कंटनमेंट जोन में रहता हो, स्वयं महामारी से ग्रसित है या परिवार के किसी सदस्य को संक्रमण है तो ही ऑनलाइन का विकल्प मिलेगा। जो छात्र ऑनलाइन परीक्षा देंगे, परीक्षा के दौरान उन पर कड़ी नजर रखी जाएगी।

महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय ने इन कक्षाओं के परिणाम किए जारी, जानें पूरा विवरण
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महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (फाइल फोटो) 

रोहतक : महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय छात्रों को ऑनलाइन परीक्षा देने का विकल्प भी देगा। इसका निर्णय शुक्रवार को हुई दो बैठकों में ले लिया गया है। परीक्षाएं कैसे होंगी, इसे लेकर अगले सप्ताह तक गाइडलाइन जारी हो जाएंगी। पहले ऑफलाइन और इसके बाद ऑनलाइन एग्जाम होंगे। छात्र बेशक आंदोलन कर रहे हों, लेकिन ऑनलाइन एग्जाम का ऑप्शन मांग के मुताबिक नहीं मिलेगा। यूं कहा जा सकता है कि खास परिस्थितियों में ही यूनिवर्सिटी यह विकल्प देगी।

इसके लिए कुछ शर्तें तय की हैं। इनमें विदेशी छात्र हो, दूसरे प्रदेश का हो, परीक्षार्थी कोविड-19 के कंटनमेंट जोन में रहता हो, स्वयं महामारी से ग्रसित है या परिवार के किसी सदस्य को संक्रमण है तो ही ऑनलाइन का विकल्प मिलेगा। जो छात्र ऑनलाइन परीक्षा देंगे, परीक्षा के दौरान उन पर कड़ी नजर रखी जाएगी। क्योंकि विश्वविद्यालय प्रशासन को अंदेशा है कि ऑनलाइन परीक्षाओं में कहीं न कहीं कोई न कोई गड़बड़ी हो सकती है। जिसकी वजह से छात्र इस पद्धति से पेपर करवाने की मांग रहे हैं। क्योंकि जब कोरोना संक्रमण चरम पर था तो ऑनलाइन परीक्षाओं का विरोध संसाधनों का हवाला देकर छात्रों द्वारा किया जा रहा था। अब ऑनलाइन के लिए ही छात्र आंदोलन कर रहे हैं।

ऑनलाइन व ऑनलाइन मोड परीक्षाओं का विकल्प देने की मांग को लेकर एनएसयूआई ने भी वीसी को ज्ञापन सौंपा। संगठन के प्रदेश प्रवक्ता अमन वशिष्ठ, जाट कॉलेज के अध्यक्ष सुखविंदर, युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव कुलदीप अहलावत (केडी), जिला सचिव अजय हुड्डा ने पूरा विश्व, कोरोना जूझ रहा है। जबकि महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय ऑफलाइन परीक्षाएं लेने पर अड़ा हुआ है। छात्र नेताओं ने कहा कि महामारी की गम्भीरता को देखते हुए ऑनलाइन परीक्षा का विकल्प छात्रों को दिया जाना चाहिए।

कुलपति सचिवालय में वीसी प्रो. राजबीर सिंह ने परीक्षाओं को लेकर पहले विभागाध्यक्ष, डीन और दूसरे अधिकारियाें की राय जानी। इसके बाद कुलपति ने कॉलेज प्राचार्यों से सलाह-मशाविरा किया। बैठक में वीसी ने बताया कि बीते कई दिन से कुछ छात्र ऑनलाइन परीक्षा का ऑप्शन भी मांग रहे हैं। इस पर अधिकारियों ने कहा कि अब तो छात्र ही खुद क्लासरूम की पढ़ाई शुरू करवाने की बात कह रहे हैं। ऐसे में ऑनलाइन परीक्षा करवाने की जरूरत शायद नहीं है। लेकिन इसके साथ-साथ यही भी कहा गया कि जो छात्र विदेशी हैं और इस समय वहीं रह रहे हैं तो उनको ऑनलाइन विकल्प देना पड़ेगा। क्योंकि कई देशों में वैश्विक महामारी काबू में नहीं है। वे परीक्षा देने के लिए भारत नहीं आ सकते हैं। बताया गया कि हरियाणा से बाहर के छात्रों और कंटेनमेंट जोन में रहने वाले परीक्षार्थियों को भी ऑनलाइन का ऑप्शन दिया जाए तो बेहतर रहेगा। अगर परीक्षार्थी कंटेनमेंट जोन से आकर ऑफलाइन परीक्षा देता है महामारी के संक्रमण फैलने का खतरा हो जाता है।

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