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Mausam Ki Jankari : हरियाणा, दिल्ली-NCR और राजस्थान में अभी और होगी बरसात, किसान रहें अलर्ट

गतिशील और परिवर्तनशील मौसम के मद्देनजर किसानों को सलाह दी जाती है कि खरीफ की फसलें जिसमें बाजरा/ग्वार/मूंग व कपास में रुई की चुनाई करते समय मौसम को ध्यान में रखें। जो फसल पक कर तैयार हो गई है या जिनकी लावणी का समय हो गया है, उन्हें काट लें।

Mausam Ki Jankari : मानसून के विदा होने के बाद भी उत्तर भारत के कई राज्याें में कल से बारिश की संभावना, येलो अलर्ट जारी
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मौसम की जानकारी

हरिभूमि न्यूज : नारनौल

शनिवार से आगामी 28 सितंबर तक मौसम गतिशील और परिवर्तनशील रहेगा। बारिश की संभावनाएं अभी खत्म नहीं हुई हैं और यह अभी जारी रह सकती है। शनिवार का अधिकतम तापमान जहां 30 डिग्री सेल्सियस रहा, वहीं न्यूनतम तापमान 23.8 डिग्री सेल्सियस रहा। अधिकतम आर्द्रता (नमी) 90 प्रतिशत व न्यूनतम आर्द्रता (नमी) 80 प्रतिशत रही। नारनौल के राजकीय महाविद्यालय में पर्यावरण क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. चंद्रमोहन बताया कि सितंबर महीने के दूसरे लो प्रेशर चक्रवातीय सिस्टम से दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और वर्तमान में राजस्थान में हल्की से भारी बारिश हो रही है।

इसी चक्रवातीय सिस्टम का प्रभाव अभी भी दिल्ली-एनसीआर व राज्यभर देखने को मिल रहा है, जिसकी वजह से पूरे इलाके में बादलों ने डेरा जमा रखा है। धूप का लुका-छुपी का खेल चल रहा है, जिससे मौसम सुहावना बना हुआ है। आमजन को तो गर्मी से राहत मिली है, परंतु बारिश आने से किसानों को खरीफ की फसलों में नुकसान भी हुआ है। वहीं आगामी रबी फसलों के लिए इस बारिश का बहुत अधिक फायदा भी होगा। इलाके के किसान भी असमंजस में हैं कि वे खरीफ की लावणी करें या नहीं। उन्होंने बताया कि यह मौसम आगे भी गतिशील और परिवर्तनशील रहने वाला है, क्योंकि बंगाल की खाड़ी पर एक और सितंबर महीने का तीसरा चक्रवातीय सिस्टम, जो बाद में लो प्रेशर एरिया में तब्दील हो जाएगा, वह 19 सितंबर से बनने वाला है और उसका भी पूरे इलाके पर यानि दिल्ली-एनसीआर, दक्षिणी हरियाणा और राजस्थान पर कहीं अधिक तो कहीं कम प्रभाव देखने को जरूर मिलेगा। इस सिस्टम का प्रभाव राजस्थान पर अधिक देखने को मिलेगा।

किसानों के लिए सलाह

इस गतिशील और परिवर्तनशील मौसम के मद्देनजर किसान भाईयों को सलाह दी जाती है कि खरीफ की फसलें जिसमें बाजरा/ग्वार/मूंग व कपास में रुई की चुनाई करते समय मौसम को ध्यान में रखें। जो फसल पक कर तैयार हो गई है या जिनकी लावणी का समय हो गया है, उन्हें काट लें। फसल को काटने उपरांत उसे सूखे व सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दें। क्योंकि 19 से 28 सितंबर तक आमतौर पर मौसम परिवर्तनशील तथा आंशिक बादलवाई और हल्की हवाएं संभावित हैं। इस दौरान बीच-बीच में कहीं-कहीं पर गरज-चमक, हल्की हवाओं के साथ हल्की बारिश/बूंदाबांदी/फुहार, मध्यम से भारी बारिश की संभावनाएं बनी रहेगी। यानी अभी बारिश का सिलसिला बंद नहीं हुआ और यह सिलसिला आगे भी चल सकता है।

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