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बिजली की तार से गला घोंटकर व्यक्ति की हत्या, 9 साल पुरानी रंजिश में वारदात

मृतक की पहचान करीब 46 वर्षीय कृष्ण के रूप में हुई है। शनिवार की देर रात को गांव में रहने वाले आशीष उर्फ काला के मकान में कृष्ण का शव पाया गया। उसके चेहरे और गले पर बिजली की तार लिपटी हुई मिली। गला घोंटकर हत्या की गई थी।

बिजली की तार से गला घोंटकर व्यक्ति की हत्या, 9 साल पुरानी रंजिश में वारदात
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 पोस्टमार्टम के बाद शव ले जाते परिजन।

हरिभूमि न्यूज. बहादुरगढ़

गांव रोहद में बिजली की तार से गला घोंटकर एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई। गांव के ही निवासी एक व्यक्ति पर रंजिशन हत्या करने का आरोप है। मामला करीब 9 साल पहले गांव में हुई हत्या से जोड़कर देखा जा रहा है। आसौदा थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रविवार की दोपहर पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

मृतक की पहचान करीब 46 वर्षीय कृष्ण के रूप में हुई है। शनिवार की देर रात को गांव में रहने वाले आशीष उर्फ काला के मकान में कृष्ण का शव पाया गया। उसके चेहरे और गले पर बिजली की तार लिपटी हुई मिली। गला घोंटकर हत्या की गई थी। परिजनों ने देखा तो पुलिस को सूचना दी। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और तफ्तीश शुरू की। एफएसएल टीम भी जांच करने आई। पुलिस ने परिजनों और आसपड़ोस के लोगों से पूछताछ की। इसके बाद शव नागरिक अस्पताल में रखवा दिया। रविवार की दोपहर को पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौंप दिया गया। कृष्ण छह भाइयों में सबसे छोटा था। अविवाहित था। हत्या के बाद से परिजन आहत हैं। जल्द से जल्द हत्यारोपितों की गिरफ्तारी की मांग उठा रहे हैं।

भतीजे ने दी ये शिकायत

पुलिस को दी शिकायत में नरेंद्र का कहना है कि उसका चाचा कृष्ण गांव में ही अलग मकान में रहता था, लेकिन हमारे पास ही भोजन करता था। शनिवार की देर शाम तक चाचा कृष्ण भोजन के लिए नहीं आया। काफी देर इंतजार करने के बाद करीब साढ़े 9 बजे वह उसे देखने के लिए सड़क की तरफ आया। तब चाचा कृष्ण गांव के ही निवासी आशीष उर्फ काला के कमरे में बैठा हुआ था। दोनों ऊंची-ऊंची आवाज में बात कर रहे थे। तब मैंने चाचा से खाना खाने के लिए कहा। चाचा ने कहा कि तुम चलों मैं थोड़ी देर में घर आता हूं। इसके बाद वह अपने घर आ गया लेकिन चाचा फिर भी नहीं आया। काफी समय हो जाने के कारण उसकी आंख लग गई। कुछ समय बाद जब नींद खुली तो पता चला कि चाचा अब तक नहीं आया।

कमरे में मृत मिला कृष्ण

इसके बाद वह कृष्ण के घर पर गया, लेकिन वह नहीं था। फिर आशीष उर्फ काला के कमरे पर गया। वहां देखा तो चाचा कृष्ण फर्श पर पड़ा था। उसके गले और मुंह पर बिजली की डोरी बंधी हुई थी। सांस थम चुकी थी। आसपास आशीष व कोई अन्य नहीं था। फिर उसने अपने अन्य परिजनों को फोन करके मौके पर बुलाया। उसे पूरा यकीन है कि आशीष ने अपने परिवार के साथ मिलकर योजना के तहत बिजली की डोरी से फंदा बनाकर चाचा की हत्या की है। यह हत्या रंजिश के तहत की गई है। दरअसल, करीब 9 साल पहले आशीष के चाचा राजकरण व गांव का निवासी सांडा के शव गांव की बणी में पाए गए थे। तब आशीष के परिजनों ने मेरे चाचा जय सिंह व कृष्ण पर हत्या का आरोप लगाया था।

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