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मदवि और एमएसएमई के बीच एमओयू हुआ

महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय तथा भारत के सूक्ष्म लघु मध्यम उद्योग (एमएसएमई) प्रौद्योगिकी केंद्र, रोहतक के मध्य शुक्रवार को विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के औद्योगिक प्रशिक्षण, कौशल अभिवृद्धि, उद्यमिता कौशल विकास, नवोन्मेष अनुकूलन के लिए करार पत्र (एमओयू-मेमोरेंडम ऑफ अंडर स्टैंडिंग) पर हस्ताक्षर किए गए।

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महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (फाइल फोटो) 

महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय तथा भारत के सूक्ष्म लघु मध्यम उद्योग (एमएसएमई) प्रौद्योगिकी केंद्र, रोहतक के मध्य शुक्रवार को विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के औद्योगिक प्रशिक्षण, कौशल अभिवृद्धि, उद्यमिता कौशल विकास, नवोन्मेष अनुकूलन के लिए करार पत्र (एमओयू-मेमोरेंडम ऑफ अंडर स्टैंडिंग) पर हस्ताक्षर किए गए। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में मदवि कुलसचिव प्रो. गुलशन लाल तनेता तथा एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर के उप-महाप्रबंधक अश्विनी कांत के इस एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

रोजगार के खुलेंगे नए रास्ते

कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने कहा कि ये एमओयू एक नई शुरुआत है जो कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को रोजगार-योग्य बनाने का रास्ता प्रशस्त करेगा। कुलपति ने कहा कि एमडीयू के विद्यार्थी एमएसएमई प्रौद्योगिकी केन्द्र से आधुनिकतम मशीनों पर प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने तकनीकी कौशल में अभिवृद्धि करेंगे। इनसे उद्योग जगत में रोजगार प्राप्त करने तथा आत्म निर्भर भारत मिशन के तहत स्व-रोजगार के लिए तैयार होंगे।

कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने कहा कि नयी शिक्षा नीति 2020 में स्किलिंग (कौशल विकास) पर विशेष जोर दिया गया है। एमएसएमई प्रौद्योगिकी केंद्र से विद्यार्थीगण क्षमता संवर्धन से लाभान्वित होंगे। कुलपति ने कहा कि एमडीयू विद्यार्थियों की इंटर्नशिप का भी प्रावधान इस एमओयू के तहत होगा।

एमएसएमई प्रौद्योगिकी केंद्र के उप-महाप्रबंधक अश्विनी कांत ने कार्यक्रम में बताया कि उद्योग जगत की नवीनतम जरूरतों के दृष्टिगत औद्योगिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मैकेनिकल इंजीनियरिंग, मैकाट्रानिक्स की आधुनिकतम प्रशिक्षण की व्यवस्था एमएसएमई प्रौद्योगिक केन्द्र में की जाएगी।

छात्र होंगे लाभांवित

एमएसएमई के वरिष्ठ प्रबंधक प्रशिक्षण नरेश कुमार जैन ने एमओयू के तहत प्रशिक्षण तथा कौशल विकास के विविध आयामों पर प्रकाश डाला। इससे पूर्व, निदेशक, कॅरियर काउंसलिंग एवं प्लेसमेंट प्रकोष्ठ प्रो. सुमित गिल ने इस एमओयू के प्रावधानों को सांझा किया। उन्होंने कहा कि इस एमओयू से पहले चरण में यूआईईटी के विद्यार्थीगण लाभान्वित होंगे। कार्यक्रम में शैक्षणिक मामलों के अधिष्ठाता प्रो. एके राजन, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. राजकुमार तथा कुलसचिव प्रो. गुलशन लाल तनेजा ने अपने इनपुट्स दिए।

कुलपति कार्यालय कांफ्रेंस कक्ष में आयोजित इस एमओयू हस्ताक्षर समारोह में डीन, कालेज डेवलपमेंट काउंसिल प्रो. युद्धवीर सिंह, निदेशक यूआईईटी प्रो. राहुल ऋषि, समन्वयक सीसीपीसी डाॅ. जगदीप सिंगला, यूआईईटी टीपीओ अरूण हुड्डा, डाॅ. नीरू राठी, डाॅ. सौरभकांत, निदेशक जनसंपर्क सुनित मुखर्जी, उप कुलसचिव शैक्षणिक शाखा एमएल बतरा, पीआरओ पंकज नैन उपस्थित रहे।

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