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Farmers Protest : दिल्ली की दहलीज पर पंजाब के आटे और हरियाणा की सब्जियों से चल रहे लंगर

आंदोलन को मजबूती देने के लिए खापें अब हर गांव से चंदा एकत्रित कर रही हैं, ताकि धरनास्थल पर चल रहा लंगर लगातार बिना व्यवधान के चलता रहे।

Farmers Protest : दिल्ली की दहलीज पर पंजाब के आटे और हरियाणा की  सब्जियों से चल रहे लंगर
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लंगर के लिए रोटियां बनाती हुई हरियाणा-पंजाब की महिलाएं।

हरिभूमि न्यूज. सोनीपत

तीन कृषि कानूनों के विरोध मेें कुंडली बॉर्डर पर 80 दिनों से चल रहे आंदोलन के बीच अब हरियाणा-पंजाब के किसानों की एकजुटता एक नई ईबारत लिख रही है। हरियाणा-पंजाब के किसान मिल-जुलकर हर एक कदम एक साथ आगे बढ़ा रहे हैं। धरनास्थल पर लगातार हरियाणा के किसानों की भागीदारी भी बढ़ती जा रही है। आंदोलन को मजबूती देने के लिए खापे अब हर गांव से चंदा एकत्रित कर रही हैं, ताकि धरनास्थल पर चल रहा लंगर लगातार बिना व्यवधान के चलता रहे। हरियाणा-पंजाब के किसानों ने बराबरी की भागीदारी निभाते हुए रसद सामग्री भी बांट ली है। इसके लिए पंजाब से जहां आटा पहुंच रहा है, तो वहीं हरियाणा से सब्जियों की आपूर्ति की जा रही है। वहीं करनाल व सोनीपत जिले को दूध व लस्सी की पूर्ति करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

बता दें कि दिल्ली की सीमाओं पर डटे किसानों की संख्या एक बार फिर से बढ़ने लगी है। गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में निकाली गई परेड से पहले तक धरनास्थल पर जहां पंजाब के किसानों की संख्या ज्यादा थी, वहीं गणतंत्र दिवस पर मचे उपद्रव के बाद कमजोर पड़े किसान आंदोलन को मजबूती देने के साथ ही हरियाणा के किसानों की संख्या पंजाब के किसानों से ज्यादा हो चली है। एक अनुमान के अनुसार दिल्ली बॉर्डर पर पंजाब के करीब 20 हजार किसान मौजूद हैं, जबकि हरियाणा के किसानों की संख्या 25 हजार से ऊपर पहुंच चुकी है। पंजाब के किसान अब खुले दिल से हरियाणा के भाईचारे के भाव की प्रशंसा कर रहे हैं। सभी लंगरों में एक दूसरे का हाथ बंटा रहे हैं। धरनास्थल पर दिनभर हरियाणा-पंजाब भाईचारे के नारे भी लगाए जा रहे हैं। जिससे दोनों राज्यों के लोगों के नजदीकियां बढ़ रही हैं।

कुंडली बॉर्डर पर चल रहे 20 लंगर

किसान नेताओं ने बताया कि कुंडली बॉर्डर पर फिलहाल करीब 20 लंगर चल रहे हैं। यहां पंजाब के किसानों के साथ ही हरियाणा के किसान भी बराबर की भूमिका निभाते हुए न सिर्फ खाना बनाने में सहयोग कर रहे हैं, बल्कि लंगर में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लंगर में राशन की कमी ना रहे, इसके लिए गांवों से दूध, लस्सी, सब्जियां एकत्रित कर धरनास्थल पर पहुंचाई जा रही है। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि धरनास्थल पर सर्वहित के लिए तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग लिए बैठे किसानों को रसद सामग्री की कमी महसूस नहीं होने दी जाएगी। यहां चलने वाले लंगर को हरियाणा-पंजाब भाईचारा लंगर का नाम दिया है।

यहां आकर भी घर जैसा ही हो रहा महसूस

कुंडली बॉर्डर पर पंजाब व हरियाणा के अलग-अलग स्थानों से पहुंची महिलाएं मिलजुलकर हर काम कर रही हैं। महिलाएं लंगर में सेवाएं देने के साथ ही आंदोलन को मजबूती देने के लिए सरकार विरोधी नारे लगाने में भी पीछे नहीं है। यहां पहुंची महिलाओं का कहना है कि उन्हें यहां आकर महसूस ही नहीं हुआ कि वे अपने घर से दूर हैं। यहां पर भी घर जैसा ही महसूस हो रहा है। हरियाणा-पंजाब की महिलाएं दिन भर काम करने के साथ ही अपने सुख-दुख की बातें भी कर रही हैं। हरियाणा की महिलाएं पंजाब की महिलाओं की हर छोटी से छोटी जरूरत को भी पूरा कर रही हैं, ताकि उन्हें कोई परेशानी ना हो।

निर्दोष किसानों को रिहा करने की मांग

शुक्रवार को कुुंडली बॉर्डर पर किसानों ने हस्ताक्षर अभियान चलाकर गिरफ्तार किए गए निर्दोष किसानों को रिहा करने की मांग की। इस दौरान किसानों ने कहा कि गणतंत्र दिवस पर दिल्ली के लाल किले पर मचे उपद्रव के दौरान जो भी दोषी हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए, लेकिन इसकी आड़ में निर्दोष किसानों को प्रताडि़त ना किया जाए। किसानों द्वारा चलाए गए हस्ताक्षर अभियान में युवाओं ने बढ़ चढ़कर भाग लिया और हस्ताक्षर किए।


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