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हरियाणा में सीधे निर्वाचित मेयरों के निर्वाचन पर कानूनी नोटिस भेजा

दो वर्ष पूर्व जनवरी, 2019 में करनाल, पानीपत, हिसार, रोहतक और यमुनानगर नगर निगमों के सीधे निर्वाचित मेयरों को भी सम्बंधित मंडल आयुक्तों द्वारा शपथ दिलवाई गयी थी।

हरियाणा में सीधे निर्वाचित मेयरों के निर्वाचन पर कानूनी नोटिस भेजा
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चंडीगढ़। अम्बाला मंडल की आयुक्त दीप्ति उमाशंकर द्वारा हाल में करवाए गए अम्बाला नगर निगम के आम चुनावो बाद निगम की बुलाई गयी पहली बैठक में प्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित मेयर शक्ति रानी शर्मा एवं सभी नगर निगम सदस्यों (जिन्हे पार्षद कहा जाता है हालांकि कानून में यह शब्द नहीं है ) को पद और निष्ठां की शपथ दिलवाई गयी।

'इससे पूर्व 5 जनवरी को आयुक्त दीप्ति ने ही पंचकूला नगर निगम के सीधे चुने मेयर कुलभूषण गोयल एवं नगर निगम सदस्यों जबकि 7 जनवरी को रोहतक मंडल की आयुक्त अनीता यादव ने सोनीपत नगर निगम के प्रत्यक्ष निर्वाचित मेयर निखिल मदान एवं नगर निगम सदस्यों को शपथ दिलाई।

इसी प्रकार दो वर्ष पूर्व जनवरी, 2019 में करनाल, पानीपत, हिसार, रोहतक और यमुनानगर नगर निगमों के सीधे निर्वाचित मेयरों को भी सम्बंधित मंडल आयुक्तों द्वारा शपथ दिलवाई गयी थी।

इसी बीच पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने हरियाणा नगर निगम कानून, 1994 की मौजूदा धारा 53 का हवाला देते हुए बताया कि इस धारा के अनुसार मंडल आयुक्त द्वारा

नव निर्वाचित नगर निगम की पहली बुलाई गयी बैठक में मेयर का चुनाव निर्वाचित नगर निगम सदस्यों में से एवं उनके द्वारा करवाया जाना चाहिए. हालाकि ऐसा नहीं किया जा रहा है.

उन्होंने 15 जनवरी को इस सम्बन्ध में हरियाणा के मुख्य सचिव, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, निदेशक, शहरी स्थानीय निकाय विभाग और राज्य चुनाव आयोग को ईमेल मार्फ़त कानूनी नोटिस कम प्रतिवेदन भेजकर इस विषय में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है ताकि नगर निगम कानून की धारा 53 की सख्त अनुपालना की जा सके. ऐसा न करने पर उन्होंने हाई कोर्ट में उपयुक्त रिट याचिका डालने बारे भी लिखा है.

हेमंत ने आगे बताया कि हालांकि सवा दो वर्ष पूर्व सितम्बर, 2018 द्वारा प्रदेश विधानसभा द्वारा हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 की उपयुक्त धाराओं में संशोधन कर नगर निगम क्षेत्र के मतदाताओं द्वारा मेयर का प्रत्यक्ष (सीधा) चुनाव करने सम्बन्धी प्रावधान किया गया।

परन्तु ऐसा करते समय उक्त धारा 53 में संशोधन नहीं किया गया जिस कारण आज भी इस धारा अनुसार नगर निगम के आम चुनावो के संपन्न होने के बाद उनके नतीजों के प्रकाशन के तीस दिनों के भीतर सम्बंधित मंडल आयुक्त द्वारा नगर निगम की बुलाई पहली बैठक में निर्वाचित नगर निगम सदस्यों द्वारा एवं उनमें से ही मेयर पद के लिए चुनाव करवाने का उल्लेख है।

वहीं हालांकि दूसरी और 14 नवंबर, 2018 को हरियाणा नगर निगम निर्वाचन नियमावली, 1994 के कई नियमो में उपयुक्त संशोधन किया गया जिसमें उसके नियम 71 को भी पूर्णतया संशोधित कर उसमें उल्लेख किया गया कि नगर निगम के आम चुनावों के परिणामो की अधिसूचना के तीस दिनों के भीतर बुलाई गयी पहली बैठक में मंडल आयुक्त द्वारा सीधे निर्वाचित मेयर और नगर निगम सदस्यों को पद और निष्ठा की शपथ दिलवाई जाएगी।



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