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Kisan Mahapanchayat : कानून वापसी पर ही खत्म होगा किसान आंदोलन, चाहे 10 साल सड़क पर डटना पड़े, रोहतक में बोले टिकैत

शनिवार को मकड़ौली टोल प्लाजा पर भारतीय किसान एवं मजदूर तालमेल महापंचायत हुड्डा खाप के प्रधान ओमप्रकाश हुड्डा की अध्यक्षता में हुई। राकेश टिकैत ने कहा कि हमें फंडिंग हमारे गांवों से हो रही है, कोई चावल देकर जाता है तो कोई तेल पहुंचाता है। इस तरह की फंडिंग करने वाले किसानों पर केस दर्ज करके दिखाएं।

Kisan Mahapanchayat : कानून वापसी पर ही खत्म होगा किसान आंदोलन, चाहे 10 साल सड़क पर डटना पड़े, रोहतक में बोले टिकैत
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हरिभूमि न्यूज : रोहतक

मकड़ौली टोल प्लाजा पर शनिवार को अखिल भारतीय किसान एवं मजदूर तालमेल महापंचायत में किसान नेता जमकर गरजे, लेकिन कोई नया ऐलान नहीं किया। सुबह 11 बजे शुरू हुई महापंचायत शाम 5 बजे तक चली। मुख्य वक्ता राकेश टिकैत ने 16 मिनट तक जोरदार भाषण दिया और सरकार को कई मुद्दों पर घेरा। टिकैत ने कहा कि एमएसपी की गारंटी और कृषि कानून खत्म होने पर ही किसान घर जाएंगे। किसानों ने दिल्ली की सड़कों पर रहना सीख लिया है। अभी तो शुरुआत है, 10 साल भी सड़कों पर डटना पड़ा तो बैठे रहेंगे, लेकिन टूटेंगे नहीं। उन्होंने लखीमपुर घटना को लेकर कहा कि जब तक नेता इस्तीफा नहीं देते, तब तक पंचायतें और पुतले फुंकते रहेंगे।

राकेश टिकैत ने कहा कि हमें फंडिंग हमारे गांवों से हो रही है, कोई चावल देकर जाता है तो कोई तेल पहुंचाता है। इस तरह की फंडिंग करने वाले किसानों पर केस दर्ज करके दिखाएं। टिकैत ने कहा कि आज धान-मक्का और बाजरे की खरीद नहीं हो रही। किसान परेशान हैं। राकेश टिकैत ने बिजली के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा और कहा कि कोयले की कोई कमी नहीं है, अब बिजली को प्राइवट हाथों में देने की तैयारी है। उन्होंने कहा कि आज नस्ल, फसल और संविधान बचाने के लिए हम संघर्ष कर रहे हैं और इस आंदोलन को सफल बनाया जाएगा।

शनिवार को भारतीय किसान एवं मजदूर तालमेल महापंचायत हुड्डा खाप के प्रधान ओमप्रकाश हुड्डा की अध्यक्षता में हुई। मंच का संचालन भाकियू नेत्री कांता आलड़िया ने किया। कांता ने कहा कि किसान आंदोलन में घुसपैठ हो चुकी है। ऐसे लोगों को पहचानने की जरूरत है। उन्होंने जींद के एक गांव में दलित समाज के परिवार का बहिष्कार का जिक्र किया और महापंचायत में आए किसान नेताओं से हस्तक्षेप करने की बात भी कही। लगभग 5 हजार लोगों ने महापंचायत में शिरकत की।

बैंक अधिकारी किसी किसान की जमीन कुर्क करने आए तो उसे वहीं बांध लो

गुरुनाम सिंह चढू़नी ने कहा कि कार्पोरेट जगत के लोग बैंकों से लोन लेकर अरबों रुपये जमा नहीं करवाते, उनका सरकार कुछ नहीं बिगाड़ती, लेकिन किसान की जमीन कुर्क कर ली जाती है। उन्होंने कहा कि अगर कोई भी बैक का अधिकारी किसी किसान की जमीन कुर्क करने आए तो उसे वहीं बांध लो। चढूनी ने कहा कि सरकार पर वोट की चोट करनी होगी। जाति-पाति नहीं आर्थिक और अपने हालातों पर वोट डालें। कांग्रेस हटाई तो क्या हुआ अब भाजपा भी वैसा ही कर रही है, इसलिए अपनी पंचायत से अच्छा उम्मीदवार खड़ा करो और उसे जिताओ। उन्होंने खाप प्रधानों से आह्वान किया कि धरनों पर हर गांव से हर रोज 10 लोगों को शामिल किया जाए। उनका रोटेट सिस्टम बना दिया जाए, लेकिन धरनों पर भीड़ कम नहीं होनी चाहिए। गुरुनाम सिंह चढू़नी ने कहा कि सरकार डंडे उठाने की बात करती है, अगर किसान ने डंडा उठा लिया तो खैर नहीं। सरकार हमारे सब्र का इम्तीहान ले रही है। किसान बिगड़ गया तो प्रधानमंत्री की कोठी भी घेर लेगा। चढूनी ने यह भी कहा कि हर दलित के घर में छोटूराम और हर किसान के घर में अंबेडकर की मूर्ति होनी चाहिए।

विधायकों ने भी संबोधित किया

महापंचायत में महम के विधायक बलराज कुंडू और चरखीदादरी के विधायक सोमबीर सांगवान ने भी संबोधित किया। बलराज कुंडू ने कहा कि इस लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर साथ खड़ा रहूंगा। कुंडू ने कहा कि अजय चौटाला और दुष्यंत के घर एमएसपी और कृषि कानूनों को लेकर इतनी चिट्ठी भेज दो कि घर में जगह न बचे। सोमबीर सांगवान ने कहा कि विश्व में सबसे लंबा आंदोलन चलाने का रिकॉर्ड बन गया है। देया पर राज कौन करेगा अब इसका फैसला किसान करेंगे।

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