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किसान आंदोलन : सरकार का कृषि कानूनों को रद करने से इंकार, किसान बोले : हम हैं ट्रैक्टर तिरंगा परेड के लिए तैयार

सरकार के इस प्रकार के रुख को देखते हुए पिछले चार दौर की बातचीत के दौरान दोनों ओर से बढ़ रहा बातचीत का यह सिलसिला पूरी तरह रुक गया है।

किसान आंदोलन : सरकार का कृषि कानूनों को रद करने से इंकार, किसान बोले : हम हैं ट्रैक्टर तिरंगा परेड के लिए तैयार
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हरिभूमि न्यूज. सोनीपत। तीन कृषि कानूनों के लेकर किसान नेताओं और सरकार के बीच बढ़ रहा बातचीत का सिलसिला शुक्रवार को आखिरकार 11वें दौर पर आकर पूरी तरह ठहर गया है। वार्ता के दौरान सरकार ने किसानों की कानून रद्द करने की मांग मानने से इनकार कर दिया है।

सरकार ने किसानों के सामने कानून स्थगन का प्रस्ताव रखते हुए 23 जनवरी शनिवार तक दोबारा विचार कर प्रस्ताव देने को कहा है। सरकार के इस प्रकार के रुख को देखते हुए पिछले चार दौर की बातचीत के दौरान दोनों ओर से बढ़ रहा बातचीत का यह सिलसिला पूरी तरह रुक गया है। किसान नेताओं ने कहा है कि अब उनका पूरा फोकस 26 जनवरी को निकाले जाने वाली ट्रैक्टर तिरंगा परेड पर रहेगा। उससे पहले किसानों का बातचीत का कोई इरादा नहीं है।

बता दें कि किसानों और सरकार के बीच अब तक 11 दौर की बातचीत हो चुकी है, इनमें करीब सात दौर से बातचीत लगातार हो रही है। हालांकि यह सभी बैठक बेनतीजा रही, लेकिन पिछली सात बैठकों में गतिरोध बढ़ने के बावजूद अगली बैठक के लिए तारीख तय हो जाती थी। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि किसानों की 26 जनवरी की ट्रैक्टर परेड को सरकार रोकना चाहती है।

जहां बुधवार को किसानों व सरकार के बीच गतिरोध कुछ कम हुआ था, वहीं किसानों की नाराजगी शुक्रवार को कुछ ज्यादा ही बढ़ गई। क्योंकि तीन कृषि कानून रद्द कराने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों व सरकार के बीच पिछले कुछ दिनों से लगातार चल रहा बातचीत का दौर अब बंद हो गया है। सरकार व किसानों के बीच भले ही बातचीत बेनतीजा रहती रहती हो, लेकिन हर बार बैठक के लिए अगली तारीख तय हो जाती थी।

जिससे बातचीत का रास्ता खुला रहता था, लेकिन 11वें दौर की वार्ता में ऐसा कुछ नहीं हुआ। इस बैठक में ना तो किसी बात पर फैसला हुआ और ना ही बैठक के लिए आगामी कोई तारीख ही तय हो पाई। जिससे आगामी समय के लिए बातचीत का रास्ता बंद हो गया है।



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