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टीकरी बॉर्डर खोलने को लेकर झज्जर डीसी ने किसानों के साथ की बैठक, जानिये क्या हल निकला

बैठक में प्रशासन की तरफ से जब किसान नेताओं के समक्ष दिल्ली के बंद रास्ते खुलवाने की बात रखी गई तो किसानों ने जवाब दिया कि रास्ते उन्होंने नहीं बल्कि दिल्ली पुलिस ने बंद कर रखे हैं। अब किसानों और सरकार की हाई पावर कमेटी की अगली बैठक 14 अक्टूबर को होगी। जिसमें सहमति बनने पर टीकरी बॉर्डर का रास्ता खुलने की उम्मीद बनी हुई है।

टीकरी बॉर्डर खोलने को लेकर झज्जर डीसी ने किसानों के साथ की बैठक, जानिये क्या हल निकला
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टिकरी बॉर्डर पर बंद किया गया रास्ता।

हरिभूमि न्यूज. बहादुरगढ़

सोमवार को जिला उपायुक्त श्याम लाल पूनिया और पुलिस अधीक्षक राजेश दुग्गल ने किसानों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक कर करीब 10 महीने से बंद दिल्ली की सीमाओं को खुलवाने के बारे में चर्चा की। राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर-9 की सीलबंदी पर किसान नेता बलदेव सिंह, अमरीक सिंह, रमेश कुमार आदि ने दिल्ली पुलिस को जिम्मेदार ठहराया। सोमवार को बेनतीजा रही बैठक में 14 अक्टूबर को फिर से प्रशासनिक अधिकारियों और किसानों के बीच बैठक करने पर सहमति बनी है।

सोमवार को बहादुरगढ़ के विश्राम गृह में हुई बैठक में प्रशासन की तरफ से जब किसान नेताओं के समक्ष दिल्ली के बंद रास्ते खुलवाने की बात रखी गई तो किसानों ने जवाब दिया कि रास्ते उन्होंने नहीं बल्कि दिल्ली पुलिस ने बंद कर रखे हैं। अब किसानों और सरकार की हाई पावर कमेटी की अगली बैठक 14 अक्टूबर को होगी। जिसमें सहमति बनने पर टीकरी बॉर्डर का रास्ता खुलने की उम्मीद बनी हुई है। बता दें कि करीब 10 महीने से दिल्ली का मुख्य रास्ता बंद होने के कारण लोगों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विदित है कि किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने पहले 26 नवम्बर को दिल्ली की सीमाएं बंद की थी और फिर 26 जनवरी के प्रकरण के बाद बॉर्डर पूरी तरह सील कर दिया था।

यह रास्ता खुलवाने के लिए बहादुरगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने मानवाधिकार आयोग, सुप्रीम कोर्ट और दल्लिी हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। हरियाणा सरकार ने भी रास्ता खुलवाने के लिए किसानों से बातचीत के लिए एक हाई पावर कमेटी गठित कर रखी है। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हई इस बैठक के बाद किसान नेताओं ने दोहराया कि दिल्ली पुलिस ने रास्ते बंद कर रखे हैं। अगर रास्ते खुलते हैं, तो किसान इसमें सहयोग करेंगे। इसके अलावा किसानों ने जिला प्रशासन को अपनी समस्याएं बताई हैं। मंगलवार को देशभर के आंदोलन स्थलों पर लखीमपुर में शहीद किसानों और पत्रकार की आत्मा की शांति के लिए अरदास दिवस मनाया जाएगा। फिर 15 अक्टूबर को दशहरे के अवसर पर प्रधानमंत्री गृह मंत्री मुख्यमंत्री और भाजपा नेताओं के पुतले फूंके जाएंगे। फिर 18 अक्टूबर को देश भर में रेल रोको कार्यक्रम किया जाएगा। इतना ही नहीं सरकार के विरोध में 26 अक्टूबर को लखनऊ में किसान महापंचायत का आयोजन भी किया जाएगा।

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