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जेल में बंद एसडीओ ने फंदा लगाकर की आत्महत्या, पुलिस ने 13 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया

सोनीपत जिला कारागार में दहेज हत्या के मामले में बंद एसडीओ के फंदा लगाकर आत्महत्या करने के मामले में पुलिस ने उसके ससुराल पक्ष के 13 लोगों के खिलाफ आत्महत्या को विवश करने का मुकदमा दर्ज किया है। एसडीओ के भाई ने आरोप लगाया है कि पहले झूठे आरोप लगाकर उसको जेल भिजवाया और फिर मानसिक उत्पीड़न किया गया।

जेल में बंद एसडीओ ने फंदा लगाकर की आत्महत्या, पुलिस ने 13 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया
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प्रतीकात्मक तस्वीर। 

सोनीपत जिला कारागार में दहेज हत्या के मामले में बंद एसडीओ के फंदा लगाकर आत्महत्या करने के मामले में पुलिस ने उसके ससुराल पक्ष के 13 लोगों के खिलाफ आत्महत्या को विवश करने का मुकदमा दर्ज किया है। एसडीओ के भाई ने आरोप लगाया है कि पहले झूठे आरोप लगाकर उसको जेल भिजवाया और फिर मानसिक उत्पीड़न किया गया। उनका वंश खत्म करने की धमकी दी गई थी। ससुराल पक्ष की प्रताड़ना से तंग आकर उसके भाई ने आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

गन्नौर की अर्जुनपुरी कालोनी के रहने वाले प्रदीप कुमार ने शहर थाना पुलिस को बताया कि उसका छोटा भाई शिवभारत पानीपत रिफाइनरी में एसडीओ था। उसकी शादी मतलौडा गांव के अशोक कुमार की बेटी नीरज के साथ हुई थी। नीरज किसी के साथ मोबाइल पर लंबी बातचीत करती थी। इससे शिवभारत का उससे विवाद हुआ था।

बाद में नीरज ने बातचीत न करने का भरोसा दिया था लेकिन उसके बाद भी वह बातचीत करती थी। बाद में पत्नी की जिद पर उसका भाई रिफाइनरी की टाउनशिप में रहने लगा था। उसके बावजूद नीरज और शिवभारत में झगड़ा जारी रहा। इस पर नीरज ने अपने पिता अशोक और माता बाला, भाई धीरज, चाचा राजेश, बुआ, अपने तीनों मामा व मामी, अपनी दोनों मौसी को बुला लिया था।

उन्होंने शिवभारत के साथ मारपीट की थी। 10 अक्तूबर को नीरज अपनी कार से उनके घर गन्नौर आ गई थी और फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस पर शिवभारत के ससुर अशोक ने शिवभारत के साथ उसे, उसकी पत्नी पुष्पा व पिता बलबीर सिंह सहित 11 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। साथ ही उनके घर आकर उन्हें पकड़वाने वालों को 25 लाख रुपये ईनाम देने की बात कही थी। साथ ही उन्हें मरवाने व वंश खत्म करने की धमकी दी थी।

उसका भाई शिवभारत 12 अक्तूबर को पुलिस के सामने पेश हो गया था। उसके बाद 18 नवंबर को उसका पिता बलबीर व उसकी पत्नी पुष्पा पेश हो गए थे। पुलिस के सामने आरोपितों ने परिवार की हत्या कराने और नीरज की मौत का बदला लेने की धमकी दी थी। प्रदीप कुमार ने बताया कि 24 दिसंबर को वह जेल में शिवभारत से मिलने गया तो वह डरा हुआ था।

उसने बताया था कि सुसराल वाले उसे व उसके परिजनों की हत्या कराना चाहते हैं। वह जिंदा रहना नहीं चाहता है। बाद में ससुराल पक्ष की प्रताड़ना से तंग आकर शिवभारत ने 30 दिसंबर को जेल में आत्महत्या कर ली थी। उसके भाई ने सुसाइड नोट भी लिखा था। पुलिस ने प्रदीप के बयान पर 13 आरोपितों के खिलाफ आत्महत्या को विवश करने का मुकदमा दर्ज कर लिया है।

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