Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

नॉन-एचसीएस से आईएएस में शार्ट लिस्ट किए उम्मीदवारों का इंटरव्यू स्थगित, जानें क्यों

27 उम्मीदवारों में हरियाणा के उच्चतर शिक्षा विभाग से 11, पशुपालन और डेयरी विभाग से 8, स्वास्थ्य विभाग से 3, नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग से 2, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, तकनीकी शिक्षा विभाग और आबकारी एवं कराधान विभाग से एक -एक उम्मीदवार शामिल हैं।

नॉन-एचसीएस से आईएएस में शार्ट लिस्ट किए उम्मीदवारों का इंटरव्यू  स्थगित, जानें क्यों
X

चंडीगढ़। हरियाणा में नॉन- एचसीएस (गैर राज्य सिविल सेवा) कोटे से आईएएस (भारतीय प्रशासनिक सेवा ) की 5 रिक्तियां भरने के लिए जारी प्रक्रिया में शार्टलिस्टिड किए गए उम्मीदवारों का इंटरव्यू (साक्षात्कार ) जो सोमवार 15 फरवरी को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी ) में होना निर्धारित किया गया था, उसे आगामी आदेशों तक स्थगित कर दिया गया है। उक्त इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्टेड कुल 27 उम्मीदवारों में हरियाणा के उच्चतर शिक्षा विभाग से 11, पशुपालन और डेयरी विभाग से 8, स्वास्थ्य विभाग से 3, नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग से 2, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, तकनीकी शिक्षा विभाग और आबकारी एवं कराधान विभाग से एक -एक उम्मीदवार शामिल हैं।

बहरहाल, इस सम्बन्ध में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने बताया कि आईएएस की 5 रिक्तियों के लिए नॉन-एचसीएस कोटे से चयन प्रक्रिया को सेलेक्ट लिस्ट 2019 तैयार कर किया जाना है अर्थात 1 जनवरी 2019 और 31 दिसंबर 2019 के दौरान हरियाणा में एचसीएस और नॉन-एचसीएस से प्रमोट/चयनित होकर आईएएस बने अधिकारियों की रिटायरमेंट से उत्पन्न हुई रिक्तियों को भरने के लिए। उन्होंने बताया कि हालांकि उक्त अवधि दौरान एचसीएस से प्रोमोट होकर आईएएस बनी सुनीता वर्मा और नॉन-एचसीएस से चयनित होकर आईएएस बने समीर पाल सरो अर्थात दो आईएएस अधिकारी ही रिटायर हुए थे परंतु हरियाणा सरकार ने मुख्यमंत्री के आदेश पर मार्च, 2020 में तीन और एचसीएस से आईएएस प्रमोशन की रिक्तियों को नॉन-एचसीएस में जोड़कर कुल 5 रिक्तियों स्वीकृत करने के लिए केंद्र को लिखा जिसे मंजूरी मिल गयी।

हेमंत ने गत माह 15 जनवरी को केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी ) में एक ऑनलाइन याचिका दायर कर वर्ष 2001 से लेकर वर्ष 2019 तक की हरियाणा प्रदेश के सम्बन्ध में एचसीएस और नॉन-एचसीएस कोटे से आईएएस में क्रमश: प्रमोशन एवं चयन करने संबधी सेलेक्ट लिस्टों (चयन सूचियों ) को बनाने के लिए हुई चयन समिति बैठकों की एवं ऐसी बनाई गई सेलेक्ट लिस्टों में शामिल किए सभी अधिकारियों (चयनित उम्मीदवारों ) के नाम और इसके साथ साथ उन सभी सेलेक्ट लिस्टों की वैलिडिटी (वैधता ) की जानकारी भी मांगी थी।

बीती 11 फरवरी को डीओपीटी के अंडर सेक्रेटरी एवं केंद्रीय जन सूचना अधिकारी पंकज गंगवार ने उक्त आरटीआई के जवाब में लिखा कि जहां तक उपरोक्त सेलेक्ट लिस्टों के बनने के लिए हुई चयन समिति की बैठकों का एवं सेलेक्ट लिस्टो में शामिल किए सभी अधिकारियों (चयनित उम्मीदवारों ) के नामों का विषय है, तो यह यूपीएससी के दायरे में आता है. इसलिए उनकी आरटीआई याचिका यूपीएससी के सचिव को स्थानांतरित की जा रही है।

हालांकि जहां तक उक्त सेलेक्ट लिस्टों की वैधता का विषय है, तो इस सम्बन्ध में जवाब दिया गया है कि इनकी वैधता को आईएएस (प्रमोशन से नियुक्ति ) रेगुलेशंस, 1955 में उल्लेख किया गया है जिसका अध्ययन करने से पता चलता है की सेलेक्ट लिस्ट 2019 के सम्बन्ध में यह 31 दिसंबर 2020 तक ही थी.

हेमंत ने बताया कि इस प्रकार सेलेक्ट लिस्ट 2019 के लिए सारी चयन कवायद 31 दिसंबर 2020 तक पूर्ण हो जानी चाहिए थी परन्तु बीती 31 दिसंबर को केवल सिलेक्शन कमेटी की बैठक ही हुई जिसमे एचपीएससी द्वारा शॉर्टलिस्टेड उम्मीदवारों का सेवा रिकॉर्ड/रिपोर्ट्स आदि का असेसमेंट किया गया हालांकि उस दिन इंटरव्यू नहीं हुआ. इस प्रकार 31 दिसंबर 2020 तक सेलेक्ट लिस्ट 2019 बनने की प्रक्रिया नहीं पूर्ण हो सकी जिसे वर्ष 2021 में जारी रखने पर सवाल उठने स्वाभाविक हैं एवं यह कानूनी पॉइंट हाईकोर्ट में भी उठाया गया है एवं इसी कारण ही 15 फरवरी को होने वाले इंटरव्यू अगले आदेशों तक स्थगित कर दिए गए हैं।

Next Story