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धार्मिक तीर्थस्थल कपालमोचन में इस बार नहीं होगा अंतरराज्यस्तरीय मेले का आयोजन, जानें क्यों

यह निर्णय लोगों को कोरोना से बचाव को लेकर किया गया है। इस संबंध में मेले में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को सूचना देने के लिए प्रचार प्रसार किया जा रहा है। सभी श्रद्धालुओं को इस बार कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर तीर्थ स्थल पर नहीं पहुंचने की अपील की जा रही है।

कपालमोचन तीर्थ सरोवर
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यमुनानगर के कपालमोचन तीर्थ सरोवर पर आयोजित नहीं किए जाने वाले मेले के बारे में जानकारी देते हुए उपायुक्त मुकुल कुमार।

हरिभूमि न्यूज. यमुनानगर

कोविड-19 महामारी के प्रकोप के चलते इस बार कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर ऐतिहासिक एवं धार्मिक तीर्थ स्थल कपालमोचन में पांच दिवसीय अंतरराज्यस्तरीय मेले का आयोजन नहीं होगा। इस संबंध में प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं को अवगत करवाया जा रहा है।

उपायुक्त मुकुल कुमार ने बताया कि कोविड संकट के चलते इस बार प्रशासन द्वारा तीर्थस्थल पर मेले का आयोजन नहीं करने का निर्णय लिया गया है। यह निर्णय लोगों को कोरोना से बचाव को लेकर किया गया है। इस संबंध में मेले में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को सूचना देने के लिए प्रचार प्रसार किया जा रहा है। सभी श्रद्धालुओं को इस बार कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर तीर्थ स्थल पर नहीं पहुंचने की अपील की जा रही है।


हर वर्ष पहुंचते हैं लाखों श्रद्धालु

कपालमोचन तीर्थ स्थल पर हर वर्ष कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर पांच दिवसीय मेले का आयोजन होता है। मेले में स्थानीय श्रद्धालुओं समेत पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हिमाचल व उत्तराखंड समेत अन्य प्रदेशों के लाखों श्रद्धालु पहुंचकर पांच दिन तक कपालमोचन तीर्थ स्थल पर बने तीन पवित्र सरोवर ऋणमोचन सरोवर, कपालमोचन सरोवर व सूरजकुंड सरोवर में स्नान करते हैं। बताया जाता है कि तीनों सरोवरों में स्नान करने से मनुष्य को जहां पापों से मुक्ति मिलती है, वहीं मनुष्य जन्म-जन्म के चक्कर से छूटकर मोक्ष को प्राप्त होता है।

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