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नौकरी खोजने की बजाय बन सकते हैं नौकरी देने वाले, एबिक से जुड़कर उठाएं फायदा, जानें कैसे

अगर आपके पास कोई बिजनेस करने का नया तरीका या आइडिया है, तो ये आइडिया आपको 5 से 25 लाख रुपये की अनुदान राशि दिला सकता है। यह जानकारी चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर बी.आर. काम्बोज ने दी।

नौकरी खोजने की बजाय बन सकते हैं नौकरी देने वाले, एबिक से जुड़कर उठाएं फायदा, जानें कैसे
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 कार्यक्रम के दौरान एबिक के ब्रोशर को लांच करते विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर बी.आर. काम्बोज व अन्य।

हिसार : बेरोजगार युवा, छात्र, किसान एवं उद्यमी एचएयू स्थित एबिक से जुड़कर कृषि एवं संबंधित व्यवसाय में अपार संभावनाएं तलाश सकते हैं। इसके लिए अगर आपके पास कोई बिजनेस करने का नया तरीका या आइडिया है, तो ये आइडिया आपको 5 से 25 लाख रुपये की अनुदान राशि दिला सकता है। यह जानकारी चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर बी.आर. काम्बोज ने दी। वे विश्वविद्यालय में स्थित एबिक की इस स्कीम को लॉच करने के उपरांत बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि यह स्कीम युवाओं के लिए कृषि क्षेत्र में अपना व्यवसाय स्थापित करने का एक सुनहारा अवसर है। इस स्कीम के तहत एबिक से प्रशिक्षण व वित्तीय सहायता लेकर युवा नौकरी खोजने की बजाय नौकरी देने वाले बन सकते है। उन्होंने बताया कि चयनित एग्री स्टार्टअप्स को दो महीने के प्रशिक्षण के दौरान बिजनेस व तकनीकी व उद्यमी विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षित किया जाएगा। एबिक के माध्यम से स्टार्टअप भारत देश को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अहम भूमिका निभाएंगे।

उन्होंने बताया कि युवा, किसान व उद्यमी एबिक सेंटर के माध्यम से कृषि के क्षेत्र में प्रोसेसिंग, मूल्य संवर्धन, सर्विसिंग, पैकजिंग व ब्रांडिग करके व्यापार की अपार संभावनाएं तलाश सकते हैं। ये दोनों कार्यक्रम उनको आत्मनिर्भर बनाने में काफी मददगार साबित होंगे। इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य युवा व किसानों के कृषि व कृषि से संबंधित उनमें विद्यमान कौशल व उनके नवाचारों को निखारना है। इसके लिए आपको एचएयू व एबिक की वेबसाइट www.hau.ac.in and www.abichauhisar.com पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना है। आवेदन की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2021 निर्धारित की गई है। इसके लिए अनुदान राशि एक प्रक्रिया के तहत कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा दी जाएगी। इसके लिए एचएयू में नाबार्ड व कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार की राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (रफ्तार) के तहत स्थापित एबिक केंद्र के माध्यम से आपको आवेदन करना होगा।

66 इनक्यूबेटी को दी जा चुकी है ट्रेनिंग

इस सेंटर के माध्यम से बेरोजगार युवा, छात्र, किसान व उद्यमी मार्केटिंग, नेटवर्किग, लाइसेंसिग, ट्रैडमार्क व पेटेंट, तकनीकी व फंडिग से संबंधित प्रशिक्षण लेकर कृषि क्षेत्र में अपने स्टार्टअप को नया आयाम दे सकते हैं। इसके लिए पहल व सफल नाम से दो प्रोग्राम शुरू किए गए हैं, जिसमें पहल प्रोग्राम में 5 लाख रूपये जबकि सफल प्रोग्राम में 25 लाख रुपये की अनुदान राशि का प्रावधान है। एबिक ने (रफ्तार) के तहत अब तक 66 इनक्यूबेटी 2 महीने की ट्रेनिंग ले चुके हैं जिसमें से 27 स्टार्टअपस कृषि एवं कृषि कल्याण मंत्रालय द्वारा अनुदान राशि स्वीकृत की जा चुकी है। इन्होंने न केवल अपना व्यवसाय शुरू किया बल्कि अन्य लोगों को भी रोजगार मुहैया करवाया है।

आवेदन से पहले इन बातों का रखना होगा ध्यान

आवेदन की प्रक्रिया नि :शुल्क होगी। आवेदन करने वाला प्रदेश या फिर निकटवर्ती राज्य का होना जरूरी है, जो हरियाणा में आकर अपना व्यवसाय स्थापित करने का इच्छूक हो। इसके अलावा आवेदन करने वाले का मुख्य आइडिया एग्री बॉयोटैक, बागवानी, जैविक खेती, पशुपालन, मत्स्य पालन, सूक्ष्म सिंचाई, कृषि अभियांत्रिकी, खेती मशीनीकरण, कम खर्च में अधिक उत्पादन, आपूर्ति श्रृखंला प्रबंधन, कटाई व कटाई के बाद की प्रक्रिया, खाद्य प्रक्रिया एवं मूल्य संवर्धन, कृषि में कृत्रिम बुद्धिमता इत्यादि का विशेष ध्यान रखना होगा।

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