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शिक्षा के क्षेत्र में पहल के बढ़ते कदम : योजना का प्रथम चरण पूरा, दूसरे चरण का काम आरंभ

सरकारी स्कूलों में विज्ञान के प्रति बच्चों में रुचि पैदा करने व खेल-खेल मेंं सिखाने के लिए पहल योजना के प्रथम चरण में 8 स्कूलोंं को मूर्त रूप दिया जा चुका है। इसके साथ ही द्वितीय चरण के लिए भी 12 स्कूलोंं का चयन किया जा चुका।

शिक्षा के क्षेत्र में पहल के बढ़ते कदम : योजना का प्रथम चरण पूरा, दूसरे चरण का काम आरंभ
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 महेंद्रगढ़ : पहल योजना के तहत बनाए गए पार्क में मॉडल का निरीक्षण करते उपायुक्त अजय कुमार व अन्य। 

हरिभूमि न्यूज : महेंद्रगढ़

महेंद्रगढ़ खंड के सरकारी स्कूलों में विज्ञान के प्रति बच्चों में रुचि पैदा करने व खेल-खेल मेंं सिखाने के लिए पहल योजना के प्रथम चरण में 8 स्कूलोंं को मूर्त रूप दिया जा चुका है। इसके साथ ही द्वितीय चरण के लिए भी 12 स्कूलोंं का चयन किया जा चुका। चरणबद्ध तरीके से यह योजना चल रही है। इसी कड़ी मेंं विगत दिनों उपायुक्त अजय कुमार ने इस योजना का जायजा लेने के लिए खुद राजकीय माध्यमिक विद्यालय खातीवास का दौरा किया। उन्होंने पहल क्रियान्वन के लिए शैक्षिक भ्रमण व निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चें की विभिन्न शैक्षिक गतिविधियों को भी सराहा। एसडीएम महेंद्रगढ़ विश्राम कुमार मीणा की पहल व तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी अलका के सहयोग से चल रहे इस पहल कार्यक्रम के तहत इस योजना को भौतिक पटल पर चित्रित करने के उद्देश्य से खंड महेंद्रगढ़ के छह प्राथमिक व दो वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों का चयन किया गया।

दरअसल बीते समय में विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के कारण सभी स्कूलोंं को कुछ माह के लिए बंद करने की नौबत आ गई थी। बस इसी आपदा को इन अधिकारियों ने शिक्षा विभाग के साथ मिलकर अवसर में बदलने का मौका ढूंढ लिया। प्रशासन व शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षा और स्कूल के लिए अनूठे प्रयोग व प्रयास करने पर विचार किया गया। प्रयोग के तौर पर निर्णय लिया गया कि विद्यालय के उस भाग का नवीनीकरण किया जाए जो अभी तक सबसे अधिक उपेक्षित किन्तु विद्यार्थियों द्वारा सबसे ज्यादा समय व्यतीत किया जाता है। इसमें निर्णय लिया गया कि शिक्षा को कक्षा-कक्षों के भौतिक उपलब्धता में ही उद्दीप्त न रखा जाए अपितु विद्यालय के बाह्य क्षेत्र को भी उतना ही विस्तृत किया जाए। रूपरेखा का आधार बना बालकों मन, रुचि, प्रवृति, मनोविज्ञान व सम्पूर्ण बौद्घिक विकास, क्योंकि विचार आधार था कि विद्यालय के उपेक्षित व अविकसित भाग को प्रथमत: बालकों के सम्पूर्ण बौद्घिक विकास के मध्यनजर विकसित किया जाए। नव विकास आधारित विचार का नाम दिया गया पहल जिसका अभिप्राय है, प्राथमिक शिक्षा का सम्प्रेषण सीखने के समग्र दृष्टिकोण से हैं।

पहल की रूपरेखा मुख्य रूप से शिक्षा को समर्पित है, जिसमें जीवनोपयोगी जानकारियां व ज्ञान को नन्हें जीवन के साथ जोड़ा गया है। विभिन्न चित्रों के माध्यम से स्वस्थ व स्वच्छता की सीख, मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य को ध्यान मेंं रखते हुए भोजन के घटकों की जानकारी, सड़क सुरक्षा, योजना आधारित विभिन्न शैक्षिक पाकोंर् का विकास। जिसमें मुख्य रूप से गणित पार्क, विज्ञान पार्क, भूगोल पार्क व भाषाशाला का विकास प्रांगण के उस भाग में किया गया जो राजकीय विद्यालयों में अब तक सर्वाधिक उपेक्षित रहा है। गणित पार्क का मुख्य उद्देश्य गणित विषय के प्रति समझ व सहज उत्पन्न करना है।

डीसी ने विभिन्न पाकोंर् के आकलन व उनमें बच्चों की सक्रिय सहभागिता को देखने के बाद इस परियोजना को जिले के अन्य विद्यालयों में लागू करने का भरोसा दिलाया। इतना ही नहींं उन्होंने पहल का प्रथम चरण पूरा होने के बाद एसडीएम महेंद्रगढ़ विश्राम कुमार मीणा व जिला प्रशासन की तरफ से इसे राज्य स्तर पर प्रोत्साहित करने के लिए खंड के पहल विद्यालयों की एक डाम्क्युमेंटरी फिल्म भी बनाई जा रही है ताकि विभाग राज्य के विभिन्न जिलों में भी इस योजना को लागू करवा सके।

अब द्वितीय चरण की शुरुआत

पहले चरण में राजकीय प्राथमिक पाठशाला ढाढोत, राजकीय प्राथमिक पाठशाला श्योपुरा, राजकीय प्राथमिक पाठशाला खातीवास, राजकीय प्राथमिक पाठशाला माधोगढ़, राजकीय प्राथमिक पाठशाला नांगलमाला, राजकीय प्राथमिक पाठशाला जेरपुर, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बेरी, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सतनाली शामिल है। प्रथम चरण में पहल को मूर्त रूप दिया जा चुका है। इसके साथ ही द्वितीय चरण के लिए भी खंड महेंद्रगढ़ के 12 विद्यालयों का चयन किया जा चुका है एवं चरणबद्घ तरीके से उनमें भी योजना को शुरू किया जा चुका है।

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