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किसानों पर आई आफत, ओलावृष्टि और बरसात से फसलों को नुकसान

मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो बुधवार को भी प्रदेश के कई जिलों में बारिश के आसार हैं। पूरे सप्ताह मौसम परिवर्तनशील बना रहेगा। फरवरी के अंतिम सप्ताह और मार्च के प्रथम सप्ताह में अधिकतम व न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक चल रहा था।

किसानों पर आई आफत, ओलावृष्टि और बरसात से फसलों को नुकसान
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करीब एक पखवाड़े से तेजी से बढ़ रही गर्मी के बीच मंगलवार देर शाम को को प्रदेश के नारनौल, झज्जर, बहादुरगढ़ और रेवाड़ी में बारिश हुई। नारनौल और भिवानी में ओले गिरे हैं। यहां फसलों को नुकसान पहुंचा है। गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई है वहीं सरसों की फसल को भारी नुकसान हुआ है। वहीं, रोहतक और सोनीपत में आंधी चली है। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो बुधवार को भी प्रदेश के कई जिलों में बारिश के आसार हैं। पूरे सप्ताह मौसम परिवर्तनशील बना रहेगा। फरवरी के अंतिम सप्ताह और मार्च के प्रथम सप्ताह में अधिकतम व न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक चल रहा था। अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच हुआ था। तापमान बढ़ने से गर्मी समय से पहले ही दस्तक देने लगी थी। मार्च के प्रथम सप्ताह में दिन का तापमान सामान्य से 2 से 5 डिग्री अधिक रहा।

मंगलवार की शाम कई गांव में चली तेज हवा से गेहूं की फसल खेतों में चादर कर तरह बिछ गई। इसके बाद कहीं बारिश तो कहीं ओलों की बरसात शुरू हो गई। ओलावृष्टि टांडाहेड़ी और आसपास के गांवों में हुई है। स्थानीय किसान जगमोहन ने बताया कि ओलावृष्टि से कटने को तैयार खड़ी सरसों के खेतों में दाना झड़ गया। सोलधा, माजरा, डाबोदा समेत अन्य गांवों में तेज बारिश हुई।

किसान रामनिवास के अनुसार तेज हवा के साथ बरसात से गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई है। कृषि विभाग के उपमंडल अधिकारी डॉ सुनील कौशिक ने बताया कि उन्होंने मैदानी कर्मचारियों से रिपोर्ट मांगी है कि कहां-कहां बारिश, ओलावृष्टि या आंधी चली है और इससे क्या नुकसान हुआ है।

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