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Farners Protest : दिल्ली बॉर्डर बंद होने से बढ़ी समस्याएं, रास्ता खुलवाने पर चल रहा मंथन

किसान कुंडली बार्डर पर 96 दिनों से डटे हुए हैं। आंदोलन को मजबूत करने के लिए जहां किसानों को अपनी खेती-बाड़ी छोड़कर आंदोलन को आगे बढ़ाना पड़ रहा है, वहीं कुंडली बॉर्डर व आसपास के क्षेत्रों में मुख्य मार्ग अवरुद्ध होने के कारण उद्योग व व्यापार पूरी तरह से ठप हैं।

Farners Protest : दिल्ली बॉर्डर बंद होने से बढ़ी समस्याएं, रास्ता खुलवाने पर चल रहा मंथन
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धरनास्थल पर मौजूद किसान।

हरिभूमि न्यूज. सोनीपत

तीन कृषि कानूनों को निरस्त करवाने की मांग को लेकर किसान कुंडली बार्डर पर 96 दिनों से डटे हुए हैं। आंदोलन को मजबूत करने के लिए जहां किसानों को अपनी खेती-बाड़ी छोड़कर आंदोलन को आगे बढ़ाना पड़ रहा है, वहीं कुंडली बॉर्डर व आसपास के क्षेत्रों में मुख्य मार्ग अवरुद्ध होने के कारण उद्योग व व्यापार पूरी तरह से ठप हैं। जिस कारण स्थानीय निवासियों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कुंडली औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्रियां बंद है, जिस कारण मजदूरों पर रोजी-रेाटी का संकट गहराया हुआ है। दिल्ली न जा सकने के कारण लोगों पर बेरोजगार होने का संकट मंडरा रहा है। इन सभी परेशानियों को देखते हुए कुछ संगठन आगे आए हैं, ताकि रास्ता शीघ्र खुलवाने की अपील की जा सके।

बता दें कि तीन माह से अधिक समय से किसान कुंडली बॉर्डर पर मांगों को लेकर डटे हुए हैं। जिस कारण जहां किसानों को नुकसान झेलना पड़ रहा है। वहीं बार्डर व आसपास के क्षेत्रों में मुख्य मार्ग अवरूद्ध होने से उद्योग व व्यापार पूरी तरह से ठप है। कुंडली औद्योगिक क्षेत्र की करीब एक हजार से ज्यादा फैक्ट्रियां प्रभावित हैं तो राई औद्योगिक क्षेत्र में भी कच्चे माल के बड़े कंटेनर नहीं पहुंच पा रहे। जिससे यहां के 600 से ज्यादा उद्योग प्रभावित हैं। यही नहीं जीटी रोड के दोनों तरफ करीब 15 किलोमीटर तक दुकानें, संस्थान, मॉल व शो-रूम पूरी तरह से बंद पड़े हैं। जिस कारण प्रतिदिन करोड़ो रूपये का काम प्रभावित हो रहा है। किसान आंदोलन के कारण प्रभावित हो रहे उद्योग-धंधों व श्रमिकों के सामने पैदा हुए रोजी-रोटी के संकट को देखते हुए कुछ संगठन आगे आए हैं, ताकि समस्याओं का निपटान करने के लिए बातचीत का रास्ता शुरू किया जा सके। इन संगठनों ने रविवार को मंथन कर मार्ग खुलवाने की मांग की है।

राष्ट्रवादी परिवर्तन मंच ने स्थानीय निवासियों व व्यापारियों के साथ किया मंथन

राष्ट्रवादी परिवर्तन मंच ने मुख्य मार्ग बंद होने के कारण क्षेत्र में हो रही परेशानियों को लेकर रविवार को एक वैचारिक मंथन आयोजित किया। इस मंथन में स्थानीय निवासियों, व्यापारियों, इंडस्ट्रीज, टीडीआई किंग्सबेरी, मैक्स हाइट एवं शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत लोगों को शामिल किया गया। मंच के अध्यक्ष हेमंत नांदल ने कहा कि मंच किसान आंदोलन के विरोध में नही है, लेकिन स्थानीय क्षेत्र की समस्याओं को भी अब ज्यादा समय तक नजर नजरअंदाज नही किया जा सकता। यहां पर व्यापार ठप हो चुका है। किसान आंदोलन का केंद्र कुंडली बार्डर होने के कारण सोनीपत पर इसका सबसे ज्यादा असर हो रहा है। एक तरफ जहां ट्रेनें नहीं चल रही तो वहीं, जीटी रोड बंद होने के कारण यात्री आवागमन के लिए बेहद मुश्किलों से होकर गुजर रहे हैं। सोनीपत से 40 हजार से ज्यादा लोग दिल्ली पर निर्भर हैं तो वहीं, उद्योगों से संबंधित मैटिरियल व मशीनी सामान भी वाया दिल्ली आता है। तीन महीने से ये सब बंद है। जिस कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

फसल नष्ट ना करें किसान, देश पर आएगा संकट

सरकार के रुख से हताश कई किसानों ने अपनी खड़ी फसल को नष्ट कर दिया है। किसानों के इस कदम को देखते हुए डा. ताराचंद राणा समेत अनेक प्रतिनिधियों ने किसानों को नसीहत भी दी है कि किसान अपनी फसलों को नष्ट न करें, क्योंकि फसलें नष्ट करने से केवल किसानों का ही नहीं, पूरे देश का नुक्सान है। किसानों को अन्नदाता कहा गया है, क्योंकि वह पूरे देश का पेट भरता है। ऐसे में यदि वह फसल नष्ट करेगा तो देश पर संकट आ जाएग। मंच की ओर से इस समस्या का समाधान करवाने के लिए दहिया खाप प्रमुख सुरेंद्र दहिया एवं अन्य खाप प्रमुखों से भी सहयोग के लिए मुलाकात की जाएगी।

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