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बाबा मस्तनाथ मठ में मेले का शुभारंभ, पहुंचेंगे लाखों श्रृद्धालु

मेले में मनोरंजन व खान-पान का पूरा प्रबंध है। तरह-तरह के झूले व खाने-पीने के अनेक स्टाॅल लगाए गए हैं।

बाबा मस्तनाथ मठ में मेले का शुभारंभ, पहुंचेंगे लाखों श्रृद्धालु
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लाइटों से सजाया गया बाबा मस्तनाथ मठ।

हरिभूमि न्यूज. रोहतक

बाबा मस्तनाथ मठ में आज से तीन दिवसीय मेले का आगाज होगा। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आकर्षक लाईटों से सजे मठ की छठा देखते ही बनती है। 23 नवंबर तक चलने वाले मेले में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं आकर माथा टेकेेंगे। बाबा मस्तनाथ के यहां दर्शन करेंगे और आस्था के साथ मन्नतें मांगेंगे। मेले में मनोरंजन व खान-पान का पूरा प्रबंध है। तरह-तरह के झूले व खाने-पीने के अनेक स्टाॅल लगाए गए हैं। कोरोना महामारी के चलते श्रद्धालुओं मास्क लगाकर आएं और सेनिटाईजर भी साथ रखें। इतना ही नहीं सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन करें। वहीं मेले में कोविड टीकाकरण के लिए भी कैंप का विशेष प्रबंध किया गया है।

बाबा मस्तनाथ का आशीर्वाद लेने आते हैं

पूजा-अर्चना के लिए दूर-दराज से आए साधुओं ने बताया कि बाबा तोतानाथ महाराज के समय से ही वार्षिक मेला बड़ी धूम-धाम से मनाया जाता है। दुनिया भर से भक्त बाबा मस्तनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने आते हैं। नवमी के दिन ऋषि-मुनि तपस्वी महादेव के समस्तगण, गुरु गोरखनाथ के साक्षात दर्शन होते हैं। दर्शन से पुण्य का उदय होता है।

मिठाइयां हो रही तैयार

मेले में श्रवण रैबारी (हलवाई) 50 लोगों की टीम के साथ श्रद्धालुओं के लिए लड्डू, बालूशाही, जलेबी, गूंदपाक आदि देसी घी से निर्मित मिठाईयां तैयार कर रहे हैं। वे पिछले 28 वर्षों से बाबा मस्तनाथ मेले में आने वाले भक्तों के प्रसाद के लिए मिठाईयां तैयार कर रहे हैं। मेले में साधु-संत पहुंचना शुरु हो गए हैं।

उत्तम व्यवस्थाएं

झूलों के ठेकेदार संसार राठी ने बताया कि पिछले 17 वर्षों से वे यहां लगातार बाबा मस्तनाथ के मेले में अपने झूले लगा रहे हैं। इस बार भी उनके ही झूले लगे हैं। उन्होंने कहा कि मेला प्रबंधन समीति की ओर से सारी व्यवस्थाए उत्तम प्रकार की हैं। मेले में पहली बार जूस का स्टाॅल लगा रहे बींटू ने कहा कि वे यहां आने वाले श्रद्धालुओं को ताजा गन्ने का जूस उपलब्ध करवाएंगे। साफ सफाई का विशेष ध्यान रखेंगे। सोनीपत के विनोद जो यहां आर्टिफिशियल ज्वेलरी का स्टॉल लगा रहे हैं ने बताया कि वे परिवार के साथ यहां आए हैं। पिछले चार साल से यहां जवेलरी स्टाॅल लगा रहे हैं।

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