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इंसानियत शर्मसार : मकान मालिक ने परिवार को घर में नहीं लाने दिया किरायेदार का शव

मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले का ज्ञासीराम बहादुरगढ़ में नजफगढ़ रोड स्थित मकान में किराये पर रह रहा था। बीमारी के बाद बुधवार रात काे उसकी मौत हो गई, परिजन शव को घर में लाने लगे तो मकान मालिक ने मना कर दिया।

इंसानियत शर्मसार : मकान मालिक ने परिवार को घर में नहीं लाने दिया किरायेदार का शव
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दुकान के बाहर शेड के नीचे रखा गया शव।

हरिभूमि न्यूज : बहादुरगढ़

शहर में इंसानियत को शर्मसार करता एक मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति ने किरायेदार का शव मकान के अंदर नहीं लाने दिया। दाह संस्कार से पहले की रस्म निभाने के लिए किरायेदार परिवार ने काफी मिन्नतें की, लेकिन मकान मालिक ने एक न सुनी। इसके बाद परिवार ने जैसे-तैसे एक संस्था के सहयोग से शव का दाह संस्कार कर दिया।

दरअसल, मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले का निवासी करीब 40 वर्षीय ज्ञासीराम बहादुरगढ़ में नजफगढ़ रोड स्थित एक मकान में पिछले कुछ समय से किराये पर रह रहा था। मेहनत मजदूरी करके वह परिवार का पोषण कर रहा था। परिजनों की मानें तो लगभग दो सप्ताह पहले उसकी तबीयत बिगड़ गई थी। जांच कराने पर लीवर में दिक्कत मिली। उपचार के लिए पीजीआई रोहतक में भर्ती कराया गया। वहां बुधवार की देर रात को उसने दम तोड़ दिया। मौत हो जाने के बाद परिवार के सदस्य वीरवार की सुबह शव को ले आए। सुबह करीब छह बजे जब शव को मकान के अंदर ले जाने लगे तो मालिक ने आपत्ति जताई। कहा कि मकान में रह रहे अन्य परिवारों के बच्चे डर जाएंगे, शव को भीतर मत लाओ।

मकान के बाहर शेड के नीचे रखना पड़ा शव

परिजनों ने काफी मिन्नतें की, लेकिन मालिक का दिल नहीं पसीजा। मजबूरन परिवार ने मकान के बाहर शेड के नीचे शव को रख दिया। मृतक ज्ञासीराम के भाई छोटे लाल ने कहा कि दाह संस्कार से पहले कुछ रस्म पूरी करनी थी। रिश्तेदारों को आना था। काफी आग्रह करने के बाद भी उनकी नहीं सुनी गई। इस वजह से कुछ रस्म रह गई तो कुछ सड़क किनारे ही पूरी करनी पड़ी। सामाजिक संस्था मोक्ष से मदद ली गई। इस नजारे को देखकर लोगों ने भी दुख जताया। लोगों ने कहा कि इस तरह की घटनाएं मानवता को शर्मसार करती हैं। मोक्ष समिति के प्रधान सुरेंद्र चुघ ने कहा कि उनके पास फोन आया था। जब वो गए तो शव मकान के बाहर एक शेड के नीचे था। दाह संस्कार कराने में परिवार की मदद कर दी गई है।


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