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कैसे मिलेगी मनपसंद साइकिल : मार्केट में साइकिल की कीमत 4400 से शुरू, सरकार की लिमिट महज 2800 से 3000 रुपये

शिक्षा विभाग चार व पांच अक्टूबर को डीईईओ कार्यालय में साइकिल मेला लगाएगा, जहां पहुंचकर विद्यार्थी अपनी मनपसंद साइकिल चयनित करेंगे। सरकार ने साइकिलों की खरीद के लिए जिले को करीब पांच लाख रुपये का बजट मुहैया कराया है। इस दो दिवसीय साइकिल मेले में राजकीय स्कूलों में कक्षा छठी में पढ़ने वाले अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को घर से विद्यालय आने-जाने के लिए उनकी पसंद की साइकिल प्रदान की जाएगी।

कैसे मिलेगी मनपसंद साइकिल : मार्केट में साइकिल की कीमत 4400 से शुरू, सरकार की लिमिट महज 2800 से 3000 रुपये
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 नारनौल : साइकिल स्टोर में रखी साइकिलें। फोटो: हरिभूमि

हरिभूमि न्यूज : नारनौल

सरकारी स्कूलों में घर से करीब दो किलोमीटर दूर पढ़ाई करने जाने वाले कक्षा छठी के बच्चों को शिक्षा विभाग द्वारा मेरी साइकिल मेरी पसंद योजना के तहत आगामी चार व पांच अक्टूबर को जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में साइकिल मेले का आयोजन किया जाएगा, लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि मेरी पसंद मेरी साइकिल के तहत साइकिल चयनित करने वाले विद्यार्थियों को सरकार की ओर से महज 2800-3000 रुपये ही प्रदान किए जाएंगे। शेष राशि अभिभावकों को अपनी जेब से वहन करनी होगी। जबकि मार्केट में इस समय 4400 रुपये से लेकर 20 हजार रुपये तक की साइकिलें मौजूद हैं। यदि विद्यार्थी ने 20 हजार वाली साइकिल पसंद कर ली तो शेष राशि अभिावक को ही वहन करनी होगी।

शिक्षा विभाग चार व पांच अक्टूबर को डीईईओ कार्यालय में साइकिल मेला लगाएगा, जहां पहुंचकर विद्यार्थी अपनी मनपसंद साइकिल चयनित करेंगे। सरकार ने साइकिलों की खरीद के लिए जिले को करीब पांच लाख रुपये का बजट मुहैया कराया है। इस दो दिवसीय साइकिल मेले में राजकीय स्कूलों में कक्षा छठी में पढ़ने वाले अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को घर से विद्यालय आने-जाने के लिए उनकी पसंद की साइकिल प्रदान की जाएगी। इस योजना का लाभ केवल दो किलोमीटर या इससे अधिक दूर से पढ़ने के लिए स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों को ही दिया जाएगा। शिक्षा विभाग ने साइकिल मेले में भाग लेने के लिए साइकिल विक्रेताओं को आमंत्रित किया है।

महज तीन हजार में कैसे होगी पसंद पूरी

मेरी पसंद मेरी साइकिल योजना के तहत सरकार ने प्रति छात्र 2800 से 3000 रुपये ही प्रदान करने की लिमिट तय की है। यदि इससे ज्यादा कीमत की पसंदीदा साइकिल हुइ तो ज्यादा कीमत की साइकिल पसंद करने पर विद्यार्थी के अभिभावकों को शेष राशि का अपनी जेब से भुगतान करनी होगी।

साइकिलों की लगेगी मेले में प्रदर्शनी

इस मेले में 20 इंची तथा 22 इंची साइकिलों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। जो विद्यार्थी 20 इंची साइकिल पसंद करेगा, शिक्षा विभाग उस छात्र के बैंक खाते में 2800 रुपये तथा जो छात्र-छात्रा 22 इंची साइकिल पसंद करेगा, उसके बैंक खाते में 3000 रुपये की राशि डाली जाएगी।

मेले में करनी होगी साइकिल पसंद

जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी बिजेंद्र सिंह श्योराण ने बताया कि राजकीय स्कूलों में छठी कक्षा में पढ़ने वाले अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को साइकिल मेले में अपनी पसंद की साइकिल चयन करने का मौका दिया जाएगा। इस योजना का लाभ केवल दो या इससे अधिक दूरी से चलकर स्कूल आने वाले विद्यार्थियों को ही दिया जाएगा।

सरकार ही लेकर दे साइकिल

अनुसूचित जाति कर्मचारी कल्याण संघ के पूर्व प्रधान जयनारायण ने कहा कि पहले की सरकारें विद्यार्थियों को स्कूल में ही साइकिलें बांटती थी और उसकी सारी कीमत सरकार ही अदा करती थी, लेकिन अब उस योजना का स्वरूप ही बदल दिया गया है। महज 2800-3000 रुपये देने से कुछ नहीं होगा। यह गलत है। सरकार को ही साइकिल लेकर देनी चाहिए।

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