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ऐसे कैसे देंगे कोरोना को मात, बिना वैक्सीन लगवाए ही भेज दिया सफल वैक्सीनेसन का मैसेज

गांव खरखड़ा निवासी प्रकाश ने बताया कि उसकी मां ने वैक्सीन के लिए पंजीकरण करवाया था और वैक्सीन नहीं लगवा पाई। फिर भी उनके मोबाइल पर वैक्सीन लगने का मैसेज आ गया।

ऐसे कैसे देंगे कोरोना को मात, बिना वैक्सीन लगवाए ही भेज दिया सफल वैक्सीनेसन का मैसेज
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स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऑनलाइन जारी किया गया वैक्सीनेसन प्रमाण पत्र।

हरिभूमि न्यूज. धारूहेड़ा/रेवाड़ी

सरकार के कोरोना को हराने के प्रयासों की धार को स्वयं स्वास्थ्य विभाग ही कुंद करने में लगा हुआ है। कोरोना जांच में अक्सर सवालों के घेरे में रहने वाला जिला स्वास्थ्य विभाग अब वैक्सीन लगवाने का झूठा प्रमाण पत्र जारी करके विवादों में घिर गया है।

गांव खरखड़ा निवासी प्रकाश ने बताया कि उसने धारूहेड़ा पीएचसी में अपनी 60 वर्षीय माता पवित्रा देवी का कोरोना वैक्सीन के लिए पंजीकरण करवाया तथा 19 अप्रैल को वैक्सीन लगाने के लिए धारूहेड़ा पीएचसी में आने का मैसेज मिला। 19 अप्रैल को उसकी मां कोरोना वैक्सीन नहीं लगवा पाई। बावजूद इसके दोपहर को उसके फोन पर सफल कोविड मिला। मैसेज मिलने के बाद प्रमाण पत्र डाउनलोड किया जिसमें बिना पीएचसी गए उसकी मां काे वैक्सीन लगी दिखाई गई। प्रमाण पत्र में अगली वैक्सीन लेने की तिथि भी 17 मई व 14 जून 2021 बताई गई। कोरोना जैसी गंभीर बीमारी में स्वास्थ्य विभाग द्वारा वैक्सीनेसन को लेकर कागजों में खेले जा रहे फर्जीवाड़े से न केवल स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है, बल्कि कोरोना से निपटने की सरकार की निष्ठा पर भी सवाल उठने लगे हैं।

ऐसा संभव तो नहीं, फिर....

डॉ. जयप्रकाश ने कहा कि कोरोना वैक्सीनेसन व जांच पूरी तरह से ऑनलाइन है। किसी को वैक्सीन लगे बिना प्रमाणत्र जारी होना संभव नहीं है। टेक्नीकल खामी के कारण कुछ मामलों में ऐसा हो सकता है। ऐसे मामलों में पात्र व्यक्ति अस्पताल में संपर्क कर अपने रिस्क पर दोबारा वैक्सीन लगवा सकते हैं। पहले भी एक-दो बार ऐसे मामले सामने आ चुके हैं।



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