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गृह सर्वेक्षण : अब भी कई गांवों में बिना शौचालय के घर

जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कुशल कटारिया ने बताया कि दिसंबर माह में सरकार के निर्देशानुसार गांव-गांव जाकर सक्षम युवाओं से बिना शौचालय वाले घरों का सर्वेक्षण प्रारंभ करवाया गया था। अब यह सर्वे पूरा हो गया है। जिला के गांवों में करीब पंद्रह सौ घर ऐसे पाए गए हैं, जिनमें शौचालय नहीं बना हुआ था।

गृह सर्वेक्षण : अब भी कई गांवों में बिना शौचालय के घर
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हरिभूमि न्यूज, चरखी दादरी

दादरी जिला के गांवों में सभी घरों में शौचालय हो, यह सुनिश्चित करने के लिए स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ग्रामीण विकास अभिकरण की ओर से एक सर्वे करवाया गया है। इस सर्वे में सामने आए बिना शौचालय वाले घरों का प्राथमिकता से चयन कर उनको 12 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा।

जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कुशल कटारिया ने बताया कि दिसंबर माह में सरकार के निर्देशानुसार गांव-गांव जाकर सक्षम युवाओं से बिना शौचालय वाले घरों का सर्वेक्षण प्रारंभ करवाया गया था। अब यह सर्वे पूरा हो गया है। जिला के गांवों में करीब पंद्रह सौ घर ऐसे पाए गए हैं, जिनमें शौचालय नहीं बना हुआ था। भारत सरकार का प्रयास है कि कोई भी घर ऐसा नहीं होना चाहिए, जिसमें शौचालय न हो। परिवार में बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, दिव्यांग, बच्चे आदि सहित हर किसी के लिए शौचालय की सुविधा होनी चाहिए। बाहर शौच जाने से बीमार या असहाय को तकलीफ होती ही है, साथ ही गंदगी भी फैलती है, जिससे बीमारियां बढ़ने का खतरा रहता है। इसलिए शौचालय हर घर में होना जरूरी है।

कुशल कटारिया ने बताया कि अब जो परिवार सामने आए हैं, उनमें प्राथमिकता से चयन करते हुए पात्र व्यक्तियों को अनुदान देकर उनके घरों में शौचालय बनवाए जाएंगे। यह अनुदान राशि 12 हजार रुपये तय की गई है। इस राशि से जमीन में सेफ्टी टैंक, सीट, टंकी व शौचालय बनवाया जाएगा। जिन लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी, उनमें सबसे पहले बीपीएल परिवार, अनुसूचित वर्ग, दिव्यांग, भूमिहीन मजदूर, छोटे व सीमांत किसान, ऐसे परिवार जिनकी मुखिया महिलाएं हैं, को चुना जाएगा । मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि मार्च माह तक पांच सौ पात्रों का चयन कर उनके घरों में शौचालय बनवाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बाकी पात्रों को अगले वित्तीय वर्ष में यह अनुदान दिया जाएगा।

कुशल कटारिया ने बताया कि जिला के 31 गांवों को ओडीएफ प्लस घोषित कर दिया गया है। शेष गांवों में भी स्वच्छ भारत मिशन के मानकों को पूरा करवाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। ओडीएफ प्लस के लिए सरकार ने तरल व ठोस कूड़ा प्रबंधन, दूषित पानी की निकासी, हर घर में शौचालय, गांव में प्रवेश करते ही सुंदरता व स्वच्छता दिखाई देना आदि मानक तय किए हुए हैं।

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