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पंजाब और हरियाणा सरकार को हाईकोर्ट का आदेश : कोरोनो मरीजों को घर पर ही ऑक्सीजन उपलब्ध करवाई जाए

हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार सहित पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ को आदेश दिए हैं कि घरों में ऑक्सीजन की सप्लाई का काम म्युनिसिपल ऑथॉरिटिस को दिया जाए क्योंकि स्वास्थ्य विभाग के लोग इस समय काफी व्यस्त हैं।

हिमाचल में ऑक्सीजन की कमी हुई दूर, केंद्र से मिले 500 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर
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प्रतीकात्मक तस्वीर

ऑक्सीजन की भारी कमी को देखते हुए, पंजाब एंव हरियाणा हाई कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार को लोगों के जीवन को बचाने के लिए जल्द से जल्द आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार सहित पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ को आदेश दिए हैं कि वो ऑक्सीजन का पूरा बंदोबस्त करें ताकि बहुमूल्य जीवन को बचाया जा सके। हाईकोर्ट ने कहा कि खासतौर पर वह लोग जो घरों पर ऑक्सीजन की सपोर्ट पर हैं उन्हें घर पर ही ऑक्सीजन उपलब्ध करवाई जाए ताकि अस्पतालों में भीड़ को कम किया जाए और लोगों को राहत मिले।

जस्टिस राजन गुप्ता एवं जस्टिस करमजीत सिंह की खंडपीठ ने कहा कि घरों में ऑक्सीजन की सप्लाई का काम म्युनिसिपल ऑथॉरिटिस को दिया जाए क्योंकि स्वास्थ्य विभाग के लोग वैसे भी इस समय काफी व्यस्त हैं। इसके साथ ही हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार द्वारा 29 अप्रैल को जारी आदेशों को सख्ती से लागु करने के भी पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ को आदेश दे दिए हैं। हाई कोर्ट ने कहा कि इन आदेशों के जरिए यह कहा गया था कि राज्य सरकारें एक वेब पोर्टल जारी करें जिसमे उनके सभी जिलों के अस्पतालों के खाली बेड, दवाओं, ऑक्सीजन, वेंटिलेटर्स, आईसीयू बेड और वेक्सिनेशन की पूरी जानकारी हो जिसे लगातार अपडेट किया जाए ताकि आम लोगों को इससे पूरी जानकारी मिल सके की कहां बेड खाली हैं, कहा से ऑक्सीजन मिलेगी और कहा दवाएं उपलब्ध हैं और जहाँ ज्यादा जरुरत हो वहां इनकी पर्याप्त सप्लाई की जाए और जहां से भी ऑक्सीजन और दवाओं की जमाखोरी और कालाबाजारी की शिकायत आये उनके खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाए।

हरियाणा सरकार ने हाई कोर्ट को बताया कि राज्य में इस समय 231 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरुरत है जबकि सिर्फ पानीपत प्लांट की क्षमता ही 260 मीट्रिक टन ऑक्सीजन बनाने की है लेकिन इस प्लांट से दिल्ली, पंजाब, और अन्य पडो़सी राज्यों को ऑक्सीजन की सप्लाई हो रही है जिसके चलते राज्य को ऑक्सीजन की कमी झेलनी पड़ रही है और इस प्लांट से राज्य का कोटा कम कर 20 मीट्रिक टन कर दिया गया है और ज्यादा ऑक्सीजन बनाए जाने के कारण यह प्लांट ओवर हीटिंग का शिकार हो चूका है और अपनी पूरी क्षमता में काम नहीं कर पा रहा है।

ओडिशा के राउरकेला संयंत्र से 70 एमटी का आवंटन हरियाणा तक पहुंचने में लगभग चार दिन लगते हैं। हरियाणा सरकार ने कहा कि अगर समय पर ऑक्सीजन की आपूर्ति की न की जाए तो स्थिति इतनी गंभीर है कि अगले 24 घंटों में राज्य में कई लोगों की जान जा सकती है। इस पर हाई कोर्ट ने हरियाणा को छूट दी कि वह आपात स्थिति में केंद्र द्वारा तैयार ऑक्सीजन के बफर स्टॉक से ऑक्सीजन ले सकता है।


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