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स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज बोले- लोगों की नाराजगी झेल सकते हैं लेकिन लाशों के ढेर नहीं देख सकते

विज ने कहा कि उपायुक्त मॉनिटरिंग कमेटी बनाकर नियमित निगरानी करें। उन्होंने रेमेडिशिविर की कालाबाजारी पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि इसके लिए ड्रग्स टीमें लगाकर चेकिंग की जाए।

स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज बोले- लोगों की नाराजगी झेल सकते हैं लेकिन लाशों के ढेर नहीं देख सकते
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Home and Health Minister Anil Vij

हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज (Home and Health Minister Anil Vij) ने कहा कि कोरोना को फैलने से रोकने के दो तरीके हैं। पहला तरीका लॉकडाउन (Lockdown) और दूसरा- सख्ती है। हम चाहते हैं कि प्रदेश में लॉकडाउन की बजाय सख्ती बरतकर हालात से निपटा जाए। उन्होंने कहा कि हम सख्ती बरतकर लोगों की नाराजगी झेल सकते हैं लेकिन लोगों को मरते हुए नहीं देख सकते। इस बार कोरोना (Coroana) अति सक्रिय है। पिछले साल यह धीरे-धीरे बढ़ा था लेकिन इस बार एक ही दिन में लगभग साढ़े पांच हजार मामले सामने आना गंभीर चिंता की बात है। इसलिए हमें कंटेनमेंट और माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाने होंगे। अतिरिक्त बैड की व्यवस्था करें। जरूरत पडऩे पर स्कूलों, धर्मशालाओं में भी बैड लगाए जा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि उपायुक्त मॉनिटरिंग कमेटी बनाकर नियमित निगरानी करें। उन्होंने रेमेडिशिविर की कालाबाजारी पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि इसके लिए ड्रग्स टीमें लगाकर चैकिंग की जाए। ऐसे समय में भी जो व्यक्ति पैसे कमाने की लालसा रखता है, ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों के घर जाकर कम से कम दो दिन में एक बार अवश्य उनकी जांच की जाए। इसके लिए बाकायदा एक ऐप बनाई गई है। श्री विज ने कहा कि उन्होंने पिछली बार हर जिले में लोगों से पूछा था और इस बार भी रियलिटी चैक जरूर किया जाएगा।

बता देें कि गुरुवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कोविड-19 मामलों और टीकाकरण की समीक्षा के लिए बुलाई गई बैठक में स्वास्थ्य एवं गृह मंत्री अनिल विज वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से जुड़े थे।

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