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विदेशी पक्षियों की चहचहाट से गूंजने लगा हथनीकुंड बैराज

बैराज पर विदेशी पक्षियों की चहल कदमी और चहचहाट से नैशनल पार्क की शाल वैली का वातावरण मंत्रमुग्ध कर देने वाला बन गया है। वहीं, दुर्लभ पक्षियों को देखने के लिए आसपास के क्षेत्र समेत साथ लगते राज्यों के लोग भी पहुंचने लगे हैं।

विदेशी पक्षियों की चहचहाट से गूंजने लगा हथनीकुंड बैराज
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यमुनानगर के हथनीकुंड बैराज में पानी में विचरते विदेशी पक्षी।

हरिभूमि न्यूज. यमुनानगर

सर्दी का मौसम शुरू होते ही हरियाणा की सीमा स्थित हथनीकुंड बैराज (Hathnikund Barrage) पर विदेशी पक्षियों की चहचहाट गूंजने लगी है। जिससे बैराज का वातावरण ओर अधिक मनमोहक बन गया है। विदेशी पक्षियों में साइबेरिया, चीन और दक्षिण यूरोप के पक्षी शामिल हैं, इन देशों में इन दिनों अधिक ठंड होती है। ठंड से बचने के लिए मैदानी इलाकों की झीलों में अपने दिन गुजारते हैं।

हथनीकुंड बैराज समेत ताजेवाला व अराइयांवाला के नजदीक पिछले कई दिन से विदेशी पक्षियों के झुंंड दिखाई देने लगे हैं। बैराज पर विदेशी पक्षियों की चहल कदमी और चहचहाट से नेशनल पार्क की शाल वैली का वातावरण मंत्रमुग्ध कर देने वाला बन गया है। वहीं, दुर्लभ पक्षियों को देखने के लिए आसपास के क्षेत्र समेत साथ लगते राज्यों के लोग भी पहुंचने लगे हैं।

हथनीकुंड बैराज पर पहुंचने वाले पक्षियों में साइबेरियन सारस,धोबिन चिडि़या, मुर्गाबी, पिनटेल, किंगफिशर, पैटेंड, वुडसैंड, पाइपर, ग्रेलेगगूज, घनेर आदि शामिल हैं। इन पक्षियों को इन दिनों बैराज पर पानी में अठखेलियां करते देखा जा सकता है। इन पक्षियों की अठखेलियां लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं।

दुर्लभ पक्षियों को देखने का मिलता है मौका

हथनीकुड बैराज पर पक्षियों को देखने के लिए पहुंचे पक्षी प्रेमियों ने बताया कि वह हर वर्ष पक्षियों को देखने के लिए आते हैं। आस पास के क्षेत्र के लोगों का सौभाग्य है कि हर वर्ष उनके क्षेत्र में विदेशों से दुर्लभ प्रजाति के पक्षी पहुंचते हैं। जिनके उन्हें आसानी से दर्शन हो जाते हैं।



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