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बदले जा सकते हैं हरियाणा के डीजीपी, गृह विभाग ने आठ नामों का पैनल बनाया

नए डीजीपी की ताजपोशी के लिए एसीएस (अतिरिक्त मुख्य सचिव) राजीव अरोड़ा को प्रदेश के गृहमंत्री अनिल विज ने निर्देश दिए थे। आठ नामों का पैनल बनाकर सीएमओ में भेजा गया है।

बदले जा सकते हैं हरियाणा के डीजीपी, गृह विभाग ने आठ नामों का पैनल बनाया
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मंत्री अनिल विज और डीजीपी मनोज यादव।

हरियाणा गृह विभाग की ओऱ से नए डीजीपी ( DGP) की ताजपोशी के लिए एसीएस (अतिरिक्त मुख्य सचिव) राजीव अरोड़ा को प्रदेश के गृहमंत्री अनिल विज (Anil Vij) ने निर्देश दिए थे। साथ ही इसमें बिना देरी किए नामों का पैनल तैयार कर भेजने को कहा था। सूत्र बताते हैं कि राज्य गृह विभाग की ओऱ से वरिष्ठता क्रम में आठ नामों का पैनल बनाकर सीएमओ (मुख्यमंत्री आफिस) को भेज दिया गया है। उक्त नामों के पैनल को भेजे जाने की जिम्मेदारी भी सीएम आफिस पर आ गई है। कुल मिलाकर सीएम आफिस से नए नामों का पैनल केंद्र में भेजे जाने के बाद में यह भी तय है कि राज्य पुलिस की कमान किसी अन्य चेहरे को सौंपी जा सकती है। वैसे भी एक बार फिर से मनोज यादव वर्तमान डीजीपी की केंद्र में वापसी होने की प्रबल संभावनाएं हैं।

कानून व्यवस्था को लेकर विज के लिखे जाने के बाद फंसा पेंच

हरियाणा में कानून व्यवस्था, बड़ी घटनाओं, किसान आंदोलन को लेकर गृहमंत्री द्वारा नाराजगी जाहिर करने के बाद से मामला तूल पकड़ता दिखाई दे रहा है। इतना ही नहीं विज ने सीएम आफिस के माध्यम से केंद्र को लिख दिए जाने के बाद में बड़ा पेंच फंसा हुआ है, क्योंकि आने वाले वक्त में राज्य के अंदर किसी भी तरह की कोई कानून व्यवस्था को लेकर स्थिति पैदा हुई, तो जवाबदेही किसकी होगी? इस तरह के कईं सवाल खड़े हो रहे हैं।

डीजीपी ने अभी तक नहीं दिया गृहमंत्री विज को जवाब

डीजीपी द्वारा गृहमंत्री अनिल विज द्वारा मांगे गए पत्र का जवाब तय समय सीमा में नहीं देना सिरदर्द साबित हो सकता है। डीजीपी मनोज यादव की कार्यप्रणाली को लेकर अंसतुष्ट व नाराज विज अब एक्शन के मूड में हैं। गृह विभाग के मुखिया अनिल विज पहले ही प्रदेश के डीजीपी मनोज यादव को राज्य में एक्सटेंशन दिए जाने की बात पर सहमत नहीं थे। नाराज गृहमंत्री विज ने इस संबंध में एक आफिशियल सख्त पत्र भी भेजकर डीजीपी की कार्यप्रणाली पर अंसतोष जाहिर किया था। उन्होंने किसान आंदोलन के दौरान, कानून व्यवस्था बनाए रखने सहित कईं मौकों का जिक्र करते हुए डीजीपी को अपने पत्र में इनकंपीटेंट अफसर बताया था। गृहमंत्री ने राज्य गृह विभाग के एसीएस को निर्देश भी जारी किए थे कि नए डीजीपी की नियुक्ति के लिए नामों का पैनल बनाकर भेजा जाए।

अनिल विज दिखे थे नाराज

प्रदेश के गृह एवं सेहत मंत्री अनिल विज ने चार सप्ताह पहले एक पत्र के माध्यम से हरियाणा नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो को लेकर डीजीपी द्वारा मामलों को लटकाने व उदासीनता पर नाराजगी जाहिर की थी। अनिल विज ने प्रदेश में ड्रग और नशा तस्करों पर शिकंजा कसने के लिए ब्यूरो को मजबूत करने व मूलभूत ढांचा प्रदान करने में हो रही देरी सहित अन्य कईं विषयों पर स्पष्टीकरण मांग लिया था। राज्य के गृहमंत्री के जिस पत्र का जवाब एक सप्ताह मे देना था, उसका जवाब 26 दिनों के बाद में भी नहीं दिया गया है। इस संबंध में डीजीपी को एक रिमाइंडर भी भेजा गया है। उसके बाद भी एसीएस होम के माध्यम से जवाब नहीं मिल सका है। उधर, डीजीपी की कार्यप्रणाली से नाखुश व एक्सटेंशन को लेकर भी जबरदस्त आपत्ति करने वाले गृहमंत्री अब पुलिस प्रमुख के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई के मूड में हैं। कुल मिलाकर गृह विभाग की कमान संभाल रहे विज की नाराजगी आने वाले दिनों में पुलिस प्रमुख के लिए खासी सिरदर्दी भरी हो सकती है।

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