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हरियाणा विधानसभा मनाएगी अमृत महोत्सव, उपराष्ट्रपति करेंगे विशेष सत्र का उद‍्घाटन

विधान सभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित उपराष्ट्रपति आवास पर एम. वेंकैया नायडू से मुलाकात की। उन्होंने हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष के आमंत्रण को स्वीकार कर लिया है।

हरियाणा विधानसभा मनाएगी अमृत महोत्सव, उपराष्ट्रपति करेंगे विशेष सत्र का उद‍्घाटन
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नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू से मुलाकात करते विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता।

चंडीगढ़। आजादी के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में मनाए जा रहे अमृत महोत्सव के निमित्त हरियाणा विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। इस सत्र का उद्घाटन देश के उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू करेंगे। इस सिलसिले में विधान सभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित उपराष्ट्रपति आवास पर उनसे मुलाकात की। नायडू ने हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष के आमंत्रण को स्वीकार कर लिया है।

हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में विधान सभा का विशेष सत्र आयोजित करने की योजना बना रहे हैं। इस सत्र के दौरान 2 प्रमुख विषय रहेंगे। पहला 'लोकतंत्र में विधायक और विधायिका की भूमिका' और दूसरा विषय 'सार्वजनिक धन का सदुपयोग और जवाबदेही' रहेगा। गुप्ता ने बताया कि अगले चंद दिनों में उपराष्ट्रपति से चर्चा कर विशेष सत्र के लिए दिन तय कर लिए जाएंगे। इसके साथ ही विधान सभा सचिवालय ने विशेष सत्र के लिए तैयारियां शुरू कर दी है। गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2022 में देश के आजादी के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इस सिलसिले में देश भर में आजादी के आंदोलन को याद किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महान स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान से हमें आजादी प्राप्त हुई है। इसलिए उन वीरों के त्याग और बलिदान को सदैव याद रखना होगा। इसके साथ ही हमें यह भी मूल्यांकन करना होगा कि 75 साल की यात्रा में हम कहां पहुंचे हैं। देश के विकास की दशा और दिशा की समीक्षा करना जरूरी है।

इसके साथ ही जनप्रतिनिधियों को उनके दायित्वों का स्मरण करवाना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए अमृत महोत्सव के निमित्त आयोजित होने वाले विधान सभा के विशेष सत्र के विषयों का निर्धारण किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारे संविधान निर्माताओं ने संविधान में ही हम सभी की जिम्मेदारियां तय की हैं। इसके बावजूद समय और परिस्थितियों में सतत परिवर्तन के कारण इन सबको अद्यतन करना भी जरूरी है। इसलिए इस विशेष सत्र के दौरान इन विषयों पर व्यापक चर्चा हो सकेगी।

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