Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

हरियाणा के लोकायुक्त ने संभाला कार्यभार : रेवाड़ी के रहने वाले हैं हरिपाल वर्मा, छह साल तक हाईकोर्ट में जस्टिस रहे

पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट में बतौर वरिष्ठ वकील प्रैक्टिस और बतौर जस्टिस काम कर चुके वर्मा के लिए लोकायुक्त पद की जिम्मेदारी भी अहम है। उन्होंने कहा कि लंबित चले आ रहे मामलों का समयबद्ध निपटारा करना और पीड़ितों को तय समय सीमा में न्याय देना उनकी पहली प्राथमिकता है।

हरियाणा के लोकायुक्त ने संभाला कार्यभार : रेवाड़ी के रहने वाले हैं हरिपाल वर्मा, छह साल तक हाईकोर्ट में जस्टिस रहे
X
हरियाणा के लोकायुक्त हरिपाल वर्मा

चंडीगढ़। हरियाणा के नवनियुक्त लोकायुक्त जस्टिस हरिपाल वर्मा ने कामकाज संभालने के साथ ही लंबित मामलों में सुनवाई की शुरुआत कर दी है। उन्होंने कहा कि लंबित चले आ रहे मामलों का समयबद्ध निपटारा करना और पीड़ितों को तय समय सीमा में न्याय देना उनकी पहली प्राथमिकता है। पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट में बतौर वरिष्ठ वकील प्रैक्टिस और बतौर जस्टिस काम कर चुके वर्मा के लिए लोकायुक्त पद की जिम्मेदारी भी अहम है। लोकायुक्त जस्टिस हरिपाल वर्मा पद और गोपनीयता की शपथ लेने के साथ ही सोमवार से विधिवत अपनी कोर्ट में मामलों की सुनवाई भी शुरू कर दी है।

चंडीगढ़ सेक्टर 17 स्थित न्यू सचिवालय स्थित अपने आफिस में नवनियुक्त लोकायुक्त ने बातचीत की और कईं सवालों के उत्तर दिए। उन्होंने कहा कि गत लगभग दो माह के दौरान 113 मामले लिस्ट नहीं हो सके हैं। इसके अलावा लगभग 13 सौ के करीब पुराने मामले अभी लंबित हैं, इन सभी का समयबद्ध तरीके से निपटारा करना ही मेरी प्राथमिकता है।

नए भवन की जरूरत, मैनपावर की कमी

नए-लोकायुक्त जस्टिस वर्मा न्यू-सचिवालय भवन में लोकायुक्त आफिस के लिए जगह की कमी और स्टाफ के बैठने की व्यवस्था भी पर्याप्त नहीं है। पंचकूला में अलग से आफिस और एक ही छत के नीचे सभी को लाने की प्रक्रिया पहले से चली आ रही है। लोकायुक्त इसको गति देना चाहते हैं, काम की गोपनीयता बनाए रखने सहित कईं बातों का उन्होंने अध्ययन किया है। आने वाले वक्त में इस संबंध में फीडबैक भी राज्यपाल और सीएम को दे सकते हैं।

हर वर्ष जाती राज्यपाल को रिपोर्ट, सिफारिश पर होता अमल

लोकायुक्त पूर्व जस्टिस वर्मा का कहना है कि हर साल लोकायुक्त की रिपोर्ट राज्यपाल के पास में जाती है। इसके अलावा हरियाणा विधानसभा में रखी जाती है, सिफारिश पर अमल करना सरकार के हाथ में है। अधिकांश रिपोर्ट्स पर सरकार एक्शन लेती है। उन्होंने कहा कि यहां पर जगह की कमी है, स्टाफ भी अधिकांश आउटसोर्सिंग वाला है, वे प्रयास करेंगे कि नियमित तौर पर स्टाफ रखा जाए। जिसमें जवाबदेही और कामकाज के प्रति ज्यादा गंभीरता होती हैं। लेकिन फिलहाल लंबित मामलों पर ज्यादा फोकस रहेगा पूर्व लोकायुक्त एनके अग्रवाल का कार्यकाल 18 जुलाई को पूरा हो गया था।

हाई कोर्ट में छह साल तक जस्टिस रहे और वकालत भी की

नए लोकायुक्त हरिपाल वर्मा साढ़े छह साल तक हाईकोर्ट के जज रहे हैं और उन्हें बतौर गेस्ट फैक्लटी पंजाब विश्वविद्यालय में पढ़ाने का अनुभव भी रहा है। पंजाब में डिप्टी एजी रहे और हरियाणा में एएजी भी रहे हैं। जस्टिस वर्मा सितंबर 2014 में नियुक्त किया था एवं वह इसी वर्ष पांच अप्रैल को वह सेवानिवृत हुए हैं। हरियाणा लोकायुक्त कानून की धारा 6 (1) अनुसार उनका कार्यकाल पदभार संभालने से पांच वर्ष का होगा। स्वर्गीय बंसीलाल और भाजपा सरकार में एडीशनल एजी रहे वर्मा ने सरकार गिरने पर इस्तीफा दे दिया था।

मूल रुप से रेवाड़ी के रहने वाले

मूल रुप से रेवाड़ी के पास के गांव में आठवीं तक कुरावड़ा गांव में शिक्षा ग्रहण की और उसके बाद में पास के गांव पालावास में 9वीं और दसवीं करने के बाद चंडीगढ़ के गाेर्मेंट कालेज में पढ़े वर्मा ने पंजाब यूनि. से ही ला की। बाद में यहीं पर प्रैक्टिस की शुरुआत की। लंबा अनुभव और मीडिया फ्रैंडली वर्मा् का कहना है कि लोगों को समयबद्ध तरीके से न्याय मिले व तारीखों का सिलसिला लंबा नहीं चले, उनका प्रयास हाई कोर्ट में भी यही रहा है।

Next Story