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हरियाणा विधानसभा पूरी तरह से डिजिटल और बदली-बदली नजर आएगी

अगले सत्र में मैनुअल कामकाज पूरी तरह बंद हो जाएगा और एक टेबल से दूसरे टेबल पर जाने की बजाय हर टेबल पर स्क्रीन के साथ-साथ कीपैड होगा जिस पर एक दूसरे को सेकंडों में मैसेज भेजे जा सकेंगे। इस कामकाज पर संसदीय कार्य मंत्रालय के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी खुद नजर रखे हुए हैं।

हरियाणा विधानसभा पूरी तरह से डिजिटल और बदली-बदली नजर आएगी
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योगेंद्र शर्मा. चंडीगढ़

हरियाणा की विधानसभा इस बजट सत्र के बाद होने वाले अगले सत्र के दौरान पूरी तरह से डिजिटल और बदली-बदली नजर आएगी। इस संबंध में हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष और डिजिटाइजेशन करने वाली कंपनी के बीच करार हो चुका है। अगले सत्र में मैनुअल कामकाज पूरी तरह बंद हो जाएगा और एक टेबल से दूसरे टेबल पर जाने की बजाय हर टेबल पर स्क्रीन के साथ-साथ कीपैड होगा जिस पर एक दूसरे को सेकंडों में मैसेज भेजे जा सकेंगे। इस कामकाज पर संसदीय कार्य मंत्रालय के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी खुद नजर रखे हुए हैं। खास बात यह है कि हरियाणा विधानसभा में पेपरलेस की यह मुहिम बेहद एडवांस और लोकसभा राज्यसभा से भी बेहतर होगी।

नेशनल ई विधान एप्लीकेशन की मुहिम के तहत विधानसभा को डिजिटल करने के लिए मुहिम की शुरुआत हो चुकी है। बजट के बाद अगले सत्र में हरियाणा के सभी माननीय विधायकों की टेबल पर कागज पत्र रखने की जरूरत नहीं होगी बल्कि तब और आईटी क्रांति के जरिए विधायक अपनी बात स्पीकर व अन्य साथियों तक पहुंचा सकेंगे। इतना ही नहीं अब हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष डिप्टी स्पीकर और विधानसभा सचिव को आपस में कोई भी सूचना अथवा आदान प्रदान करने के लिए उठकर बातचीत करने की समस्या समाप्त हो जाएगी।

संसदीय कार्य मंत्रालय के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और संयुक्त सचिव आर एस शुक्ला अपनी टीम के साथ कई बार हरियाणा विधानसभा में चल रहे डिजिटाइजेशन के काम को लेकर बारीकियां समझा चुके हैं। अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता और केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्रालय से आए श्री शुक्ला बताते हैं कि यह प्रोजेक्ट मिशन मोड प्रोजेक्ट है जो डिजिटल इंडिया प्रोग्राम का एक हिस्सा है। संसदीय कार्य मंत्रालय ई विधान सभा को लेकर नोडल विभाग है। वैसे तो आने वाले वक्त में सभी राज्यों की विधानसभाओं और यूपी में इसे लागू किया जाना है लेकिन हरियाणा कई मामलों में आगे चल रहा है।

खास बात यह है कि देश के सभी राज्यों की राजधानी विधानसभाओं में यह व्यवस्था की जाएगी। इससे हर साल पर्यावरण की रक्षा और करोड़ों टन कागज की बचत होगी। इतना ही नहीं नया पुराना रिकॉर्ड कई भाषाओं में सभी माननीय विधायकों की टेबल पर होगा। इस डिजिटल मुहिम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के साथ-सथ

कई प्रकार के सूचना आदान-प्रदान की सुविधा विधायकों को मिलेगी। सभी विधायकों को जाना विधानसभा की ओर से टैब और लैपटॉप भी प्रदान किए गए हैं। कुल मिलाकर ई विधान सभा की इस मुहिम को लेकर विधानसभा अध्यक्ष और प्रशासनिक अधिकारी बेहद उत्साहित हैं। श्री गुप्ता का कहना है कि डिजिटल विधानसभा को लेकर बेहद गंभीरता से काम कर रहे हैं ताकि देश भर में हरियाणा विधानसभा नंबर वन बन सके।

पूरे देश में जुड़ने का विकल्प

हरियाणा विधानसभा में चल रही पेपरलेस विधानसभा की मुहिम के तहत डिजिटाइजेशन हो जाने के बाद विधानसभा परिसर में बैठे-बैठे ही विधानसभा अध्यक्ष और सदस्य देश के किसी भी हिस्से की विधानसभा से जुड़ सकेंगे। इतना ही नहीं कुछ ही मिनटों में किसी भी विधानसभा से कोई जानकारी का आदान-प्रदान बैठे-बैठे किया जा सकेगा। खास बात यह है कि ई विधान एमएमपी के तहत एक राष्ट्रीय स्तर का कॉमन एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर की सर्विस दी जाएगी। इसका संचालन और मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है। मनीष में सभी सदस्यों के को उनके बिल भक्तों से लेकर कई प्रकार की सुविधाएं डिजिटल हो जाएंगी और मैनुअल कागज लेकर इधर उधर धक्के नहीं खाने होंगे।

डिजिटल लाइब्रेरी और डाटा बैंक

पेपरलेस विधानसभा डिजिटाइजेशन के काम में अब लाइब्रेरी भी डिजिटल होगी इसके साथ ही कई प्रकार का ब्यौरा हिंदी इंग्लिश में उपलब्ध होगा।

उत्तरी राज्यों की राष्ट्रीय वर्कशॉप

इतना ही नहीं इस क्रम में उत्तरी राज्यों की सभी विधानसभा हरियाणा पंजाब हिमाचल जम्मू कश्मीर उत्तराखंड दिल्ली मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ उत्तर प्रदेश चंडीगढ़ और दिल्ली के अलावा पूर्वी रीजन के वेस्ट बंगाल बिहार उड़ीसा झारखंड पश्चिम रीजन से महाराष्ट्र गुजरात राजस्थान गोवा और दक्षिण रीजन में आंध्र प्रदेश तेलंगाना तमिल नाडु कर्नाटका केरला पांडिचेरी जैसे राज्यों की राष्ट्रीय स्तर की वर्कशॉप भी आयोजित की जा चुकी हैं।

करोड़ों की बचत होगी

हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता का कहना है कि हर साल विधानसभा में चलने वाले सत्र के दौरान काफी संख्या में कागज का इस्तेमाल होता है। बजट सत्र में तो भारी संख्या में छपाई होती है, की विधानसभा और डिजिटल हो जाने के बाद हरियाणा सरकार व विधानसभा को करोड़ों रुपये की बचत होगी साथ ही कागज की वेस्टेज भी समाप्त हो जाएगी। विधानसभा अध्यक्ष बताते हैं कि मात्र आने वाले वक्त के लिए डिजिटल सिस्टम नहीं बल्कि पुराने रिकॉर्ड को भी 100 फीसदी डिजिटल करने की प्लानिंग है। गुप्ता का कहना है कि गत दिवस केंद्रीय टीम के साथ उन्होंने डिजिटाइजेशन की इस मुहिम के हर पहलू पर बातचीत की है।

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