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हरियाणा : एक मई से सभी सरकारी अस्पतालों में 18 साल से ऊपर वालों को फ्री लगेगी कोरोना वैक्सीन, करना होगा यह काम

यह निर्णय सीएम मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय कोविड मोनिटरिंग कमेटी की बैठक में लिया गया। सभी प्राइवेट अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि 50% बेड कोविड-19 मरीजों के लिए आरक्षित किए जाएं।

हरियाणा : एक मई से सभी सरकारी अस्पतालों में 18 साल से ऊपर वालों को फ्री लगेगी कोरोना वैक्सीन, करना होगा यह काम
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कोविड मोनिटरिंग कमेटी की बैठक लेते सीएम मनोहर लाल और मंत्री अनिल विज। 

हरियाणा के सभी सरकारी अस्पतालों एक मई से 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को कोविड रोधी वैक्सीन फ्री में लगाई जाएगी। इसके लिए 28 अप्रैल से रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। जो रजिस्ट्रेशन करवाएगा वैक्सीन उसी को लगेगी। यह निर्णय सीएम मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय कोविड मोनिटरिंग कमेटी की बैठक में लिया गया। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज और डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि राज्य में एक मई से 18 वर्ष से अधिक आयु के करीब 1.1 करोड़ लोगों का टीकाकरण किया जाएगा, जिसका पंजीकरण 28 अप्रैल से शुरू होगा। इस पर करीब 880 करोड़ रुपए का खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। लोगों का सरकारी अस्पतालों में टीकाकरण नि:शुल्क किया जाएगा, जबकि निजी अस्पताल में यह टीका फ्री नहीं होगा। उन्होंने कहा कि देश व प्रदेश में बढ़ रहे कोविड मरीजों को देखते हुए कॉर्पोरेट घरानों से अपील की जाएगी की कि वे भी अपने कर्मियों और मजदूरों का टीकाकरण अपने खर्च पर करवाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विभिन्न अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या में बढ़ोतरी की गई है। इसके तहत पीजीआई रोहतक में 1000 ऑक्सीजन बैडस तथा अन्य मेडिकल कॉलेज के अस्पतालों में ऑक्सीजन युक्त 1250 बिस्तरों को बढ़ाने के निर्देश दिए हैं ताकि मरीजों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न आ सके। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, आर्मी द्वारा चिकित्सकों व अन्य स्टॉफ भेजा जा रहा है, जिसमें अटल बिहारी अस्पताल में 200 बिस्तरों पर व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही निजी अस्पतालों को 50 प्रतिशत तक बिस्तरों को कोविड मरीजों के लिए आरक्षित करने को कहा गया है तथा सरकारी अस्पतालों में ओपीडी का समय कम किया गया है ताकि कोविड के मरीजों को प्राथमिकता दी जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों में घर से काम करने को आवश्यकता अनुसार बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा जिन कार्यालयों में घर से काम चल सकता है वहां अधिकतम कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम को अपनाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत जैसे जिलों में कोरोना के अधिक मामलों को देखते हुए निजी कार्यालयों को अधिकतम कर्मचारियों को घर से काम करने को प्राथमिकता देने को कहा गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब किसी भी सामाजिक एवं पारिवारिक कार्यक्रमों में लोगों की संख्या 50 से अधिक तथा दाह संस्कार में 20 से अधिक नहीं होगी। इसके अलावा सभी जिला उपायुक्तों को आवश्यकतानुसार धारा 144 लगाने, जिलों में न्यनूतम सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की संख्या तय करने, कंटेनमैंट जोन बनाने, भीड़ एकत्र नही होने देने सहित अन्य निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया गया है। इसके साथ अस्पतालों की प्रत्येक स्थिति पर निगरानी के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव पी के दास को राज्य नोडल अधिकारी बनाया गया है।

गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में पढ रहे फाईनल वर्ष के छात्रों को भी कोविड महामारी को देखते हुए अस्पतालों में लगाया जाए। इसके साथ ही 417 आईसीयू बेड्स तथा पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीमीटर की खरीद की जा रही है तथा जिलों में कमेटियों का गठन किया गया है। उन्होंने अधिकारियों को राज्य में पहले बनाए गए प्लाज्मा बैंक को पुन: सक्रिय करने के निर्देश दिए हैं ताकि जरूरत अनुसार मरीजों को इससे लाभांवित किया जा सके।

उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार से प्रदेश के ऑक्सीजन का कोटा बढ़ाकर 200 एमटी करने के मांग की गई है । अभी हरियाणा 162 एमटी ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है। बोकारो स्टील प्लांट से भी करीब 6000 एमटी ऑक्सीजन के साथ एक विशेष रेल की व्यवस्था की जाएगी ताकि मरीजों को किसी प्रकार की कमी नहीं होने पाए। इसके साथ राज्य के लघु उद्योगों को भी ओद्यौगिक ऑक्सीजन को मेडिकल ऑक्सीजन में बदलने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव डी एस डेसी, मुख्य सचिव विजय वर्धन ने भी अधिकारियों को कोरोना मामलों पर कड़ाई से कार्य करने को कहा है। स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं समिति के सदस्य सचिव राजीव अरोड़ा ने बैठक में कोरोना की ताजा स्थिति से अवगत करवाया।





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