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CM के राजनीतिक सचिव से मिला हरियाणा सिविल सचिवालय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संगठन, पढ़े क्या मांग की

कर्मचारी सगंठन की मांग (demand) है कि हरियाणा सिविल सचिवालय, विधि एवं विधायी तथा वित्तीय आयुक्त, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग चण्डीगढ़ के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को नई आम कैडर नीति समूह-डी कर्मचारी 2020 से छूट दी जाए।

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सीएम मनोहर लाल खट्टर (फाइल फोटो)

चंडीगढ़

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल (Manohar Lal) की सोच सदैव सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय की रही है और वे समाज के सभी वर्गों चाहे वह किसान हो, कर्मचारी हो, व्यापारी हो या कोई और वर्ग हो, सबको साथ लेकर नि:स्वार्थ भाव से सेवा कर रहे हैं।

ये उदगार मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव कृष्ण कुमार बेदी ने हरियाणा सिविल सचिवालय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संगठन के एक प्रतिनिधित्व मंडल जो मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देने आए थे, उनसे बातचीत के दौरान व्यक्त किए।

कर्मचारी सगंठन की मांग है कि हरियाणा सिविल सचिवालय, विधि एवं विधायी तथा वित्तीय आयुक्त, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग चण्डीगढ़ के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को नई आम कैडर नीति समूह-डी कर्मचारी 2020 से छूट दी जाए।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2018 की ग्रुप-डी की 18218 पदों पर पारदर्शी एवं मैरिट आधार पर की गई भर्ती प्रक्रिया की काफी सराहना हुई थी और उस भर्ती में स्नातक एवं स्नातकोत्तर तक की शैक्षणिक योग्यता रखने वाले युवाओं ने ग्रुप-डी के पदों पर ज्वाइन किया था, जिसमें से 228 कर्मचारियों को हरियाणा सिविल सचिवालय, विधि एवं विधायी तथा वित्तीय आयुक्त, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग चण्डीगढ़ के कार्यालयों में नियुक्तियां मिली थी।

चण्डीगढ़ के इन कार्यालयों व फील्ड के कार्यालयों की अलग-अलग कार्य प्रणाली है। एक कैडर होने से ग्रुप-डी से ग्रुप-सी में पदोन्नति पर असर पड़ेगा, इसलिए चण्डीगढ़ कार्यालय को इससे बाहर रखने की मांग की है।

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