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प्रधानमंत्री आवास योजना में सरकार ने किया यह बड़ा फेरबदल

भारत सरकार के आवास एवं शहरी मामले मंत्रालय ने योजना में गति लाने के लिए उठाए कदम।

प्रदेश में पीएम आवास से 8.59 लाख परिवार वंचित
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प्रधानमंत्री आवास योजना 

कलायत ( कैथल )

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हर पात्र को पक्की छत उपलब्ध करवाने के लिए सरकार ने योजना में बड़ा फेरबदल किया है। इसके तहत अब कच्ची छत के नीचे गुजर बसर कर रहे परिवारों का नए घर का सपना पूरा होगा। नगर पालिका सचिव मोहन लाल तंवर ने बताया कि भारत सरकार के आवास एवं शहरी मामले मंत्रालय ने अपने घर की इंतजार कर रहे एपीएच (अफोर्टडेबल हाउसिंग) और इंहांसमेंट (वर्तमान आवास का विस्तार) में आवेदन करने वालों को पीएमएवाई की उस योजना से जोड़ने का फैसला लिया है जिसमें तीन किस्तों में 2 लाख 50 हजार रुपए का पक्की छत के नए घर के लिए परिवारों को दिया जाता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार ने हर परिवार को वर्ष 2022 तक पक्की छत उपलब्ध करवाने की नीति अपने प्रथम कार्यकाल में तय की थी। हरियाणा प्रदेश में पीएमएवाई के तहत 2 लाख 50 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान करते हुए तेजी से कच्ची छत के नीचे रह रहे परिवारों को नया घर देने की योजना निरंतर गतिमान है। जबकि विभिन्न कारकों के चलते अफोर्टडेबल हाउसिंग और इंहासमेंट के आवेदकों का उम्मीद के अनुरूप अभी नए घर का सपना पूरा नहीं हो पा रहा है। इस पहलु पर गहनता से मंथन करते हुए सरकार ने योजना में महत्वपूर्ण फेरबदल किए हैं।

इसके मद्देनजर लाभ से फिलहाल तक वंचित परिवारों को आवास योजना का लाभ देने के लिए मानदंडों में बदलाव किया है। संबंधित आवेदक अब वर्ष 2017 और इससे पहले की भूमि रजिस्टरी या ऐसेस्मेंट उपलब्ध करवाकर संबंधित नगर पालिका/नगर परिषद के समक्ष पेश करके 2 लाख 50 हजार रुपए की योजना का लाभ उठा सकते हैं। इसके साथ ही मंत्रालय कस्बा तबदील, भूमि मालिकाना हक, पहले से पक्के मकान की सुविधा और आवेदक के नाम में बदलाव को लेकर आ रही दिक्कतों का निपटान करने में लगा है। भारत सरकार के आवास एवं शहरी मामले मंत्रालय ने योजना में पारदर्शिता कायम रखने के लिए सु-व्यवस्थित ढंग से संबंधित विषयों का विवरण उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं।

पक्की छत के सपने को पूरा करने में आड़े नहीं आएगी समस्या

कलायत नगर पालिका सचिव मोहन लाल तंवर और पीएमवाई प्रभारी अनीता चौधरी ने बताया कि अकेले कलायत शहर में 128 एपीएच (अफोर्टडेबल हाउसिंग) और 32 इंहासमेंट (वर्तमान आवास का विस्तार) आवेदक हैं। ये 160 आवेदक निर्धारित मानदंडों के अनुसार भूमि की रजिस्ट्री और ऐसेस्मेंट उपलब्ध करवाकर पीएमएवाई की 2 लाख 50 हजार योजना का तीन किस्तों में लाभ ले सकते हैं। आवास योजना में पात्रों को पहली मर्तबा इस प्रकार की सुविधा मिलने जा रही है। इससे गरीबों का पक्की छत का सपना पूरा होने में किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी।

इसलिए पड़ रही बदलाव की जरूरत

प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना में मुख्य रूप से उन पात्रों को लाभ मिलने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है जिन्हाेंने आवासीय फ्लैट, रिपेयर और सब्सिडी ण के लिए आवेदन किए थे। ये शुरू से ही योजना का लाभ मिलने की राह तक रहे हैं। गरीब परिवार बैंक ऋण से जुड़ी औपचारिकताओं को पूरा करने में स्वयं को विफल पा रहे हैं। इसी तरह रिपेयर और फ्लैट की पात्रों को नहीं मिल पा रहे। जबकि तीन किस्तों में मिलने वाली अढ़ाई लाख रुपए का लाभ पात्रों को गति से मिल रहा है। इस प्रकार की समीक्षा करते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना नियमों में फेरबदल करने की जरूरत पड़ी है।

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