Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

मोबाइल से फर्जी भ्रूण लिंग जांच कर लोगों को ठगते थे, तीन पकड़े

अगस्त-2020 में गांव भुंगारका के पास भी स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे गिरोह के सदस्यों को पकड़ा था। उनके पास भी इसी तरह के एप से भ्रूण लिंग जांच का सामान मिला था।

मोबाइल से फर्जी भ्रूण लिंग जांच कर लोगों को ठगते थे, तीन पकड़े
X

मोबाइल में यूएसजीडॉटजेड एप्प में अल्ट्रासाउंड जैसी दिखाई देने वाली स्क्रीन

हरिभूमि न्यूज : नारनौल

रविवार रात स्वास्थ्य विभाग ने ऐस गिरोह के तीन सदस्यों को पकड़ा है जो मोबाइल में यूएसजीडॉटजेड एप डाउनलोड कर अल्ट्रासाउंड जैसी मशीन में दिखने वाली स्क्रीन से फर्जी भ्रूण जांच करते थे। जिले में यह ऐसा करने का दूसरा मामला है। इससे पहले अगस्त-2020 में गांव भुंगारका के पास भी स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे गिरोह के सदस्यों को पकड़ा था। उनके पास भी इसी तरह के एप से भ्रूण लिंग जांच का सामान मिला था। इनमें एक मास्टर माइंड जितेंद्र निहालपुरा का है। यह आरोपित साल=2018 और अगस्त-2020 में भ्रूण लिंग जांच में पकड़ा जा चुका है। यह दो माह पहले ही जमानत पर बाहर आया है। फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपितों के खिलाफ पीएनडीटी एक्ट की धारा 23,25,4 व आईपीसी की धारा 120बी के तहत केस दर्ज किया है। आरोपितों को सोमवार अदालत में पेश कर 26 मार्च तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

जिला समुचित प्राधिकरण के चेयरमैन कम सिविल सर्जन डा. अशोक कुमार ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचनाएं मिल रही थी, नारनौल व राजस्थान की सीमा के आसपास भ्रूण लिंग जांच का गिरोह सक्रिय है। रविवार को टीम गठित की गई और पुलिस टीम साथ ली। इस टीम ने एक गर्भवती महिला को डिकॉय मरीज बनाकर भ्रूण लिंग जांच के लिए गिरोह के सदस्य से संपर्क किया। 25 हजार रुपये में भ्रूण लिंग जांच के लिए डील हुई। रविवार शाम करीब साढ़े सात बजे भ्रूण लिंग जांच के लिए शहर में रेवाड़ी रोड पर नीरपुर गांव में पेट्रोल पंप के पास बुलाया। वहां से बाइक पर उमेश वासी शाहपुर दोयम आया। वह डिकॉय मरीज की गाड़ी बुलेरो में बैठा और गाड़ी को मंढाणा रोड की ओर लेकर गया। वहां राजस्थान-हरियाणा बॉर्डर पर एक खेत में ट्यूबवैल पर लेकर गया। डिकॉय को भ्रूण लिंग जांच करके गर्भ में लड़का होना बताया। आधे घंटे बाद उमेश वापस छोड़ने आया तो उसे नीरपुर चौक के पास रेडिंग टीम ने पकड़ लिया। उसके पास मौके से दस हजार रुपये मिले, जो स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दिए थे।

मोबाइल में डाउनलोड किए एप से किया अल्ट्रासाउंड

आरोपित उमेश ने पूछताछ में बताया कि डिकॉय महिला की भ्रूण लिंग जांच जितेंद्र निवासी निहालपुरा ने की है। जिस पर टीम उमेश को साथ ले जाकर मौके से जितेंद्र निवासी निहालपुरा को पकड़ा। जिसके कब्जे से टीम द्वारा दिए 15 हजार रुपये, वायरलेस प्रोब, जैली की बोतल, मोबाइल एप्प का आईफोन, ओपो मोबाइल फोन बरामद किया। यह शीशराम का खेत था। जब इन्हें पकड़ा तो यह शराब पार्टी की तैयारी में थे। इसी जितेंद्र को महेन्द्रगढ़ पीएडीटी टीम ने साल-2018 में निहालपुरा में व पिछले साल 2020-अगस्त में भुंगारका की रेड में पकड़ा था। अभी दो महीने पहले ही जमानत पर जेल से बाहर आया था। आते ही फिर से भ्रूण लिंग जांच शुरू कर दी। पुलिस ने तीनों आरोपितों को मौके पर ही पकड़ लिया।

Next Story