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पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह बोले- एंटी डिफेक्शन लॉ पर पुनर्विचार करने की जरूरत

बीरेद्र सिंह ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव सफल हो या गिरे उससे कोई फर्क नहीं पड़ता। हर वक्त अविश्वास प्रस्ताव इसलिए नहीं लाया जाता कि वह सफल हो।

चौधरी बीरेंद्र सिंह: हरियाणा राजनीति के ट्रेजडी किंग
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Haryana Vidhan Sabha Election Chaudhary Birender Singh Profile

हरिभूमि न्यूज. उचाना

पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा वरिष्ठ नेता बीरेद्र सिंह ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव सफल हो या गिरे उससे कोई फर्क नहीं पड़ता। हर वक्त अविश्वास प्रस्ताव इसलिए नहीं लाया जाता कि वह सफल हो। ज्वलंत मुद्दों पर बेबाकी से बोलने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि 40 साल पहले एंटी डिफेक्शन लॉ लाया गया। आया राम, गया राम कल्चर खत्म करने और स्टेबल गवर्नमेंट लाने के लिए लाया गया लेकिन जिस तरह से वे अब देख रहे हैं कि एंटी डिफेक्शन लॉ एक व्यक्ति की अभिव्यक्ति पर रोक है।

उन्होंने कहा कि एंटी डिफेक्शन एक्ट में पार्टी का प्रभुत्व ज्यादा है जो विधायक पार्टी की विचारधारा के साथ है तो वह ठीक है वरना वह अपनी विचारधारा की अभिव्यक्ति नहीं कर सकता और अगर वह अभिव्यक्त करेगा तो उसको डिसक्वालीफाई का सामना करना पड़ेगा। इसलिए एंटी डिफेक्शन लॉ पर पुनर्विचार करने की जरूरत है। अगर अविश्वास एंटी डिफेक्शन लॉ से पहले का होता तो पता नहीं क्या होता। जो लोग सदन से बाहर कुछ और बोलते थे वह सदन के अंदर उस भाषा का प्रयोग नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि सर छोटूराम की दूरदर्शिता का पता इस बात से ही लगाया जा सकता है कि उन्होंने उस समय एक वाक्य दिया था कि एक तो बोलना सीख ले और दूसरा दुश्मन अपने को पहचान कर अंतिम चिंतन कर प्रगति की राह पर अग्रसर हो। सर छोटूराम ने साहूकार पंजीकरण एक्ट, गिरवी जमीनों की मुफ्त वापसी एक्ट, कृषि उत्पाद मंडी अधिनियम, व्यवसायिक श्रमिक अधिनियम, कर्जा माफी अधिनियम, मोर के शिकार पर पाबंदी आदि अन्य कार्य करवा कर समाज में अपना योगदान दिया था।

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