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विदेशी भी चखेंगे सोनीपत शुगर मिल में तैयार चीनी का स्वाद, डील फाइनल

शुगर मिल में तैयार चीनी की क्वालिटी प्रदेश में नंबर-1 पर बताई जा रही हैं। विदेशों में मिल में तैयार चीनी जाने को लेकर मिल प्रबंधन व कर्मचारियों में खुशी का माहौल हैं। मिल के एमडी इसका श्रेय मिल कर्मचारी व अधिकारियों को दे रहे हैं।

विदेशी भी चखेंगे सोनीपत शुगर मिल में तैयार चीनी का स्वाद, डील फाइनल
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हरिभूमि न्यूज : सोनीपत

प्रदेश में बेहतर गुणवत्ता वाली चीनी का उत्पादन करने वाले सोनीपत सहकारिता शूगर मिल की चीनी का स्वाद अब विदेशी भी चखेंगें। शुगर मिल में तैयार मिठास को सरकार की तरफ से विदेशों में निर्यात करने का निर्णय लिया गया हैं। शुगर मिल व निर्यातकों के बीच में करीब 50 हजार क्विंटल चीनी की डील फाइनल हो गई हैं। निर्यातक आगामी दिनों में मिल से चीनी को उठाकर विदेशों में भेज देंगे। डील के तहत शुगर मिल ने नई चीनी के साथ-साथ पुरानी चीनी को भी शामिल किया हैं। ऐेसे शुगर मिल में स्टॉक की समस्या का भी कुछ हद तक समाधान हो पाएंगा। शुगर मिल में तैयार चीनी की क्वालिटी प्रदेश में नंबर-1 पर बताई जा रही हैं। विदेशों में मिल में तैयार चीनी जाने को लेकर मिल प्रबंधन व कर्मचारियों में खुशी का माहौल हैं। मिल के एमडी इसका श्रेय मिल कर्मचारी व अधिकारियों को दे रहे हैं।

मिली जानकारी के अनुसार मौसम की मार के चलते कई देशों में गन्ने के उत्पादन पर देखने को मिला। यूरोपियन यूनियन, ब्राजील देश में गन्ने की फसल मौसम की मार का शिकार हो गई। जिसके चलते उनके वहां तैयार होने वाली मिठास में कड़वाहट देखने को मिल रही हैं। ऐसे में भारत की चीनी मिलो के पास अपनी अधिक से अधिक चीनी का निर्यात करने का बेहतर मौका हैं। विदेशों में चीनी निर्यात करने पर सरकार सब्सीडी भी दी रही हैं। जिसके चलते बड़ी संख्या निर्यातक चीनी को विदेशों में भेजने की कवायद में जुटे हुए है। सोनीपत शुगर मिल के साथ भी निर्यातकों ने करीब 50 हजार क्विंटल चीनी की के प्रपोजल को अंतिम रूप दिया हैं।

1 लाख 73 हजार 850 क्विंटल चीनी का हो चुका है उत्पादन

इस वर्ष के पेराई सत्र की शुरुआत से पेराई सत्र को युद्ध स्तर पर चलाया गया हैं। अब तक सोनीपत शुगर मिल में 19 लाख 45 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई का काम पूरा किया जा चुका है। वहीं चीनी उत्पादन की बात करें तो अब तक 1 लाख 73 हजार 850 क्विंटल चीनी का उत्पादन किया जा चुका है। जोकि प्रदेश में दूसरे नंबर पर मिल शुमार हो चुकी हैं। सोनीपत शुगर मिल की पेराई क्षमता 22 हजार क्विंटल प्रतिदिन है। मौजूदा समय में चीनी की रिकवरी रेट 10.90 प्रतिशत तक पहुंच गई है। सोनीपत शुगर मिल ने इस बार 35 लाख 20 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई का लक्ष्य रखा है।

भारत सरकार व प्रदेश सरकार द्वारा हरी झंडी मिली

शुगर मिल की तरफ से दूसरे देशों के लिए करीब 50 हजार क्विंटल चीनी को निर्यात करने के प्रपोजल को हरी झंडी भारत सरकार व प्रदेश सरकार द्वारा मिली हैं। मिल में बेहतर क्वालिटी की चीनी को तैयार किया जाता हैं। मिल की चीनी का मिठास विदेशी चखेंगे। यह सब मिल के अधिकारी व कर्मचारियों की दिन-रात की मेहनत का नतीजा हैं। वहीं गन्ना उत्पादकों की मेहनत भी रंग ला रही हैं। गन्ना उत्पादक समय पर गन्ने को साफ-सुथरा मिल में पहुंचा रहे हैं। - सुरेंद्र दून, एमडी सोनीपत शुगर मिल।

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