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मां-बाप में होता था झगड़ा : तीन बहनें घर छोड़कर दिल्ली से पहुंची रेवाड़ी, स्कूल ड्रेस से पुलिस ने घर का पता लगाया

थाना प्रभारी ने इंटरनेट की मदद से दिल्ली के रघुवीर नगर स्थित सरकारी स्कूल के नाम और जगह की जानकारी जुटाई। उसके बाद फोन पर स्कूल के वाइस प्रिंसिपल से संपर्क कर बच्चियों के बारे में जानकारी दी।

मां-बाप में होता था झगड़ा : तीन बहनें घर छोड़कर दिल्ली से पहुंची रेवाड़ी, स्कूल ड्रेस से पुलिस ने घर का पता लगाया
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आरपीएफ व सीडब्ल्यूसी स्टाफ के साथ तीनों बच्चियां।

हरिभूमि न्यूज. रेवाड़ी

घर में होने वाले परिवारिक कलह का बच्चों पर किस तरह असर पड़ता है। इसका जीता जागता उदाहरण दिल्ली के रघुवीर नगर की रहने वाली तीन सगी बहने हैं। घरेलु कलह के चलते बुरी तरह परेशान हो चुकी तीनों नाबालिग सगी बहनें दिल्ली से ट्रेन में सवार हो गई। तीनों ने एक ही स्कूल की ड्रैस पहनी हुई थी। ट्रेन में टीटीई की नजर तीनों पर पड़ गई। टीटीई की सूचना पर तीनों को रेवाड़ी जंक्शन पर उतारा गया। उसके बाद आरपीएफ की मदद से तीनों को सकुशल परिवार को सौंपा गया।

दरअसल, दिल्ली से आने वाली ट्रेन नंबर 02488 दिल्ली-बीकानेर स्पेशल ट्रेन में दिल्ली के रघवीर नगर स्थित एक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली तीन सगी नाबालिग बहनें स्कूल ड्रैस में सवार हो गई। तीनों के पास टिकट नहीं था। रेवाड़ी से कुछ दूर पहले ट्रेन के टीटीई इरफान पठान ने तीनों छात्राओं को देखा और उनसे टिकट मांगा तो कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हुई। ट्रेन में सवार अन्य यात्रियों ने भी उनसे पूछा, परंतु जवाब देने की बजाए रोने लग गई। टीटीई ने इसकी सूचना रेवाड़ी स्थित आरपीएफ थाना को दी। सूचना के बाद जैसे ही रेवाड़ी जंक्शन पर ट्रेन पहुंची तो आरपीएफ उप निरीक्षक गजराज सिंह व महिला कांस्टेबल पूनम यादव ने तीनों छात्राओं को नीचे उतारकर उनसे पूछताछ करने की कोशिश की, लेकिन यहां भी छात्राएं सिर्फ रोती रही। उसके बाद आरपीएफ थाना प्रभारी लक्ष्मण गौड़ पहुंचे और पहले तीनों को दुलारा और फिर उनसे जानकारी जुटाने की कोशिश की।

स्कूल ड्रैस पर मिला पता

इसी बीच थाना प्रभारी की नजर बच्ची की स्कूल ड्रैस पर लिखे पते पर पड़ी। थाना प्रभारी ने इंटरनेट की मदद से दिल्ली के रघुवीर नगर स्थित सरकारी स्कूल के नाम और जगह की जानकारी जुटाई। उसके बाद फोन पर स्कूल के वाइस प्रिंसिपल से संपर्क कर बच्चियों के बारे में जानकारी दी। स्कूल की सूचना के बाद बच्चियों के पिता भी रेवाड़ी जंक्शन पर पहुंच गए। साथ ही आरपीएफ की सूचना पर सीडब्ल्यूसी चेयरपर्सन कुसुम लता शर्मा व सिविल सोसायटी सदस्य रमेश वशिष्ठ भी पहुंचे। पिता को देखते ही तीनों बहने फूट-फूट कर रोने लगी। बच्चियों ने पिता के आने के बाद घर से भागने की जानकारी शेयर की। तीनों छात्राओं ने बताया कि माता-पिता के आपसी विवाद के कारण उन्होंने घर छोड़ा है। तीनों छात्राएं दिल्ली के सरकारी स्कूल में पढ़ने के साथ अव्वल हैं। बच्चियां अपने पिता को बहुत चाहती हैं। तीनों ने बताया कि मम्मी व भाई से परेशान होकर उन्होंने घर छोड़ने का प्लान बनाया था। आरपीएफ थाना में तीनों बच्चियों की काउंसलिंग की गई। उसके बाद उन्हें में ही मजबूती के साथ रहकर हर समस्या के समाधान को लेकर जागरूक किया। जरूरी कागजी कार्रवाई करने के बाद तीनों छात्राओं को उनके परिवार को सौंप दिया गया।



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