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किसानों को खेती योग्य खाली जमीन का भी पंजीकरण कराना होगा

राज्य सरकार के निर्देश हैं कि अब सभी फसलों का ब्यौरा सरकार के पास रहे, ताकि विभिन्न योजनाओं का लाभ किसानों को आसानी से दिया जा सके। उन्होंने बताया कि इससे पहले किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अपनी फसल बेचने के लिए मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाते थे, लेकिन अब सरकार ने सभी फसलों का पंजीकरण करवाना अनिवार्य कर दिया है।

किसानों को खेती योग्य खाली जमीन का भी पंजीकरण कराना होगा
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फाइल फोटो

हरिभूमि न्यूज : नारनौल

मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल (Meri Fasal Mera Byora Portal) पर किसानों को खेती योग्य खाली जमीन का भी पंजीकरण कराना होगा। खेती से संबंधित किसी भी सरकारी योजना का फायदा लेना है तो किसान 31 जुलाई तक बिजाई की हुई तथा बिना बिजाई की हुई खेती योग्य जमीन का भी पंजीकरण कराएं।

उपायुक्त अजय कुमार ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देश हैं कि अब सभी फसलों का ब्यौरा सरकार के पास रहे, ताकि विभिन्न योजनाओं का लाभ किसानों को आसानी से दिया जा सके। उन्होंने बताया कि इससे पहले किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अपनी फसल बेचने के लिए मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाते थे, लेकिन अब सरकार ने सभी फसलों का पंजीकरण करवाना अनिवार्य कर दिया है।

उन्होंने बताया कि पंजीकरण कराने के बाद अधिकारियों द्वारा इसकी गिरदावरी की जाएगी। पंजीकरण की तस्दीक के लिए तकनीक का भी प्रयोग किया जाएगा इस संबंध में हरियाणा अंतरिक्ष उपयोग केंद्र (हरसेक) से भी सहायता ली जाएगी।

डीसी ने बताया कि अभी तक जिला के 32433 किसानों ने 132945 एकड़ भूमि के लिए मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर पंजीकरण करवाया है। मेरी फसल मेरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाने में जिला महेंद्रगढ़ पूरे प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। उन्होंने बताया कि जिला में खेती योग्य लगभग 3.60 लाख एकड़ जमीन है।

डीसी ने स्पष्ट किया कि 31 जुलाई के बाद इस पोर्टल को बंद कर दिया जाएगा। भविष्य में इससे संबंधित विभिन्न योजनाओं का लाभ केवल पंजीकृत किसानों को ही दिया जा सकता है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि फसल विविधिकरण के संबंध में भी कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ग्राम स्तर पर जाकर लोगों को जागरूक करें तथा बाजरे की बजाए निर्धारित पांच फसल लगाएं। निर्धारित पांच फसलें लगाने पर उन्हें सरकार की ओर से 4000 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे अपनी फसल का ब्यौरा हर हाल में इस पोर्टल पर दर्ज कराएं।

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