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जजपा विधायक का सुबह किसानों ने किया विरोध, शाम को कर गए चौपाल का शिलान्यास

किसानों का कहना था कि सुरजाखेड़ा हलके के 60 हजार से ज्यादा किसानों के वोट लेकर विधानसभा पहुंच गए लेकिन किसानों के हक की बात नहीं कर रहे।

जजपा विधायक का सुबह किसानों ने किया विरोध, शाम को कर गए चौपाल का शिलान्यास
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नरवाना। वीरवार को नरवाना के विधायक एवं खादी बोर्ड के चेयरमैन रामनिवास सुरजाखेड़ा को सुबह 11 बजे पंचायती राज के तहत भाणा ब्राह्मणा गांव में बनने वाली चौपाल का शिलान्यास करने पहुंचना था। इसकी भनक किसानों को लगी तो गांव को जाने वाले चारों रास्तों पर किसान जमा हो गए और किसानों ने सुरजाखेडा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों का कहना था कि सुरजाखेड़ा हलके के 60 हजार से ज्यादा किसानों के वोट लेकर विधानसभा पहुंच गए लेकिन किसानों के हक की बात नहीं कर रहे।

किसानों ने पिछले दिनों उनसे अपना पद छोडऩे को कहा तो हाईकमान के इशारे पर पद छोडऩे का बयान प्रेस में जारी कर दिया। किसानों ने कहा कि वह उनके वोटों से विधायक बने है न कि जजपा हाईकमान ने उन्हें मनोनित किया। किसानों में भाजपा व जजपा के विधायकों के प्रति निरंतर गुस्सा बढ़ता जा रहा है। गौरतलब है कि वीरवार को गांव भाणा ब्राह्मणा में विधायक को गांव में बनने वाली चौपाल का शिलान्यास करना था। इसकी भनक किसानों को लगी तो यह खबर जंगल की आग की तरह फैल गई और दर्जनों ट्रैक्टरों में सवार होकर किसान गांव में पहुंच गए। इधर प्रशासन ने इसकी खबर सुरजाखेड़ा को दी तो वह गांव में नहीं पहुंचे और पूरी तैयारी इसी तरह रह गई। किसानों ने गुरथली रोड, सुरजाखेड़ा रोड, कोलेखा रोड, शिमला रोड व बेलरखां रोड पर जाम लगा दिया। काफी देर तक किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया।

विरोध की सूचना मिलते ही विधाायक ने कार्यक्रम में आने का कार्यक्रम बीच रास्ते ही रद्द कर दिया। सूत्रों से पता चला कि रामनिवास सुरजाखेड़ा के पंचकुला निवास स्थान पर कई दिन पहले भाणा ब्राह्मणा गांव के मौजिज व्यक्ति पहुंचे थे और चौपाल की नींव रखने की अपील की थी। सहमति जताते हुए विधायक ने वीरवार का कार्यक्रम तय कर लिया और सुरजाखेड़ा पंचकुला से गांव के लिए रवाना भी हो चुके थे लेकिन किसानों के विरोध को देखते हुए अधर रास्ते से ही वापिस लौटना पड़ा। इससे पूर्व नरवाना की किसान महिलाओं ने विधायक कार्यालय में घुस कर उनके खिलाफ नारेबाजी की थी और जमकर विरोध जताया था। देर शाम जब विरोध करने पहुंचे किसान अपने घरों को लौट गए तो वीरवार शाम पांच बजे सुरजाखेडा गांव में पहुंचे और भगवान परशुराम चौपाल का शिलान्यास करके निर्माण के लिए 31 लाख रूपये की राशि देने का ऐलान किया।

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