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गांव कालवा के किसानों ने सिंघु बार्डर पर भेजी 10 क्विंटल गोभी व अन्य खाद्य सामग्री

युवा किसान टीम कालवा के सदस्यों ने बताया कि करीब 55 दिनों से देश के अन्नदाता तीन कृषि अध्यादेशों को रद्द करवाने के लिए अपने हकों के लिए दिल्ली में बॉर्डर पर खुले आसमान के तले बैठे हैं।

गांव कालवा के किसानों ने सिंघु बार्डर पर भेजी 10 क्विंटल गोभी व अन्य खाद्य सामग्री
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दिल्ली बार्डर पर गोभी व खाद्य सामग्री देते हुए कालवा युवा टीम के सदस्य।

हरिभूमि न्यूज. पिल्लूखेड़ा। तीन कृषि काले कानूनों को खत्म करवाने के लिए दिल्ली के बार्डरों पर बैठे किसानों का साथ देने के लिए हर गांव के किसान कंधे से कंधा मिलाकर दिल्ली पहुंच रहे हैं और साथ में किसान भाईयों के लिए खाद्य सामग्री भी ले जा रहे हैं।

ताकि वहां बैठे किसानों को किसी भी चीज से वंचित न रहना पड़े और वह भरपेट खाना खा सके। इसी कड़ी में कालवा गांव के युवा किसानों ने फिर दिल्ली में अपने हकों के लिए लड़ाई लड़ रहे किसानों के लिए दस क्विंटल गोभी व खाद्य सामग्री लेकर सिंघू बार्डर पर गए और वहां पर किसान आंदोलन में अपना सहयोग दिया।

युवा किसान टीम कालवा के सदस्यों ने बताया कि करीब 55 दिनों से देश के अन्नदाता तीन कृषि अध्यादेशों को रद्द करवाने के लिए अपने हकों के लिए दिल्ली में बॉर्डर पर खुले आसमान के तले बैठे हैं। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन भारत की आजादी के बाद का वह आंदोलन है, जो कि राजनीतिक ताकतों ने किसान को खड़ा होने के लिए मजबूर कर दिया है।

तब इस आंदोलन ने अपना कार्य शुरू किया है। युवा किसान टीम के सदस्यों ने कहा कि किसानों के साथ-साथ छोटे व्यापारी व दुकानदार जो सरकार की कभी नोटबंदी व कभी जीएसटी. जैसे कानून लाने से बिल्कुल टूट चुके हैं, वे भी पूरी तरह किसानों के साथ हैं। क्योंकि किसान आंदोलन में हर किसी मजदूर, किसान व व्यापारी भााईयों की भूमिका बहुत ही अनिवार्य है। किसान, मजदूर व व्यापारी का हर कार्य व व्यापार किसानों के साथ जुड़ा हुआ है।

आज हर किसी का फर्ज बनता है कि वह किसान का साथ आंदोलन में साथ दें। इस अवसर पर हैप्पी कालवा और उसके साथी हैप्पी कालवा, देवेंद्र देशवाल, अन्नू कुंडू, बीरभान पांचाल, धन्नू प्रजापत, युद्धवीर, फुला मिस्त्री, बलराम, प्रदीप, तेजबीर, रोबिन, अमित, जीतू, सोनू, दीपक, सौरव, बलराज, रिंकू, विजय, भोला व सम्राट आदि किसान आंदोलन में लगातार सामग्री पहुंचा रहें हैं।



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