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किसान आंदोलन : किसानों का नया तरीका, ट्राली पर शुरू की फूलों की खेती, प्लास्टिक की बोतलों में 7 प्रकार के फूल उगा रहे हैं

ट्राली को ही रसोई, बैडरूम व ड्राइंग रूम के रूप में इस्तेमाल कर चुके किसानों के लिए अब उनकी ट्राली खेत का भी काम देने लगी है। यहां कपूरथला से पहुंचे युवा किसानों ने ट्राली पर फूलों की खेती शुरू कर दी है।

किसान आंदोलन : किसानों का नया तरीका, ट्राली पर शुरू की फूलों की खेती, प्लास्टिक की बोतलों में 7 प्रकार के फूल उगा रहे हैं
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ट्राली पर फूलों की खेती। 

हरिभूमि न्यूज : सोनीपत

बेशक से अपने खेतों में ना हो, लेकिन किसान को खेती से दूर नहीं किया जा सकता। ऐसा ही कुछ नजारा कुंडली बॉर्डर पर देखने को मिल रहा है। जहां पर सैकड़ों किलोमीटर दूर से आए अन्नदाता अपनी ट्रालियों को ही खेत बनाने में जुटे हुए हैं।

खेती का एक नया तरीका ढूंढते हुए किसानों ने ट्रालियों के उपयोग का नया तरीका भी ढूंढ लिया है। ट्राली को ही रसोई, बैडरूम व ड्राइंग रूम के रूप में इस्तेमाल कर चुके किसानों के लिए अब उनकी ट्राली खेत का भी काम देने लगी है। यहां कपूरथला से पहुंचे युवा किसानों ने ट्राली पर फूलों की खेती शुरू कर दी है। खास बात यह है कि किसानों की इस नए किस्म की खेती से प्लास्टिक की खाली बोतलें भी खूब इस्तेमाल हो रही हैं। किसानों ने ट्राली के चारों ओर खाली बोतलें लटका दी हैं और उनमें मिट्टी व खाद डालकर फूलों की खेती शुरू कर दी हैं। यहां रात की रानी, गुलाब, चमेली, गैंदा समेत 7 किस्मों के फूल उगाए जा रहे हैं। किसानों का कहना है कि उन्होंने अभी कुछ ट्रालियों पर यह खेती शुरू की है। धीरे-धीरे इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी। सभी किसानों को इसमें शामिल किया जाएगा। खास बात यह है कि फूलों के तैयार होने पर उन्हें आसपास की मार्केट में बेच दिया जाएगा। इससे मिलने वाले पैसे को आंदोलन पर खर्च किया जाएगा।

कपूरथला से यहां पहुंचे युवा अस्मित व मनदीप ने बताया कि उन्हें यह आइडिया कुछ दिन पहले ही आया है, क्योंकि वे खेती किए बिना नहीं रह सकते। जहां भी जाएंगे वहां खेती तो करेंगे ही। ऐसे में उन्होंने मन बनाया कि यहां भले ही जमीन उपलब्ध नहीं है लेकिन वे उपलब्ध साधनों का बेहतर इस्तेमाल किया जाएगा। ऐसे में उन्होंने कबाड़ बनी पानी की खाली बोतलों को फेंकने की बजाय एकत्रित किया और उन्हें काटकर उनमें मिट्टी व खाद डालकर फूलों की खेती शुरू कर दी। फिलहाल 4 ट्रालियों के चारों ओर सैकड़ों बोतलें टांगी गई हैं जबकि धीरे-धीरे इस संख्या को बढ़ाया जाएगा।

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