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सिंघू बॉर्डर पर एक तरफ का रास्ता खोल सकते हैं किसान, प्रशासन के साथ बातचीत में मिले सकारात्मक संकेत

प्रशासन ने किसानों को सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देकर कहा है कि वे लोगों की परेशानी को देखते हुए जीटी रोड पर एक तरफ का मार्ग खोल दें। इधर, किसानों ने प्रशासन के प्रस्ताव पर सकारात्मक संकेत दिए हैं।

सिंघू बॉर्डर पर एक तरफ का रास्ता खोल सकते हैं किसान, प्रशासन के साथ बातचीत में मिले सकारात्मक संकेत
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किसान आंदोलन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करते सोनीपत के उपायुक्त व एसपी।

हरिभूमि न्यूज. सोनीपत

कृषि कानूनों के विरोध में करीब 9 माह से धरनारत किसान सिंघू बार्डर को बंद कर बैठे हैं। जीटी रोड पर दिल्ली आवागमन का मार्ग बंद होने से न केवल स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ गई है बल्कि दूसरे राज्यों से आने वाले वाहन चालकों को भी लंबा चक्कर लगाकर दिल्ली आवागमन करना पड़ रहा है। स्थानीय संगठनों ने 4 माह से एक तरफ का मार्ग खुलवाने की मांग किसानों से की जा रही है, लेकिन बात सिरे नहीं चढ़ी। इस बीच अब एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए गत दिवस सुप्रीम कोर्ट ने प्रशासन को किसानों से एक तरफ का मार्ग खुलवाने के आदेश दिए हैं।

इसी सिलसिले में किसानों के एक प्रतिनिधि दल के साथ लघु सचिवालय में डीसी ललित सिवाच व एसपी जश्नदीप रंधावा की मौजूदगी में प्रशासन ने बातचीत की। प्रशासन ने किसानों को सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देकर कहा है कि वे लोगों की परेशानी को देखते हुए जीटी रोड पर एक तरफ का मार्ग खोल दें। इधर, किसानों ने प्रशासन के प्रस्ताव पर सकारात्मक संकेत दिए हैं। किसानों ने कहा है कि वे शीघ्र ही संयुक्त मोर्चा की बैठक कर इस संबंध में निर्णय लेंगे और प्रशासन को अवगत करवा देंगे। किसानों के प्रतिनिधि दल का नेतृत्व मोर्चा के नेता मनजीत राय कर रहे थे।

सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अनुपालना करें : डीसी

डीसी ललित सिवाच ने कुंडली-सिंघू बॉर्डर पर धरनारत किसानों से अनुरोध किया कि वे सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अनुपालना व जनहित के लिए सहयोग करें। इसके लिए जीटी रोड के एकतरफा मार्ग पर लोगों को आवाजाही के लिए रास्ता दें, ताकि आम जनमानस को होने वाली समस्याओं को दूर किया जा सके। डी.सी. ने बताया कि याचिकाकर्ता मोनिका अग्रवाल की जनहित याचिका (सिविल) नंबर-249/2021 पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि जनहित में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-44 पर कुंडली-सिंघू बॉर्डर पर धरनारत किसानों से एक तरफ के मार्ग पर आम लोगों को रास्ता दिलाया जाए।

जर्जर हो गया है मार्ग, मरम्मत की सख्त आवश्यकता

डीसी ने बताया कि वे दिल्ली से सोनीपत-पानीपत मार्ग को इसके लिए दे सकते हैं। इस मार्ग पर किसानों की संख्या भी बहुत कम है। साथ ही यह मार्ग काफी जर्जर हो चुका है, जिसकी मरम्मत की सख्त आवश्यकता है। ताकि दुर्घटनाओं की संभावनाओं पर भी विराम लगाया जा सके। किसानों के धरने के चलते भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अंतर्गत जारी राष्ट्रीय राजमार्ग-44 का निर्माण कार्य भी लंबे समय से अवरूद्ध पड़ा है, जिसके चलते लोगों को अत्यधिक समस्याएं उठानी पड़ रही हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कार्य पूरा होने से आम जनमानस को बहुत सुविधा मिलेगी। ऐसे में यदि किसान एक तरफ का रास्ता देते हैं तो राष्ट्रीय राजमार्ग का एक ओर का निर्माण कार्य भी जल्द पूरा हो सकेगा।

किसानों का कहना- करेंगे सकारात्मक विचार

किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि वे सकारात्मक विचार करेंगे। इसके लिए वे संयुक्त किसान मोर्चा के अन्य प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर जल्द प्रशासन को सूचित करेंगे। साथ ही कुछ किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि एकतरफ का मार्ग छोड़ने की स्थिति में उन्हें वैकल्पिक जगह उपलब्ध करवाई जाए। इसके अलावा किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि दिल्ली की ओर से राष्ट्रीय राजमार्ग का बंद किया जाना और दीवार खड़ी करना प्रमुख समस्या है।

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