Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

धान की सरकारी खरीद शुरू न पर गुस्साए किसानों व आढ़तियों ने लगाया जाम

भाकियू नेता संजीव आलमपुर ने कहा कि पहले सरकार ने धान की खरीद 25 सितम्बर से करने का ऐलान किया था, लेकिन अब सरकार 11 अक्टूबर से खरीद करने की बात कह रही है किसानों के साथ सौतेला व्यवहार करने पर तुली है।

धान की सरकारी खरीद शुरू न पर गुस्साए किसानों व आढ़तियों ने लगाया जाम
X

कुरुक्षेत्र : बीआर चौक पर जाम लगाते किसान।

हरिभूमि न्यूज : कुरुक्षेत्र

धान की सरकारी खरीद न होने से गुस्साएं किसानों व आढ़तियों ने बीआर चौक पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। किसानाें ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों ने बीआर चौक पर लगे विधायक के पोस्टर को भी फाड़ दिया और पोस्टर को आग के हवाले कर दिया। वहीं मजदूरी कम किए जाने के विरोध स्वरुप मंडी में मजदूर पहले से ही हड़ताल पर है। सरकार द्वारा एक अक्टूबर से खरीद शुरू की जानी थी लेकिन अब 11 अक्टूबर से खरीद शुरू करने के निर्देश आए है। इसके विरोध में किसानाें का गुस्सा उबाल पर पहुंच गया। शुक्रवार सुबह से ही किसान व आढ़ती मार्किट कमेटी कार्यालय में एकजुट होना शुरू हो गए थे। भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने मार्किट कार्यालय पहुंचकर धान की खरीद शुरू किए जाने की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।

भाकियू नेता संजीव आलमपुर ने कहा कि पहले सरकार ने धान की खरीद 25 सितम्बर से करने का ऐलान किया था, लेकिन अब सरकार 11 अक्टूबर से खरीद करने की बात कह रही है किसानों के साथ सौतेला व्यवहार करने पर तुली है। धान की सरकारी खरीद को समय से शुरू ना करना सरकार की किसान विरोधी सोच को दर्शाता है। किसान नेता दिलबाग सिंह ने कहा कि कोरोना महामारी से पहले सितंबर से ही सिर्फ धान की सरकारी खरीद को शुरू कर दिया जाता था, लेकिन पिछले सीजन से धान की सरकारी खरीद को बहुत देरी से शुरू किया जा रहा है। इससे किसानों की फसलें समय पर नहीं लिख पाती हैं और यह फसल किसानों को घर में ही रखनी पड़ती है जिससे उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ता है।

किसान नेताओं ने चेताया कि यदि सरकार ने अब भी समय रहते धान की सरकारी खरीद को शुरू नहीं किया तो पूरे राज्य में किसान एक बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। यदि सरकार अपने अडि़यल रवैया पर रही तो पूरे राज्य की मंडियों को बंद करने का भी काम करेंगे। वही मजदूरी कम किए जाने के विरोध स्वरुप मजदूर पहले ही हड़ताल पर बैठे है। इस कारण मंडियों में पहुंचने वाले किसानों की चिंता बढ़ गई है। धान की लोडिंग-अनलोडिंग में उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

Next Story