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किसान आंदोलन : किसान नेता बोले : पुलिस चाहे तो गोली मार दें, लेकिन हम नहीं हटेंगे पीछे

किसान नेताओं का कहना है कि सरकार के रुख को देखते हुए लगता है कि सरकार समस्या का समाधान करने के पक्ष में ही नहीं है। जिसके बाद अब टकराव के आसार बढ़ते जा रहे हैं।

किसान आंदोलन : किसान नेता बोले : पुलिस चाहे तो गोली मार दें, लेकिन हम नहीं हटेंगे पीछे
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हरिभूमि न्यूज. सोनीपत। तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर कुंडली बॉर्डर पर 46 दिनों से आंदोलनरत किसानों ने अब आंदोलन को तेज करने की रणनीति बनानी शुरू कर दी है।

सरकार के साथ आठ दौर की वार्ता के बाद भी आंदोलन का कोई समाधान न निकलने से किसानों में नाराजगी बढ़ रही है। किसान नेताओं का कहना है कि सरकार के रुख को देखते हुए लगता है कि सरकार समस्या का समाधान करने के पक्ष में ही नहीं है। जिसके बाद अब टकराव के आसार बढ़ते जा रहे हैं।

किसान नेताओं ने ऐलान किया है कि जिस तरह से हर बाधा को पार करते हुए वे दिल्ली की दहलीज तक पहुंच गए हैं। इसी प्रकार गणतंत्र दिवस की परेड के लिए भी बैरिकेट तोड़ते हुए दिल्ली के अंदर तक घुसेंगे। किसानों के इस ऐलान के बाद सरकार की परेशानी भी बढ़ने लगी है।

हरियाणा-दिल्ली बॉर्डर पर करीब डेढ़ महीने से आंदोलनरत किसान तीन कृषि कानूनों को निरस्त करवाने की मांग को लेकर धरने पर डटे हुए हैं। इतने दिन बीतने के बाद भी समस्या का कोई समाधान नहीं निकल रहा। सरकार के साथ हो चुकी आठ दौर की वार्ता के बाद भी किसानों की मांगों का कोई समाधान नहीं निकल सका है।

सातवें दौर की वार्ता तक किसानों को आस थी कि सरकार उनकी मांगे पूरी करेगी, लेकिन आठवें दौर की वार्ता के बाद से किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। किसानों को जिस तरह से सरकार ने साफ कहा है कि कृषि कानूनों को रद्द नहीं किया जा सकता है,

उससे किसान अब अपनी ताकत सरकार को दिखाना चाहते है। जिसके लिए सरकार के हर अभियान व कार्यक्रम को किसान रोकना चाहते है। यही कारण है कि अब सरकार के साथ टकराव के हालात पैदा हो रहे हैं।



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