Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

Corona Effect : हर किसी को घर पहुंचने की जल्दी, प्रवासियों की आंखों में साफ दिख रहा है पिछली बार की तरह का डर

प्रतिदिन बढ़ती बंदिशों के बीच संभावित लॉकडाउन (Lockdown) की आशंका के चलते बहादुरगढ़ में एक बार फिर बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिकों (Migrant workers) का पलायन देखने को मिल रहा है। पलायन करने वाले अधिकांश मजदूर यूपी व बिहार के रहने वाले हैं।

Corona Effect : हर किसी को घर पहुंचने की जल्दी, प्रवासियों की आंखों में साफ दिख रहा है पिछली बार की तरह का डर
X

बहादुरगढ़ : अपने घर जाने की तैयारी में खड़े प्रवासी श्रमिक, बारी-बारी से बस में सवार होते प्रवासी श्रमिक।

हरिभूमि न्यूज : बहादुरगढ़

अचानक फिर से कोरोना संक्रमण बढ़ने, हरियाणा में नाइट कर्फ्यू लगने व दिल्ली-यूपी समेत कई राज्यों में सप्ताहांत (वीकेंड) लॉकडाउन लगने के बाद प्रवासी श्रमिकों का पलायन भी रफ्तार पकड़ने लगा है। प्रतिदिन बढ़ती बंदिशों के बीच संभावित लॉकडाउन की आशंका के चलते बहादुरगढ़ में एक बार फिर बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिकों का पलायन देखने को मिल रहा है। पलायन करने वाले अधिकांश मजदूर यूपी व बिहार के रहने वाले हैं।

देशभर में कोरोना की दूसरी लहर शुरू हो चुकी है और हर रोज रिकार्ड नए संक्रमित मरीज मिल रहे हैं। कई प्रदेशों में संक्रमण की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। ऐसे हालातों में अगर फिर से लॉकडाउन की स्थिति बनती है या रेल सेवाएं प्रभावित होती है तो प्रवासी मजदूरों के सामने अपने घर पहुंचना मुश्किल हो जाएगा। यही कारण है कि बहादुरगढ़ से दिल्ली होते हुए यूपी-बिहार जाने वाली ट्रेनों में हर रोज अपने गंतव्य के लिए सवार होने वाले प्रवासी श्रमिकों की संख्या बढ़ रही है। इसके अलावा प्रवासी श्रमिक भाड़े की बस करके भी अपने राज्यों को निकल रहे हैं। रविवार को एचएसआईआईडी से सटे जाखौदा गांव से ऐसी कई बस यूपी व बिहार को रवाना हुई।

प्रवासी मजदूर मंजीत, प्रवीण, सूरज आदि ने बताया कि खेतों का अधिकतर कार्य खत्म हो चुका है। फैक्ट्री मालिक भी वेतन रोक रहे हैं। कोरोना संक्रमण भी बढ़ रहा है। आशंका है कि दिल्ली-हरियाणा में लॉकडाउन लग जाए। इसलिए वे इससे पहले अपने घर बिहार पहुंचना चाहते हैं। प्रवासियों की आंखों में पिछली बार की तरह डर साफ दिख रहा है। हर कोई किसी भी तरह जल्द से जल्द अपने घर पहुंचने के लिए जद्दोजहद कर रहा है।

विदित है कि गत वर्ष कोरोना संक्रमण फैलने के बाद लगाए गए लॉकडाउन में भी यहां से हजारों की संख्या में बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान समेत अनेक स्थानों के लिए प्रवासी मजदूरों ने पलायन किया था। लॉकडाउन के कारण सैकड़ों मजदूरों ने अपना सफर पैदल ही तय किया था। हालांकि बाद में प्रशासन ने भी हजारों श्रमिकों के लिए नि:शुल्क रेल व बस सेवाएं उपलब्ध करवाई थी और उन्हें गंतव्य तक पहुंचाया था। वहीं एसडीएम हितेंद्र शर्मा ने प्रवासी श्रमिकों से अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें।

Next Story