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रेहड़ी फड़ी वालों को भी कर सकेंगे अब लोग ऑनलाइन पेमेंट, सरकार देगी इन्सेटिव

बैठक में जिला अग्रणी बैंक अधिकारी सुरेश प्रभु, सर्व हरियाणा बैंक से नरेंद्र यादव, पीएनबी बैंक से सुमन शर्मा, एयरटेल से सुरेंद्रा अग्रिका, मनोनित पार्षद सरला यादव व सुमन यादव मौजूद थी।

रेहड़ी फड़ी वालों को भी  कर सकेंगे अब लोग ऑनलाइन पेमेंट, सरकार देगी इन्सेटिव
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नारनौल। स्ट्रीट वेंडरों को डिजिटल तरीके से पेमेंट लेने की जानकारी देते अधिकारी।

हरिभूमि न्यूज, नारनौल। शहरी क्षेत्र में स्ट्रीट वेंडर के लिए अच्छी खबर है। शहर में फल-सब्जी, फास्ट फूड की रेहड़ी लगाने वाले अब ग्राहकों से डिजिटल तरीके से पेमेंट ले सकेंगे। इसे लेकर नगर परिषद की ओर से सेमिनार का आयोजन किया।

सेमिनार का मकसद डिजिटल पेमेंट की जानकारी देना रहा। इस बैठक की अध्यक्षता नगर परिषद की चेयरपर्सन भारती सैनी ने की। बैठक में जिला अग्रणी बैंक अधिकारी सुरेश प्रभु, सर्व हरियाणा बैंक से नरेंद्र यादव, पीएनबी बैंक से सुमन शर्मा, एयरटेल से सुरेंद्रा अग्रिका, मनोनित पार्षद सरला यादव व सुमन यादव मौजूद थी। इस टीम ने ट्रेनिंग में बताया गया की किस प्रकार डिजिटल लेन-देन के द्वारा आप 50 से 100 रुपए की मासिक नकदी वापसी का लाभ उठा सकते है।

कैंप के द्वारा ऑनलाइन पेमेंट के लाभ बताने के साथ ही उन्हें ऑनलाइन पेमेंट करने की ट्रेनिंग भी दी गई। इस योजना के माध्यम से उन लोगों को सुविधा होगी जो कैश कम रखते हैं, वे ऑनलान पेमेंट करेंगे। जिससे रेहड़ी-फड़ी वालों के अकाउंट में सीधे पैसे ट्रांसफर होंगे।

जिन लोगों के लोन बैंक द्वारा नहीं हुए हैं, उन्हें भी जल्द से जल्द निपटाने के लिए चेयरमैन भारती सैनी ने अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए ताकि शहर के लोग संपूर्ण रूप से इस योजना का लाभ उठा सके। उन्होंने रेहड़ी संचालकों को बताया कि डिजिटल तरीके से पेमेंट लेंगे तो उन्हें फायदा है। एक तो कैश बैक मिलेगा वहीं सरकार की ओर से इंसेंटिव की सुविधा भी मिलेगी

नारनौल में 685 स्ट्रीट वेंडर, लोन पाने वाले 49

हरियाणा में सबसे ज्यादा रेहड़ी-फड़ी वाले सीएम सिटी करनाल में है। यहां इनकी संख्या 5268 हैं, जिन्हें लाइसेंस दिया गया है। सबसे कम रेहड़ी-फड़ी वाले चरखी दादरी में है। यहां सिर्फ 349 लोगों का रजिस्ट्रेशन किया गया है। इनके बीच नारनौल शहर में 685 स्ट्री वेंडर है। इनमें से 49 को लोन भी दिया गया है।

जिनमें से करीब 30 ने ही डिजिटल तरीके से पेमेंट लेने व करने के लिए कारकोड लिया। वहीं कई डिजिटल पेमेंट के लिए बारकोड लेने को राजी नहीं हुए। वहीं इस प्रक्रिया में शामिल होने क चाह रखने वाले काफी रेहड़ी वालों के पास बैंक खाता व अन्य दस्तावेज नहीं थे। जिसके चलते उन्हें बारकोड नहीं मिल पाया। जो उन्हें अपने बैंक में जाकर करवानी पड़ेगी। बारकोड देने के दौरान सभी वेंडरों को सम­ााया जाएगा कि कैसे वह डिजिटल पेमेंट कर सकते है। इस सिस्टम के तहत एयरटेल कंपनी के साथ टाईअप किया गया है।




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