Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

सरकारी स्कूलों के दिव्यांग छात्रों को पर्वतारोहण के गुर सिखाएगा शिक्षा विभाग

शिक्षा विभाग की ओर से हिमाचल के लाहौल क्षेत्र में 6111 मीटर की ऊंचाई पर स्थित बर्फीली पहाड़ियों से घिरी यूनम पीक का चयन किया गया है। जहां पर दिव्यांग बच्चे अन्य स्कूली बच्चों के साथ 12 दिन तक चलने वाले इस पर्वतारोहण कैंप में अनेक प्रकार की एडवैंचर गतिविधियों का लुत्फ उठाएंगे।

सरकारी स्कूलों के दिव्यांग छात्रों को पर्वतारोहण के गुर सिखाएगा शिक्षा विभाग
X

पहाड़  (फाइल फोटो)

हरिभूमि न्यूज : अंबाला (बराड़ा)

स्कूल शिक्षा विभाग प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले दिव्यांग बच्चों को पर्वतारोहण के गुर सिखाएगा। इसके लिए विभाग की ओर से हिमाचल के लाहौल क्षेत्र में 6111 मीटर की ऊंचाई पर स्थित बर्फीली पहाड़ियों से घिरी यूनम पीक का चयन किया गया है। जहां पर दिव्यांग बच्चे अन्य स्कूली बच्चों के साथ 12 दिन तक चलने वाले इस पर्वतारोहण कैंप में अनेक प्रकार की एडवैंचर गतिविधियों का लुत्फ उठाएंगे। इस कैंप में भाग लेने के लिए कक्षा नौंवी से कक्षा 12 वीं तक के बच्चों का चयन किया गया है। बता दें कि आजादी के अमृत महोत्सव और आजादी के 75 वें वर्ष को ध्यान में रखते हुए 75 प्रतिभागी बच्चे इस पर्वतारोहण अभियान में हिस्सा लेंगे। जो चोटी पर पहुंच कर 75 मीटर की लंबाई वाला तिरंगा लहराएंगें।

हर जिले से दो स्टूडेंट लेगें भाग

29 सितंबर 2021 से लेकर 10 अक्तूबर 2021 तक चलने वाले इस 12 दिवसीय इस कैंप में भाग लेने के लिए हर जिले से एक लड़की व एक लड़के का चयन किया गया है। जिन्होंने स्टेट लेवल पर आयोजित किसी भी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान या गोल्ड मेडल हासिल किया हो। वहीं इनके अलावा हर जिले से एक-एक दिव्यांग छात्र का चयन भी किया गया है। चयनित छात्र-छात्राओं को अपने माता-पिता की लिखित अनुमति के साथ साथ मेडीकल फ फिटनेस प्रमाण-पत्र भी देना होगा। इन बच्चों के साथ राज्य से तीन महिला व तीन पुरूष अध्यापक एस्कार्ट टीचर के रूप में भाग लेगें।

यह गतिविधियां होगी कैंप में शामिल

इस कैंप में स्कूली बच्चे पर्वतारोहण के साथ-साथ ट्रैकिंग, रॉक क्लाइविंग, रेपलिंग, रिवर क्रॉसिंग, मॉरिन वॉकिंग, ग्लेशियर वॉकिंग, क्रमपोनिंग, फ्रंट प्वाइंट क्लाइविंग, आईस क्लाइविंग के अलावा पर्वतारोहण की अलग-अलग प्रकार की तकनीक सीखेंगे। यह पहली बार है कि दिव्यांग छात्र-छात्राएं इतने बड़े पर्वतारोहण अभियान का हिस्सा बनने जा रहे है जोकि एक विश्व रिकार्ड बन सकता है।

शिक्षा विभाग बच्चों के सर्वागीण विकास के लिए सदैव प्रयासरत है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए विभाग समय-समय पर बच्चों के लिए ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करता रहता है जिससे बच्चों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ व्यवहारिक ज्ञान भी हासिल हो। यह पहली बार है कि जब सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले दिव्यांग बच्चे किसी पर्वतारोहण अभियान का हिस्सा बनेंगे।

डॉ. महावीर सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग, हरियाणा

Next Story